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हनुमान जी को खुश करने के लिए सुबह उठने और रात में सोने से पहले इस मंत्र का करें जाप

धर्म ग्रंथों की माने तो हनुमान जी के 12 नाम हैं जिनका जाप करने से किस्मत चमक जाती है।

हनुमान जी।

हर कोई चाहता है कि उसके सारे बिगड़े काम बन जाए। अपने बिगड़े कामों को बनाने के लिए लोग कई तरह की पूजा करते हैं, मंदिरों में जाते, व्रत रखते हैं और कई बार पंडितों से सलाह भी लेते हैं। बता दें इस समय चैत्र मास चल रहा है और चैत्र मास की पूर्णिमा में हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है। इस बार हनुमान जयंती 11 अप्रैल को मंगलवार को मनाई जाएगी। अगर धर्म ग्रंथों की माने तो हनुमान जी के 12 नाम हैं जिनका जाप करने से किस्मत चमक जाती है। सोने से पहले और उठने के बाद इन नामों का जाप करने से किस्मत चमक जाती है। ये हैं वो नाम जिनका सोने से पहले और जागने के बाद जाप करें।

हनुमानअंजनीसूनुर्वायुपुत्रो महाबल:।
रामेष्ट: फाल्गुनसख: पिंगाक्षोअमितविक्रम:।।
उदधिक्रमणश्चेव सीताशोकविनाशन:।
लक्ष्मणप्राणदाता च दशग्रीवस्य दर्पहा।।
एवं द्वादश नामानि कपीन्द्रस्य महात्मन:।
स्वापकाले प्रबोधे च यात्राकाले च य: पठेत्।।
तस्य सर्वभयं नास्ति रणे च विजयी भवेत्।
राजद्वारे गह्वरे च भयं नास्ति कदाचन।।

लक्ष्मणप्राणदाता- लंका ने रावण के साथ हो रहे युद्ध में लक्ष्मण बेहोश हो गए थे, जिसके बाद हनुमान जी श्री राम के भाई लक्ष्मण के लिए हिमालय से संजीवनी बूटी लेकर आए। संजीवनी बूटी के कारण लक्ष्मण की जान बच पाई। इसी वजह से हनुमान जी को लक्ष्मणप्राणदाता भी कहा जाता है।

रोमेष्ट- हनुमान जी भगवान राम के प्रिय थे जिस कारण से उन्हें रामेष्ट के नाम से भी जाना जाता है। कई धर्म ग्रंथों में वर्णन मिलता है कि श्रीराम ने हनुमान को अपना प्रिय माना है।

अमितविक्रम – धर्म ग्रंथों में लिखा गया है कि हनुमान जी ने कई ऐसे काम किए जिन्हें करना देवताओं के लिए भी आसान नहीं था। हनुमान जी के काम की वजह से अमितविक्रम भी कहा जाता है।

अंजनीसूनु- हनुमान जी की माता का नाम अंजनी था, जिस कारण से हनुमान जी को अंजनीसूनु और अंजनी पुत्र कहा जाता है।

महाबल- धर्म ग्रंथों  के अनुसार हनुमान जी बहुत ताकतवर रहे हैं जिस कारण से उनमें बल की कोई सीमा नहीं है। इसीलिए उन्हें महाबल भी कहा जाता है।

सीताशोकविनाशन- इसका अर्थ होता है दुखों का निवारण करने वाला। माता सीता के दुखों का निवारण करने के कारण हनुमानजी का ये नाम पड़ा।

 

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