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आज है अग्नि पंचक, भूलकर भी शुरू ना करें शुभ कार्य

इस बार पंचक की शुरुआत अग्नि पंचक से हो रही है। इन पांच दिनों में आपको कोर्च कचहरी के कार्यों से राहत मिल सकती है।

जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए।

आज (8 मई) से पंचक शुरू हो गए हैं। ज्योतिष शास्त्र में पंचक को अशुभ नक्षत्रों का योग माना जाता है। जब चंद्रमा कुंभ या मीन राशि में प्रवेश करता है तो उस समय को पंचक कहा जाता है। इस बार पंचक 8 मई मंगलवार की शाम लगभग 06:16 से शुरू होगा, जो 13 मई की सुबह लगभग 11:48 तक रहेगा। पंचक के दौरान शुभ कार्य करना अशुभ माना जाता है। पंचक पांच दिनों तक चलता है और यह साल में कई बार आता है। अगर पंचक रविवार से शुरू होता है तो उसे रोग पंचक कहा जाता है। वहीं सोमवार से शुरू हुआ पंचक राज पंचक कहलाता है। मंगलवार को शुरू हो तो उसे अग्नि पंचक कहा जाता है। इसके अलावा मृत्यु पंचक और चोर पंचक होता है। मृत्यु पंचक शनिवार और चोर पंचक शुक्रवार को होता है। दोनो काफी अशुभ माने जाते हैं।

इस बार पंचक की शुरुआत अग्नि पंचक से हो रही है। इन पांच दिनों में आपको कोर्च कचहरी के कार्यों से राहत मिल सकती है। इस दौरान आगजनी होने की संभावना अधिक होती है। कहा जात है इस दौरान निर्माण कार्य, औजार और मशीनरी कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। ऐसा करना अशुभ माना जाता है। इनसे नुकसान होने की संभावना अधिक रहती है।

पंचक में नहीं करने चाहिए ये काम
1. जिस समय घनिष्ठा नक्षत्र हो उस समय घास, लकड़ी नहीं जलानी चाहिए। इससे आग लगने का खतरा अधिक रहता है।
2. इस दौरान चारपाई बनवाना अशुभ होता है। ऐसा करने से कोई बड़ी समस्या आ सकती है।
3. जब रेवती नक्षत्र चल रहा हो, उस समय घर की छत नहीं बनाना चाहिए।
4. पंचक में अंतिम संस्कार करने से पहले किसी योग्य पंडित की सलाह लेना चाहिए। अगर ऐसा नही होता तो शव के साथ पांच पुतले आटे से बनाकर अर्थी पर रखना चाहिए
5. पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए, क्योंकि दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी गई है।

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