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नींबू-लौंग के इस उपाय से शनि की साढ़ेसाती और ढैया दूर होने की है मान्यता

हनुमान की आराधना से शनि की साढ़ेसाती और ढैया का निवारण होने की बात भी कही जाती है। हालांकि इसके लिए हनुमान की आराधना की खास विधि बताई गई है।

Author नई दिल्ली | January 9, 2019 12:12 PM
शनिदेव।

ज्योतिष शास्त्र में शनि को अत्यधिक क्रोधी ग्रह माना जाता है। कहा जाता है कि जिस व्यक्ति पर शनि का प्रकोप पड़ता है उसे अपने जीवन में कई तरह की पेरशानियों का सामना करना पड़ता है। इसे शनि दोष भी कहा जाता है। शनि के सभी दोषों को दूर करने के लिए हनुमान की आराधना करना बेहद लाभदायक माना गया है। हनुमान को संकट मोचन कहा गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि हनुमान व्यक्ति के सभी संकटों का निवारण करते हैं। हनुमान की आराधना से शनि की साढ़ेसाती और ढैया का निवारण होने की बात भी कही जाती है। इसके लिए हनुमान की आराधना की खास विधि बताई गई है। इस विधि में नींबू और लौंग से जुड़ा उपाय करने की सलाह दी गई है।

नींबू और लौंग का उपाय: कुछ लोगों को शनि की साढ़ेसाती, ढैया इत्यादि के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए शनिवार को नींबू और लौंग से जुड़ा उपाय किया जाता है। लाल किताब के अनुसार, शनिवार के दिन शुभ मुहूर्त में किसी शनि मंदिर में जाएं। वहां हनुमान जी को एक नींबू के साथ 4 लौंग चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान को तेल और सिंदूर चढाएं। बाद में 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें।

इसके बाद नींबू में लौंग को चुभा दें। फिर नींबू से लौंग निकालकर उसे हाथ में लेकर हनुमान जी से मन ही मन प्रार्थना करें। साथ ही मन में यह भी कामना करें कि शनि के जितने भी दोष हैं, उसका निवारण हो जाए। लौंग को लेकर घर आ जाएं और किसी पवित्र और सुरक्षित जगह पर रखें। कहते हैं कि इस उपाय को सच्ची श्रद्धा के साथ किया जाना अनिवार्य है। माना जाता है कि बिना श्रद्धा के किया गया हनुमान जी से जुड़ा कोई भी उपाय सफल नहीं होता है। इसलिए इसका ध्यान रखें।

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