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गलत ढंग से दीपक जलाने के बताए गए हैं ढेरों नुकसान, जानिए सही विधि

मालूम हो कि कपिला गाय के दूध से बना घी दीपक में जलाना सबसे ज्यादा सात्विक माना जाता है। कहते हैं कि इस दीपक से सात्विकता का प्रसार होता है।

Author नई दिल्ली | August 7, 2018 1:46 PM
दीपक। (सांकेतिक तस्वीर)

हिंदू धर्म में होने वाले तमाम पूजा-पाठ में दीपक जलाया जाता है। दीपक की महत्ता यहां तक है कि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। इसके साथ ही दीपक जलाने के कई सारे फायदे भी बताए गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत ढंग से दीपक जलाने के ढेरों नुकसान भी हैं? जी हां, आज हम आपको दीपक जलाने की सही विधि के बारे में विस्तार से बताएंगे। आपने देखा होगा कि कुछ लोग तेल का दीपक तो कुछ लोग घी का दीपक जलाते हैं। हालांकि घर में तेल से अच्छा घी का दीपक जलाना माना जाता है। यह घी गाय के दूध का बना हो तो और भी बेहतर है। कहते हैं कि गलत ढंग से दीपक जलाने पर पूजा का लाभ प्राप्त नहीं होता और देवी-देवता इससे नाराज हो सकते हैं।

मालूम हो कि कपिला गाय के दूध से बना घी दीपक में जलाना सबसे ज्यादा सात्विक माना जाता है। कहते हैं कि इस दीपक से सात्विकता का प्रसार होता है। बता दें कि कपिला गाय वो होती है जो गौशाला में रहती है और शुद्ध भोजन करती है। माना जाता है कि तेल का दीपक अपने स्थान से केवल एक मीटर की दूरी तक ही सकारात्मकता फैलाता है। लेकिन घी के दीपक की शुद्धता काफी दूर तक जाती है। माना जाता है कि घी का दीपक जलाने से घर की कलह दूर होती है और सकारात्मकता आती है।

अग्निपुराण में भी घी के दीपक की महत्ता बताई गई है। इसके अनुसार घी का दीपक हमारे मणिपुर और अज्ञाक चक्र को शुद्ध करता है। वहीं, तेल के दीपक से पूजा करने पर व्यक्ति के शरीर की सूर्य नाड़ी जाग्रत होती है। मालूम हो कि सरसों के तेल का दीपक प्रतिदिन जलाने का विधान नहीं है। लेकिन आप तिल के तेल की दीपक अपने पूजा घर में प्रतिदिन जला सकते हैं। तिल के तेल को भी दीपक जलाने के लिए बहुत शुद्ध माना गया है।

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