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ज्योतिष के अनुसार ये है नहाने का सही तरीका, इसके बताए गए हैं ढेरों फायदे

पानी में सफेद फूल डालकर स्नान करने को शुभ माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।

Author नई दिल्ली | September 5, 2018 2:27 PM
सांकेतिक तस्वीर।

हम और आप प्रतिदिन नहाते हैं। नहाने से हमारे शरीर को ताजगी मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ज्योतिष के अनुसार नहाने का सही तरीका क्या है? यदि नहीं तो हम आपको इसके बारे में आज बताने वाले हैं। मालूम हो कि सनातन धर्म में भी स्नान का काफी महत्व बताया गया है। इसके अनुसार स्नान करने से शरीर की शुद्धि होती है। प्रत्येक दिन सूर्योदय के समय पानी में नारंगी या लाल रंग का फूल मिलाकर स्नान करने की सलाह दी जाती है। इसके साथ ही पानी में एक चुटकी लाल चंदन मिलाकर स्नान करने को भी शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस विधि से नहाने से सूर्य के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता है। ऐसा होने से व्यक्ति को अपने जीवन में सफलताएं हासिल होती हैं।

कई लोगों को बार-बार हड्डी, आंख या दिल से जुड़ी बीमारियों का सामना करना पड़ता है। कहते हैं कि ऐसा कुंडली में सूर्य के कमजोर होने की वजह से होता है। इसलिए नहाने के बाद सूर्य को जल अर्पित करने की सलाह दी जाती है। कुंडली में सूर्य के कमजोर होने पर व्यक्ति को समाज से मान-सम्मान मिलना कम हो जाता है। ऐसी स्थिति में भी सूर्य को मजबूत करने के लिए कहा जाता है। मान्यता है कि स्नान करते समय कम से कम पानी का इस्तेमाल करने से सूर्य देव प्रसन्न होते हैं।

इसके साथ ही पानी में सफेद फूल डालकर स्नान करने को भी शुभ माना गया है। कहते हैं कि ऐसा करने से कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है। ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा के कमजोर होने से व्यक्ति तनाव का शिकार हो जाता है। उसका काम करने में मन नहीं लगता और खांसी-जुकाम का समस्या आम हो जाती है। इसके अलावा पानी में बेल की जड़ या लाल चंदन मिलाकर स्नान करने को भी शुभ माना गया है। कहते हैं कि इस विधि से नहाने से मंगल मजबूत होता है।

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