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गुरुवार व्रत कब और कैसे करें शुरू, जानिए इसकी व्रत कथा, आरती और उद्यापन की विधि

Thursday Fast Vidhi: इस व्रत के लिए चने की दाल, गुड़, हल्दी, केले और एक उपले की जरूरत पड़ती है। साथ ही भगवान विष्णु की फोटो भी होना जरूरी है। व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठ जाएं। सभी कार्यों को निपटाकर स्नान कर घर के मंदिर में विष्णु जी की पूजा की तैयारी करें।

गुरुवार व्रत की कथा, आरती, विधि सभी जानकारी मिलेगी यहां।

Guruwar Vrat Katha, Aarti, Mantra, Puja And Udyapan Vidhi: हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित है। इसी तरह गुरुवार यानी बृहस्पतिवार के दिन भगवान विष्णु और बृहस्पतिदेव दोनों की पूजा की जाती है। इस व्रत को विशेष रूप से कुंवारी लड़कियां विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने के लिए रखती हैं। मान्यता ये भी है कि जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा भाव के साथ पूरे 1 वर्ष तक गुरुवार का व्रत रखता है उसके घर में पैसों की तंगी कभी नहीं होती। कैसे रखें ये व्रत, क्या है पूजा विधि और कथा यहां जानिए…

Thursday (Guruwar) Katha: बृहस्पतिवार व्रत की संपूर्ण कथा पढ़ें यहां

कब से शुरू करें गुरुवार व्रत (Guruwar Vrat kaise Kare): 1 वर्ष में कुल 16 गुरुवार व्रत करने चाहिए और 17वें दिन इस व्रत का उद्यापन किया जाता है। इस व्रत को कभी भी शुरू कर सकते हैं सिर्फ पौष माह को छोड़कर। ये माह दिसंबर से जनवरी के बीच में पड़ता है। इस व्रत को आरंभ करने का सबसे शुभ समय हिंदू माह के शुक्लपक्ष के प्रथम गुरुवार को माना गया है।

गुरुवार व्रत की विधि (Guruwar Vrat Vidhi): इस व्रत के लिए चने की दाल, गुड़, हल्दी, केले और एक उपले की जरूरत पड़ती है। साथ ही भगवान विष्णु की फोटो भी होना जरूरी है। व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठ जाएं। सभी कार्यों को निपटाकर स्नान कर घर के मंदिर में विष्णु जी की पूजा की तैयारी करें। इसके लिए सबसे पहले भगवान की मूर्ति को साफ करें। उस पर पीले रंग के फूल चढ़ाएं और 16 गुरुवार व्रत करने का संकल्प लें। अगर पहली बार व्रत शुरू करने जा रहे हैं तब।

अगर ये पूजा केले के पेड़ के सामने कर रहे हैं तो छोटा पीला कपड़ा चढ़ाएं। इस व्रत में केले के पेड़ या भगवान विष्णु की मूर्ति की पूजा करते हैं। पूजा के लिए एक लोटे में जल रखिए। उसमें थोड़ी हल्दी डालकर भगवान या केले के पेड़ को स्नान कराएं। इसके बाद उस लोटे में गुड़ और चने की दाल डाल दें और अगर आप केले के पेड़ की पूजा कर रहे हैं तो उसी पर इसे डाल दें। भगवान का हल्दी या चंदन से तिलक करें, पीला चावल चढ़ाएं, घी का दीपक जलाकर व्रत कथा पढ़ें। कथा के बाद उपले पर हवन करें। गाय के उपले पर घी डालकर अग्नि प्रज्वलित कर लें उस पर हवन सामग्री डालें, गुड़ और चने की आहुति दें। 5, 7 या 11 ॐ गुं गुरुवे नमः मन्त्र का जाप करें और आरती उतारें। अंत में क्षमा प्रार्थना जरूर करें।

गुरुवार व्रत उद्द्यापन विधि (Guruwar Udyapan Vidhi): गुरुवार व्रत का उद्द्यापन करने के लिए एक दिन पहले 5 चीजें लाकर रख लीजिये- चने की दाल, गुड़, हल्दी, केले, पपीता और पीला कपड़ा। फिर गुरुवार को हर व्रत की तरह यथावत पूजा करिए उसके बाद भगवान से प्रार्थना करिए की आपने अपने व्रत पूरे कर लिए हैं और भगवान आप पर कृपा बनाये रखें, और आज आप इस व्रत का उद्यापन करने जा रहे हैं। पूजा में सारी सामग्री भगवान विष्णु को चढ़ाकर किसी ब्राह्मण को दान करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।

Thursday Aarti: बृहस्पतिवार की आरती यहां पढ़ें

Vishnu Ji Ki Aarti: भगवान विष्णु की आरती यहां देखें

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