ताज़ा खबर
 

इन दो ग्रहों का व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है सबसे अधिक प्रभाव, जानिए इससे बचने के लिए क्या बताए गए हैं उपाय

कहते हैं कि जिस जातक की कुंडली में शनि अच्छी स्थिति में होती है उसे जीवन में यश, सम्मान, प्रतिष्ठा और नौकरी-रोजगार में भी अपार सफलता मिलती है।

Author नई दिल्ली | May 14, 2019 4:18 PM
सांकेतिक तस्वीर।

ज्योतिष के अनुसार वैसे तो सभी नौ ग्रहों का व्यक्ति के जीवन पर खास प्रभाव पड़ता है। परंतु इन सब में दो ग्रह ऐसे हैं जिसका व्यक्ति के जीवन पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। इनमें से एक बृहस्पति और दूसरा शनि ग्रह है। ज्योतिष शास्त्र में जहां शनिदेव को न्याय का देवता माना गया है। वहीं बृहस्पति को देवताओं का गुरु के रूप में जाना जाता है। कहते हैं कि जिस जातक की कुंडली में शनि अच्छी स्थिति में होती है उसे जीवन में यश, सम्मान, प्रतिष्ठा और नौकरी-रोजगार में भी अपार सफलता मिलती है। इसके अलावा जब जातक की कुंडली में बृहस्पति की स्थिति अच्छी नहीं होती है तो ऐसे में जातक को वैवाहिक जीवन से संबंधित अनेक प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आगे हम जानते हैं कि ये दो ग्रह किस प्रकार जीवन पर प्रभाव डालते हैं और इसके प्रभाव से बचने के लिए क्या उपाय बताए गए हैं।

ज्योतिष के अनुसार अगर बृहस्पति कुंडली में मजबूत है तो जातक को दो चीजें बहुत आसानी से मिल जाती है। इनमें से एक है सत्विकता और दूसरा है दूसरों को समझाने और सलाह देने की आदत। इसके उलट जब बृहस्पति खराब हो जाता है तो व्यक्ति बिलकुल भी सात्विक नहीं होता। इसके अलावा कमजोर बृहस्पति वैवाहिक जीवन पर बुरा असर डालता है। वहीं अगर कुंडली का शनि अशुभ स्थिति में है तो ऐसे में जातक को जीवन में कदम-कदम पर भटकाव नजर आता है। शनि के अशुभ प्रभाव के कारण जातक को नौकरी और रोजगार में भी सफलता नहीं मिलती। इसके अलावा खराब शनि व्यक्ति शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है।

ज्योतिष शास्त्र में शनि और बृहस्पति के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। खराब बृहस्पति को ठीक करने के लिए अपने से बड़ों का अधिक से अधिक सम्मान करना चाहिए। इसके अलावा बृहस्पति को ठीक करने के लिए रोज सुबह 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए। वहीं शनि दोष से बचने के लिए शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। साथ ही रोज शाम को शनि-मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए। यदि कष्ट ज्यादा हो रहा हो तो शनिवार को छाया दान करना चाहिए। सरसों के तेल में अपनी छाया देखकर वो तेल दान कर देना चाहिए। ऐसा करने से शनि का अशुभ प्रभाव धीरे-धीरे खत्म हो जाता है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

X