वैशाख अमावस्या हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है, जो पितरों के तर्पण, दान-पुण्य और पवित्र स्नान के लिए विशेष रूप से शुभ मानी जाती है। यह दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान शिव की उपासना के लिए समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, जरूरतमंदों को दान और पितरों का श्राद्ध करने से जीवन में सुख-समृद्धि और पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन सत्तू का दान बहुत ही शुभ माना जाता है। इसी कारण से इसे सतुवाई अमावस्या भी कहते हैं। वहीं इस साल वैशाख अमावस्या पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। आइए जानते हैं तिथि और दान- स्नान का शुभ मुहूर्त…
वैशाख अमावस्या दान- स्नान का शुभ मुहूर्त
वैशाख अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त 04:25 ए एम से 05:09 ए एम तक है, इस दिन सूर्योदय 05:54 ए एम पर होगा। साथ ही अभिजीत मुहूर्त यानि शुभ समय दिन में 11:55 ए एम से लेकर दोपहर 12:47 पी एम तक है।
कब है वैशाख अमावस्या (Kab Hai Vaishakh Amavasya)
अप्रैल में वैशाख अमावस्या मनाई जाएगी। जिसका प्रारंभ 16 अप्रैल की रात 08:11 से होगा और समापन 17 अप्रैल की शाम 05:21 बजे होगा। उदया तिथि अनुसार ये अमावस्या 17 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी।
वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व
वैशाख अमावस्या को पितरों की शांति और मोक्ष के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए तर्पण और दान से पितृ दोष शांत होता है और घर में सुख-समृद्धि आती है। पुराणों के अनुसार, वैशाख माह स्वयं में अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस महीने की अमावस्या पर किया गया स्नान-दान कई गुना फल देता है। यह दिन न केवल पितरों को तृप्त करने का अवसर है, बल्कि अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और पुण्य अर्जित करने का भी श्रेष्ठ समय माना जाता है।
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