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घर का वास्तु दोष दूर करने के लिए ऐसे किया जाता है ‘ऊं’ का प्रयोग!

घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ लाल सिंदूर से स्वस्तिक बनाएं। और मुख्य द्वार के ऊपर एकदम बीचोंबीच 'ऊं' लिखें।

Author नई दिल्ली | December 19, 2018 2:04 PM
ओम का प्रतीक।

हिंदू धर्म में ‘ऊं’ को पवित्र ध्वनि माना गया है। कहा जाता है कि ‘ऊं’ में दुनिया का सारी शक्तियां विद्यमान हैं। ‘ऊं’ के उच्चारण से हर एक कष्ट दूर हो जाने की बात कही गई है। ‘ऊं’ को ईश्वर का स्वरूप माना गया है। ‘ऊं’ का जाप करने वाले व्यक्ति के आसपास सदैव ईश्वर का निवास होता है। कहा जाता है कि ‘ऊं’ का जाप करने से धन, सेहत और वास्तु की समस्या दूर होती है। ‘ऊं’ का प्रयोग करते समय सही विधि का पालन करना जरूरी माना गया है। क्या आप जानते हैं कि घर का वास्तु दोष दूर करने के लिए ‘ऊं’ का प्रयोग कैसे करना चाहिए? यदि नहीं तो चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

इसके लिए घर के मुख्य द्वार के दोनों तरफ लाल सिंदूर से स्वस्तिक बनाएं। और मुख्य द्वार के ऊपर एकदम बीचोंबीच ‘ऊं’ लिखें। ऐसा मंगलवार के दिन दोपहर के समय करने के लिए कहा गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से घर का वास्तु दोष दूर हो जाता है। इससे परिवार के लोगों की आपसी कलह समाप्त हो जाती है। परिवार के लोग आपस में मिलजुलकर रहने लगते हैं। घर में सकारात्मक माहौल बनता है। साथ ही ऐसा करने से घर की आर्थिक स्थिति में भी मजबूती आने की बात कही गई है।

‘ऊं’ का प्रयोग धनलाभ के लिए भी किया जाता है। इसके लिए एक सफेद कागज का टुकड़ा लें। इस टुकड़े पर हल्दी के घोल से ‘ऊं’ लिखें। इसके बाद इसे पूजा स्थल पर रखकर दीपक और अगरबत्ती दिखाएं। और फिर कागज के सूख जाने के बाद उसे अपने पर्स में रख लें। माना जाता है कि ऐसा करने से आर्थिक दिक्कतें समाप्त हो जाती हैं। जीवन में धन का आगमन होता है। साथ ही रुका धन भी वापस मिलने की बात कही गई है।

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