Vaishakh Month 2026 Vrat Tyohar: हिंदू कैलेंडर के 12 महीनों में से दूसरा माह वैशाख माह मावा जाता है। बता दें कि आकाश मंडल में मौजूद 27 नक्षत्रों में से एक विशाखा नक्षत्र होता है इसी के नाम पर इस माह का नाम वैशाख माह पड़ा है। इस माह को सबसे ज्यादा शुभ और पवित्र माना जाता है। स्कंद पुराण के एक श्लोक के अनुसार “न वैशाखसमो मासो न कृतं समं तपः। न दानं सममस्त्येव न गंगा सममं जलम्॥” यानी वैशाख के समान कोई महीना नहीं, न ही इसके समान कोई तप, दान या गंगा जल है। वैशाख माह का आरंभ चैत्र पूर्णिमा की तिथि के समापन के साथ हो जाता है। ये माह 3 अप्रैल से आरंभ हो रहा है, जो 1 मई को पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करना फलदायी माना जाता है। इसके साथ ही इस माह वरुथिनी एकादशी, अक्षय तृतीया, मोहिनी एकादशी से लेकर गंगा सप्तमी, सीता नवमी आदि पड़ रहे हैं। आइए जानते हैं वैशाख माह में पड़ने वाले व्रत त्योहारों के बारे में। इसके साथ ही जानें नियम।
कब से कब तक वैशाख महीना 2026 (Vaishakh Month 2026 Start End Date)
द्रिक पंचांग के अनुसार, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि 2 अप्रैल को सुबह में 7 बजकर 42 मिनट पर आरंभ हो रही है, जो 3 अप्रैल को सुबह में 8 बजकर 43 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से 3 अप्रैल से ही वैशाख मास आरंभ होगा, जो वैशाख पूर्णिमा को समाप्त होगा। ऐसे में वैशाख माह 3 अप्रैल से शुरू होकर 1 मई 2026 को समाप्त होगा।
वैशाख माह क्यों माना जाता है शुभ
स्कन्द पुराण के वैष्णव खण्ड अनुसार..
न माधवसमो मासो न कृतेन युगं समम्।
न च वेदसमं शास्त्रं न तीर्थं गंगया समम्।
अर्थ -माधवमास यानी वैशाख मास के समान कोई दूसरा महीना नहीं है। सतयुग के समान कोई युग नहीं है। वेदों के समान कोई शास्त्र नहीं है और नां गंगा के समान कोई तीर्थ नहीं है।
वैशाख माह 2026 महत्व (Vaishakh Month 2026 Significance)
हिंदू धर्म में वैशाख माह का विशेष महत्व है। इसे 12 महीनों में से सबसे श्रेष्ठ मास माना जाता है। इस माह दान-पुण्य के साथ व्रत करने से शुभ फलों की प्राप्ति हो सकती है। इस माह भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति हो सकती है।
बता तदें कि जब चैत्र पूर्णिमा पर चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में होते हैं, तो वैशाख माह आरंभ हो जाता है। इस नक्षत्र के स्वामी देवताओं के गुरु बृहस्पति है। इसलिए विष्णु जी के अलावा तुलसी पूजा का विशेष महत्व है।
वैशाख माह 2026 के व्रत त्योहार (Vaishakh Month 2026 Vrat Tyohar)
3 अप्रैल 2026 – वैशाख प्रारम्भ
5 अप्रैल 2026 – विकट संकष्टी
9 अप्रैल 2026 – मासिक कृष्ण जन्माष्टमी
10 अप्रैल 2026 – कालाष्टमी
13 अप्रैल 2026 – वल्लभाचार्य जयंती, वरूथिनी एकादशी
14 अप्रैल 2026 – मेष संक्रांति, सोलर नववर्ष, पुथंडू, अंबेडकर जयंती, बैसाखी, कृष्ण वामन द्वादशी
15 अप्रैल 2026 – विषु कानी, पहेला वैशाख, बुध प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि
17 अप्रैल 2026 – दर्श अमावस्या, वैशाख अमावस्या
18 अप्रैल 2026 – चन्द्र दर्शन, परशुराम जयंती
19 अप्रैल 2026 – अक्षय तृतीया, त्रेता युग दिवस, मातंगी जयंती
20 अप्रैल 2026 – रोहिणी व्रत, संकर्षण चतुर्थी
21 अप्रैल 2026 – शंकराचार्य जयंती, सूरदास जयंती
22 अप्रैल 2026 – रामानुज जयंती, स्कन्द षष्ठी
23 अप्रैल 2026 – गंगा सप्तमी
24 अप्रैल 2026 – बगलामुखी जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी
25 अप्रैल 2026 – सीता नवमी
26 अप्रैल 2026 – महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान
27 अप्रैल 2026 – त्रिशूर पूरम, मोहिनी एकादशी
28 अप्रैल 2026 – परशुराम द्वादशी, भौम प्रदोष व्रत
30 अप्रैल 2026 – नृसिंह जयंती, छिन्नमस्ता जयंती
1 मई 2026- वैशाख पूर्णिमा, कूर्म जयंती, बुद्ध पूर्णिमा
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
