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पान के पत्ते में इन देवी-देवताओं का माना गया है वास, जानिए इसे घर में रखने के लाभ

पान के बीच वाले हिस्से में मां सरस्वती का वास बताया गया है। पान के निचले नुकीले वाले हिस्से में माता लक्ष्मी विराजती हैं।

Author नई दिल्ली | Published on: November 12, 2018 3:22 PM
पान का पत्ता।

हिंदू धर्म में पान को शुभता और संपन्नता का प्रतीक माना गया है। पान के पत्ते के प्रति लोग आस्था भाव रखते हैं। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले देवी-देवता का पूजा की जाती है। और प्रत्येक पूजा में पान के पत्ते का इस्तेमाल किया जाता है। पान के पत्ते से भगवान को नमन किया जाता है। स्कंद पुराण में भी पान के पत्ते का उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार समुंद्र मंथन के समय देवताओं द्वारा पान के पत्ते का इस्तेमाल किया गया था। पान खाना, दान करना और देवताओं को चढ़ाना शुभ माना गया है। साथ ही पान के पत्ते में कुछ देवी-देवताओं का वास माना गया है। चलिए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

पान के बीच वाले हिस्से में मां सरस्वती का वास बताया गया है। पान के निचले नुकीले वाले हिस्से में माता लक्ष्मी विराजती हैं। साथ ही जहां पर पान का पत्ता डंडी से जुड़ा होता है, वह स्थान ज्येष्ठ लक्ष्मी का बताया गया है। इसके अलावा पान के पत्ते में भगवान विष्णु स्वयं समाहित होते हैं। पान के बाहरी किनारे वाली जगह पर भगवान शिव और कामदेव का निवास माना गया है। पान के पत्ते के पीछे की ओर मां पार्वती और मंगलादेवी का स्थान माना गया है। संपूर्ण पान को भगवान सूर्यनारायण का प्रतीक माना जाता है।

पान के पत्ते को घर में पूजा स्थल पर रखना शुभ माना जाता है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक पान के पत्ते से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है। इससे घर के लोगों को नकारात्मकता दूर होती है और वे आपस में मिलजुलकर रहते हैं। वहीं, ज्योतिष शास्त्र में पान के पत्ते का बुध ग्रह से संबंध बताया गया है। इसके मुताबिक बुध ग्रह से संबंधित लाभ पाने के लिए व्यक्ति को तरह-तरह से पान के पत्ते का इस्तेमाल अपने जीवन में करना चाहिए।

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