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मंगल के साथ शुक्र की युति से बनेगा मीन राशि में ‘ग्रहीय संयोग’, इन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव

ज्योतिष शास्त्रों में शुक्र को प्रेम, रोमांस, भोग, विलास आदि का कारक ग्रह माना गया है। वहीं मंगल को रक्त, ऊर्जा, तेजी आदि का कारक माना जाता है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर (जनसत्ता)

भारतीय वैदिक ज्योतिष में मंगल को अग्नि, ऊर्जा, भाई, भूमि, शक्ति, साहस, पराक्रम, शौर्य आदि का कारक माना गया है। जबकि शुक्र ग्रह को भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौन्दर्य, रोमांस, काम-वासना आदि का कारक माना गया है। इसके अलावा मंगल अग्नि तत्व ग्रह हैं तो वहीं शुक्र को जल तत्व ग्रह कहा जाता है। ऐसे में अग्नि और जल तत्व का एक साथ किसी राशि में युति करना करीब-करीब सभी राशियों को प्रभावित करने का कार्य करेगा।

ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक 27 अप्रैल 2022, बुधवार की शाम 06 बजकर 06 मिनट पर शुक्र कुंभ से निकलकर गुरु की मीन राशि में पहुंचे हैं। अब मंगल ग्रह भी 17 मई 2022 की सुबह 8 बजकर 58 मिनट पर अपना गोचर मीन राशि में करते हुए, वहां पहले से उपस्थित शुक्र के साथ युति करेंगे। इन दो ग्रहों की ये युति मीन राशि में “ग्रहीय संयोग” का निर्माण करेगी। इसके अलावा मीन राशि में शुक्र ग्रह का उच्च का स्थान है, परिणामस्वरूप शुक्र की ये उच्च स्थिति मंगल के प्रभाव को काफी कम कर देगी। इसलिए यह ग्रहीय संयोग ज्यादातर शुक्र से संबंधित ही प्रभाव देगा।

ज्योतिषियों के अनुसार जिन जातकों का लग्न मीन है, जिनके कुंडली के लग्न भाव में ही शुक्र एवं मंगल विराजमान हों, ऐसे में ऐसे जातकों को इस युति का विशेष लाभ मिल सकता है। क्योंकि ये ग्रहीय दशाएं आपके प्रेम संबंधों में अचानक बड़ा मोड़ लाएगी। वहीं इनके अलावा यदि किसी जातक के कुंडली में वर्तमान में मंगल या शुक्र ग्रह की दशा, अंतर्दशा या महादशा चल रही है, उन जातकों को भी इस ग्रहीय संयोग का सबसे अधिक अनुकूल फल प्राप्त हो सकता है।

इन राशियों को मिल सकते हैं मिले जुले परिणाम:

वृषभ राशि: इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी, साथ ही आपके प्रेम संबंधों में यह गोचर अनुकूलता लेकर आएगा। इस दौरान आपको किसी महिला मित्र से अत्यधिक लाभ मिलने के योग बनेंगे। कुछ जातकों को पाचन संबंधी समस्याओं और आंखों से संबंधित किसी प्रकार के संक्रमण से संबंधित समस्या हो सकती है।

कन्या राशि: मंगल-शुक्र आपके सप्तम भाव में होंगे, इस दौरान बढ़ते ख़र्चों के कारण आपको आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपके लिए यही बेहतर होगा कि किसी भी तरह के निवेश से बचकर रहें। इसके साथ ही अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें और शादीशुदा जातकों के मन में कामुक विचारों की वृद्धि होने से, वे अपने साथी के साथ अकेले समय व्यतीत करने की इच्छा जता सकते हैं।

वृश्चिक राशि: मंगल-शुक्र आपके पंचम भाव में उपस्थित होने से जीवनसाथी के साथ संबंध में कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि मंगल देव आपके क्रोध में वृद्धि करते हुए प्रेमी संग आपके विवाद का कारण बनेंगे। इसलिए ऐसे समय में थोड़ा बातचीत करते समय वाणी पर संयम रखें। आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है, इसलिए अनावश्यक ख़र्चों से बचें तथा अपने ख़र्चों की सही योजना बनाएं।

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