Dustbin Direction as Per Vastu: वास्तु का हमारे जीवन पर बहुत गहरा प्रभाव होता है। अगर हमारा घर वास्तु के अनुसार नहीं बना हो तो घर में दरिद्री छा जाती है। साथ ही घर लोगों के लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं रहती है। वहीं सेहत भी अक्सर खराब रहती है। वहीं वास्तु शास्त्र में घर की हर वस्तु की दिशा का विशेष महत्व बताया गया है। जिस तरह पूजा स्थान, रसोई और शयनकक्ष की सही दिशा सुख-समृद्धि से जुड़ी मानी जाती है, उसी तरह डस्टबिन की दिशा भी घर के वातावरण और सकारात्मक ऊर्जा पर प्रभाव डालती है।
मान्यता है कि यदि डस्टबिन गलत दिशा में रखा जाए तो इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और वास्तु दोष उत्पन्न हो सकता है। ऐसे में यहां बात करने जा रहे हैं घर में डस्टबिन किस दिशा में ऱखा जाएं, जिससे आर्थिक स्थिति अच्छी रहे और वास्तु दोष से बचा जा सके। आइए जानते हैं डस्टबिन को घर की किस दिशा में ऱखा जाए…
इस दिशा में न रखें डस्टबिन
वास्तु शास्त्र अनुसार घर की पूर्व और उत्तर दिशा में डस्टबिन रखना अशुभ माना जाता है। साथ ही घर में नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वहीं साथ ही घर के सदस्यों के विकास में बाधा आती है। साथ ही इस दिशा में डस्टबिन रखने से वास्तु दोष भी लगता है। कहा जाता है कि इस दिशा में गंदगी या कचरा रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित होती है और वास्तु देवता नाराज हो सकते हैं।
मां लक्ष्मी हो सकती हैं नाराज
अगर आप डस्टबिन को घर की दक्षिण- पूर्ण दिशा में रखते है तो आपको आर्थिक परेशानियों की सामना करना पड़ सकता है। यहां कूड़ादान रखने से मानसिक तनाव, आर्थिक रुकावट और पारिवारिक अशांति बढ़ने की मान्यता है।
इन दिशाओं रख सकते हैं डस्टबिन
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की घर के दक्षिण-पश्चिम या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रखना चाहिए। ऐसा करने से वास्तु दोष नहीं लगता है। साथ ही घर के सदस्यों की सेहत अच्छी रहती है और धन- धान्य घर में बना रहता है। वहीं डस्टबिन को उत्तर-पश्चिम दिशा में भी रखा जा सकता है। इन दिशाओं में कूड़ादान रखने से नकारात्मक ऊर्जा नियंत्रित रहती है और घर में संतुलन बना रहता है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
डस्टबिन को हमेशा ढक्कन वाला रखें।
कूड़ा रोजाना साफ करें, उसे जमा न होने दें।
डस्टबिन को मुख्य द्वार के सामने न रखें।
रसोई में डस्टबिन को उत्तर-पूर्व दिशा से दूर रखें।
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डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
