Vastu Tips: वास्तु शास्त्र अनुसार घर बनवाते समय न करें ये गलतियां, नहीं तो हो सकता है आपका नुकसान

Vastu Tips: हिन्दू धर्म में वास्तु शास्त्र का बहुत महत्त्व है। यदि वास्तु के हिसाब से आपके घर और उसके अंदर की चीजों की दिशा ठीक न हो तो उसमें रहने वाले लोगों की दशा बिगड़ जाती है।

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घर के ड्राइंग रूम में हंस के जोड़े की मूर्ति रखना शुभ माना जाता है। मान्यता है इससे आर्थिक लाभ प्राप्त होता है। (फोटो सोर्स- पिक्साबे)

हिन्दू धर्म में दशा और दिशा का स्थान बहुत महत्त्वपूर्ण होता है। शास्त्रों के मुताबिक हर क्षेत्र में दशा और दिशा पर बात होती है। यहां तक की शरीर की दशा और दिशा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक जिस प्रकार मनुष्य का शरीर उसका घर है, उसी तरह वह शरीर जिसमें रहता है वह बड़ा घर है। इसलिए घर के अंदर का वास्तु कैसा हो यह जानना बेहद जरूरी है।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक यदि वास्तु खराब है तो प्रगति रुक जाएगी, गृहकलह बढ़ जाएगा या कोई बीमारी भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण दिशा को अशुभ माना गया है, इस दिशा में खिड़की नहीं बनवानी चाहिए। इस दिशा में खिड़की क्यों नहीं बनवानी चाहिए, अगर बनवा लिए हैं तो उसके क्या प्रभाव होंगे? आइये जानते हैं।

हिन्दू धर्म में दक्षिण दिशा को यम (मृत्यु के देवता) की दिशा माना जाता है, इसलिए इसे वास्तु शास्त्र में अशुभ माना गया है। वास्तु के हिसाब से यदि आप इस दिशा में खिड़की बनवाते हैं तो इसका हानिकारक प्रभाव घर के सदस्यों पर पड़ेगा। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि यह दिशा नकारात्मकता से भरी होती है। लेकिन अगर आपका घर पहले से ही दक्षिण दिशा में है, या फिर आपका नया घर दक्षिणपंथी है और आपको इस दिशा में खिड़की बनवानी है, तो वास्तु शास्त्र में एक उपाय दिया गया है। इसका समाधान यह है कि यदि संभव हो तो खिड़कियों पर फिर एक मोटा सफेद पर्दा डाल दिया जाये।

यदि आपके घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में अधिक खिड़कियां और दरवाजे हैं तो भगवान हनुमान की मूर्ति इस तरह से रखें कि उनकी आंखें हमेशा दक्षिण की दिशा की तरफ होनी चाहिए। घर के दक्षिण पश्चिम कोने हमेशा भरे होने चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को भारी सामान रखने के लिए उचित माना जाता है। यह राहु ग्रह को शांत रखने में मदद करता है।

दक्षिण पश्चिम दिशा में कोई शौचालय नहीं होना चाहिए, यदि ऐसा होता है तो इसे पितृ दोष भी माना जाता है। यही कारण है कि जिन घरों के दक्षिण- पश्चिम दिशा में शौचालय होते हैं, उनमें राहु और पितृदोष के कारण हमेशा नकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

घर के मालिक का कमरा दक्षिण-पश्चिम दिशा में रख सकते हैं। इसके अलावा यदि घर में दुकान है तो आप इस दिशा में नकद काउंटर, मशीन इत्यादि रख सकते हैं। स्टोर रूम, मास्टर बेडरूम घर की दक्षिण- पश्चिम दिशा में बनाया जा सकता है। इस दिशा को पूर्वजों की जगह भी माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण- पश्चिम दिशा में हरे पौधों को नहीं रखना चाहिए। इस जगह को वास्तु के अनुसार पौधों के लिए शुभ नहीं माना जाता है। दक्षिण- पश्चिम दिशा में सूर्य का पर्याप्त प्रकाश नहीं पहुंच पाएगा। यदि आपके पास इन दिशाओं में पौधे हैं तो आपको आर्थिक परेशानी का खतरा हो सकता है।

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