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ज्योतिष शास्त्र: बच्चों की सुरक्षा के लिए ये ग्रह होते हैं जिम्मेदार, जानिए किन उपायों से बच्चे रहेंगे स्वस्थ

ज्योतिष के मुताबिक बच्चे की उम्र के आठ वर्ष तक सबसे अधिक प्रभाव चंद्रमा का होता है। इसके बाद चंद्रमा का प्रभाव क्रमशः कम और शांत होने लगता है। साथ ही बारह साल तक चंद्रमा स्थिर रहता है।

Author नई दिल्ली | May 14, 2019 4:33 PM
सांकेतिक तस्वीर।

हर माता-पिता को अपने बच्चों के जीवन की चिंता रहती है। बच्चे सुरक्षित रहे, स्वस्थ रहें और बच्चे अपने जीवन में उन्नति कर सके ये प्रायः हर मां-बाप चाहते हैं। परंतु कई कोशिशों के बावजूद कई बार ऐसा होता है कि बच्चे सुरक्षित नहीं रहते, ये बीमार हो जाते या फिर किसी दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं। इन सब के बीच आगे हम जानते हैं कि बच्चों की सुरक्षा के लिए कौन-कौन से ग्रह जिम्मेदार होते हैं? साथ ही किन ज्योतिषीय उपायों से बच्चे स्वस्थ रह सकते हैं।

ज्योतिष के मुताबिक बच्चे की उम्र के आठ वर्ष तक सबसे अधिक प्रभाव चंद्रमा का होता है। इसके बाद चंद्रमा का प्रभाव क्रमशः कम और शांत होने लगता है। साथ ही बारह साल तक चंद्रमा स्थिर रहता है। बारह वर्ष के बाद जब बच्चा किशोरावस्था में प्रवेश करता है तो बच्चे के जीवन पर बुध का प्रभाव पड़ता है। वहीं जल तत्व की तीन राशियां कर्क, वृश्चिक और मीन, इनसे बच्चे के जीवन का सीधा संबंध बताया गया है। अगर ये राशियां प्रभावित हो जाती हैं तो बच्चों की सुरक्षा के लिए संकट पैदा हो जाता है। यानि अगर चंद्रमा अशुभ है या कर्क, वृश्चिक और मीन राशि भी अशुभ है तो ऐसे में बच्चों की सुरक्षा के लिए संकट खड़ा हो जाता है।

इसके अलावा अगर किसी बच्चे का चंद्रमा है तो बच्चा शुरू से ही बीमार रहता है। साथ ही यदि किसी बच्चे की कुंडली में बालारिष्ट योग हो तो ऐसे बच्चों का स्वास्थ्य भी खराब रहता है। अगर किसी बच्चे की कुंडली के केंद्र में, चौथे भाव में, सातवें भाव में और दसवें भाव में कोई ग्रह न हो तो ऐसी दशा में भी बच्चों के स्वास्थ्य के बिगड़ने की संभावना बढ़ जाती है। जिन बच्चों का मूलांक 02, 04, 07 और 08 हो तो ऐसे बच्चे बचपन में बीमार रहते हैं। इन सब से निजात पाने के लिए बच्चे के गले में चांदी का बना हुआ एक अर्ध चंद्र लाल धागे में पिरोकर सोमवार की रात पहनाना चाहिए। साथ ही बच्चे के लिए रोज सुबह ‘नमः शिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए। इसके लिए यदि बच्चे की माता जाप करें तो लाभ होगा। इसके अलावा बच्चे के माता-पिता को हर सोमवार के दिन सफेद वस्तु का दान करना चाहिए।

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