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Rajyog: जीवन में सारे सुखों का कारक है राजयोग, जानें राशि के अनुसार कब मिलेगा शुभ फल

Rajyog in Kundli 9th House: वैदिक ज्योतिष के अनुसार जन्म कुंडली में नवम भाव व्यक्ति के भाग्य का प्रतिनिधित्व करता है।

Rajyog: जीवन में सारे सुखों का कारक है राजयोग, जानें राशि के अनुसार कब मिलेगा शुभ फल
Rajyog in Kundli: जन्म कुंडली में कब और कैसे बनता है राजयोग ? (Image: Canava)

Rajyog Formed in Kundali: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुंडली से व्यक्ति के भाग्य का पता लगाया जाता है। किसी भी जातक की कुंडली का नवम भाव भाग्य के बारे में जानकारी देता है। कुंडली का नवम भाव धर्म और कर्म के बारे में भी बताता है। साथ ही उनकी अच्छाई के कारण मनुष्य जीवन में बहुत उन्नति करता है। नवम भाव का स्वामी कुंडली में राजयोग बनाता है। जानिए नवम भाव से कुंडली में कैसे बनता है राजयोग-

कुंडली का नवम भाव

कुण्डली के नवम भाव के स्वामी सूर्य, चंद्र या बृहस्पति होने से जातक को राज्य के राजयोग का सुख प्राप्त होता है। ऐसी कुंडली वाले व्यक्ति राज्य में उच्च पदों पर पहुंचते हैं। इसी प्रकार नवम भाव सर्वाधिक शक्तिशाली होता है। इसके साथ ही इसे लक्ष्मी का स्थान भी माना जाता है। ऐसे में यदि नवम भाव का दशम भाव से संबंध हो तो धर्म कर्माधिपति राजयोग बनता है।

नवम भाव की शुभता

ऋषि पराशर के अनुसार कुंडली में नवम भाव सर्वाधिक शुभ होता है। यदि इस भाव के स्वामी का संबंध दशम भाव और दशम भाव से हो तो जातक बहुत भाग्यशाली होता है। इसके अलावा जातक बहुत धनवान होता है। इसके अलावा जातक राजयोग का आनंद उठाता है। इस राजयोग के पीछे दशम भाव का विशेष महत्व है। ज्योतिष शास्त्र में दशम भाव को बहुत ही शुभ माना जाता है। क्योंकि यह घर सबसे शक्तिशाली है। इस घर को विष्णु का वास भी माना जाता है।

राशि अनुसार कैसे बनता है राजयोग

  1. मेष राशि: जब कुंडली के 9वें और 10वें भाव मंगल और गुरु विराजमान हों
  2. वृषभ राशि: जब कुंडली के 9वें और 10वें भाव शुक्र और शनि विराजमान हों, शनि द्वारा बनाया गया राजयोग बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
  3. मिथुन राशि: जब कुंडली के 9वें और 10वें भाव बुध और शनि विराजमान हों
  4. कर्क राशि: यदि कुंडली में चंद्रमा और बृहस्पति 9वें और 10वें भाव में हों तो यह योग त्रिकोण राजयोग बनता है।
  5. सिंह राशि: कुंडली में यदि सूर्य और मंगल 9वें और 10वें भाव में विराजमान हों तो राजयोग कारक योग बनता है।
  6. कन्या राशि: कुंडली के 9वें और 10वें भाव में बुध और शुक्र की युति होने पर ऐसे व्यक्ति को राजयोग का सुख प्राप्त होता है।
  7. तुला राशि: इस राशि में जब शुक्र और बुध 9वें और 10वें भाव में विराजमान हों तो इनके कुंडली में राज योग बनता है।
  8. वृश्चिक राशि: इस राशि के 9वें और 10वें भाव में सूर्य और मंगल की युति के बाद राजयोग बनता है।
  9. धनु राशि: इस राशि के 9वें और 10वें भाव में सूर्य और गुरु विराजमान हों तो राजयोग बनता है।
  10. मकर राशि: मकर राशि के जातकों की कुंडली के 9वें और 10वें भाव में बुध और शनि की युति हो तो राजयोग बनता है।
  11. कुंभ राशि: कुम्भ राशि के 9वें और 10वें भाव में शुक्र और शनि की युति होने पर राजयोग का सुख मिलता है।
  12. मीन राशि: कुंडली के 9वें और 10वें भाव में जब गुरु और मंगल विराजमान हों तो मीन राशि में राजयोग बनता है।

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First published on: 01-12-2022 at 04:28:08 pm
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