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वास्तु के अनुसार ऐसे घर में रहने वाले ज्यादा होते हैं गुस्से का शिकार

घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में पानी की टंकी रखने के लिए मना किया गया है। कहते हैं कि ऐसा होने पर घर में सुख-शांति का वास नहीं होता।

Author नई दिल्ली | November 12, 2018 1:54 PM
सांकेतिक तस्वीर।

गुस्सा हर किसी को आता है। गुस्सा आना एक स्वभाविक क्रिया है। सामान्य गुस्से को एक स्वस्थ्य मनुष्य की निशानी भी माना गया है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें कुछ ज्यादा ही गुस्सा आता है। ये छोटी-छोटी बातों से चिड़ जाते हैं और गुस्सा कर बैठते हैं। इनके गुस्से की वजह से कई बार रिश्ते खराब हो जाते हैं तो कई बार कुछ और समस्या आन पड़ती है। क्या आप जानते हैं कि अत्यधिक गुस्से के लिए आपका घर भी जिम्मेदार हो सकता है? जी हां, वास्तु शास्त्र में इस बारे में विस्तार से बताया गया है। वास्तु के मुताबिक कुछ ऐसे घर होते हैं जिनमें रहने वालों को गुस्सा ज्यादा आता है। चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि घर का दक्षिण-पश्चिम भाग खुला हुआ नहीं होना चाहिए। इसके मुताबिक यदि दक्षिण-पश्चिम भाग खुला हो तो उस घर में रहने वाले लोगों को गुस्सा ज्यादा आता है। यहां रहने वाले लोग ज्यादा चिड़चिड़े स्वभाव के होते हैं। वास्तु में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि घर को भूलकर भी गंदा नहीं रखना चाहिए। घर गंदा होने पर लोगों में क्रोध की प्रवृत्ति जागृत हो जाती है। ऐसे घर में खुशियों का वास नहीं होता। घर के सदस्य आपस में लड़ते-झगड़ते रहते हैं।

इसके साथ ही घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में पानी की टंकी रखने के लिए मना किया गया है। कहते हैं कि ऐसा होने पर घर में सुख-शांति का वास नहीं होता। लोगों को गुस्सा ज्यादा आता है। इसके अलावा घर की उत्तर-पश्चिम दिशा में रसोई बनवाने की भी मनाही है। वास्तु के अनुसार इस दिशा में रसोई होने से घर के लोग मुश्किल में पड़ जाते हैं। ऐसे लोग अपने काम में काफी उलझे रहते हैं। और घर की अन्य चीजों पर ध्यान नहीं दे पाते।

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