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राहु-केतु के प्रकोप को दूर करने के लिए किए जाते हैं शहद से जुड़े ये उपाय

सर्वप्रथम राहु की स्तुति कर पूजा करें। बादामों के ढेर पर राहु की प्रतिमा स्थापित करें। तांबे के कलश में शहद और जल मिला लें। जल में तिल डालकर कलश पर मौली बांध दें।

शहद का सेवन शरीर को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाने में मदद करता है।

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को छाया ग्रह बताया गया है। कहते हैं कि जब किसी व्यक्ति के ऊपर राहु-केतु की छाया पड़ जाती है, तब वह तमाम तरह की परेशानियों से घिर जाता है। ऐसी मान्यता है कि राहु-केतु की छाया पड़ने से व्यक्ति की सेहत खराब हो जाती है और उसे आर्थिक हानि का भी सामना करना पड़ता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहु-केतु की छाया से बचने के लिए शहद से जुड़े कुछ उपाय भी बताए हैं? इन उपायों के बारे में कहा जाता है कि इनसे राहु-केतु के प्रकोप से बचा जा सकता है और प्रकोप को दूर भी किया जा सकता है। क्या आपको इन उपायों के बारे में पता है। यदि नहीं तो हम आपको इस बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं।

आर्थिक हानि से बचने के लिए शहद से जुड़ा एक उपाय बड़ा ही आम है। इसके लिए गेंहू को जमीन पर बिछाकर राहु की प्रतिमा स्थापित करें। पंचोपचार पूजन कर एक दीया जलाएं। इसके बाद तांबे के कलश में शहद और जल मिला लें। जल में कर्पूर डालकर कलश पर मौली बांध दें। इसके बाद उत्तर दिशा की ओर मुख करके रुद्राक्ष माला से जाप करें। कहते हैं कि ऐसा करने से व्यवसाय में लाभ की प्राप्ति होती है।

इसके साथ ही शत्रु बाधा से मुक्ति पाने के लिए भी शहद से जुड़ा एक उपाय किया जाता है। इसके लिए राहु की स्तुति कर पूजा करें। बादामों के ढेर पर राहु की प्रतिमा स्थापित करें। तांबे के कलश में शहद और जल मिला लें। जल में तिल डालकर कलश पर मौली बांध दें। इसके बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मंत्र जाप करें। कहते हैं कि प्रेम प्राप्ति के लिए लकड़ी की चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। इस पर अक्षत फैलाकर राहु की प्रतिमा स्थापित करें। पंचोपचार पूजन कर तांबे के कलश में शहद और पानी डाल दें। जल में केसर डालकर कलश पर मौली बांध दें। इसके बाद पूर्व दिशा की ओर मुख करके मंत्र जाप करें।

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