ताज़ा खबर
 

महाभारत काल में भी थे हनुमान और जामवंत समेत रामायण युग के ये पांच लोग

कहते हैं कि जामवंत की आयु परशुराम और हनुमान जी से भी ज्यादा थी। जामवंत का जन्म सतयुग में राजा बलि के काल में हुआ था। जामवंत के नाम का उल्लेख त्रेतायुग और द्वापर युग में भी मिलता है।

Author नई दिल्ली | Published on: April 30, 2018 7:42 PM
हनुमान जी।

रामायण और महाभारत काल से जुड़े तमाम प्रसंग बड़े ही प्रसिद्ध हैं। इन्हीं प्रसंगों में से एक उन लोगों से जुड़ा हुआ है जो रामायण और महाभारत दोनों ही कालों में थे। इनमें हनुमान और जामवंत समेत कुल पाचं लोगों का नाम शामिल है। इन पांचों का जिक्र रामायण और महाभारत दोनों में ही हुआ है। इस प्रकार से यह वाकई एक दिलचस्प प्रसंग है। आइए जानते हैं इन पांच लोगों के बारे में।

जामवंत: कहते हैं कि जामवंत की आयु परशुराम और हनुमान जी से भी ज्यादा थी। जामवंत का जन्म सतयुग में राजा बलि के काल में हुआ था। जामवंत के नाम का उल्लेख त्रेतायुग और द्वापर युग में भी मिलता है। इस प्रकार से जामवंत जी की भेंट राम और कृष्ण दोनों ही लोगों से हुई थी।

हनुमान: महाभारत युद्ध में पांडवों को विजय दिलाने में हनुमान जी का महत्वपूर्ण रोल था। उन्होंने अर्जुन और कृष्ण से उनकी रक्षा का वचन दिया था। हनुमान जी ने अर्जुन और कृष्ण के रथ के ध्वज पर विराजमान होकर उनकी मदद की थी। इसके अलावा उन्होंने भीम के अत्यन्त शक्तिशाली होने का गुरूर भी तोड़ा था।

मयासुर: मयासुर रावण की पत्नी मंदोदरी के पिता थे। यानी कि वे रावण के ससुर थे। मयासुर को राक्षसों का शिल्पी कहा जाता है। उन्होंने रामायण और महाभारत काल में कई विशालकाय भवनों का निर्माण कराया था। इस प्रकार से मयासुर का उल्लेख दोनों ही कालों में मिलता है।

परशुराम: परशुराम को भगवान विष्णु का छठां अवतार माना जाता है। परशुराम का जिक्र रामायण में सीता स्वयंवर के वक्त आता है। जब राम जी ने शिव धनुष तोड़ दी थी। वहीं, महाभारत काल में परशुराम को भीष्म पितामह का गुरु बताया गया है।

महर्षि दुर्वासा: महर्षि दुर्वासा की गिनती उन ऋषियों में होती है जो अपने क्रोध के लिए जाने जाते थे। दुर्वासा को रामायण काल में राजा दशरथ की भविष्यवक्ता बताया गया है। वहीं, महाभारत में वह द्रोपदी की परीक्षा लेने के लिए 10 हजार शिष्यों के साथ उसकी कुटिया पहुंचे थे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 MP के इस मंदिर में राजा की तरह पूजे जाते हैं राम, दी जाती है बंदूकों से सलामी
2 बुद्ध पूर्णिमा 2018 पूजा शुभ मुहूर्त: विष्णु जी के 9वें अवतार हैं भगवान बुद्ध, जानिए कब है शुभ मुहूर्त
3 Happy Buddha Purnima 2018 Wishes Images, Messages: इन शानदार PHOTOS के जरिए अपनों को भेजें बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं