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सावन के महीने में काल भैरव को ऐसे करें खुश

भगवान भैरवनाथ को खुश करने के लिए रविवार, बुधवार और गुरूवार के दिन को शुभ माना गया है।

काल भैरवनाथ

भैरव का अर्थ है मनुष्य को भय रहित करना। भगवान भैरवनाथ मानव के कष्ट का निवारण करते हैं। कहा जाता है कि भैरवनाथ में भगवान विष्ण, महेश और शिवजी की शक्ति है। भैरवनाथ को कई नामों से जाना जाता है। उन्हें भगवान शिवजी का 5वां अवतार कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार काल भैरव को खुश करना बहुत ही आसान है लेकिन अगर काल भैरव नाराज हो जाते हैं तो फिर उन्हें मनाना आसान काम नहीं होता है।

काल भैरव को मनाने के लिए अष्टमी के दिन उनकी खास पूजा की जाती है। कहा जाता है कि अगर भैरवनाथ प्रसन्न हो जाते हैं तो बड़े से भी बड़े दुर्भाग्य को भी सौभाग्य में बदला जा सकता है। आज हम आपके लिए लाए हैं काल भैरव को खुश करने के कुछ आसान तरीके, इन उपायों को अपनाकर आप काल भैरव को खुश कर सकते हैं।

भगवान भैरवनाथ को खुश करने के लिए रविवार, बुधवार और गुरूवार के दिन को शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इन तीनों दिनों में से किस एक दिन भगवान भैरवनाथ के मंदिर में जरूर जाए। इस दिन भगवान भैरवनाथ के मंदिर में तेल की जलेबी चढाएं और कुत्तों को जलेबी जरूर खिलाएं। ऐसा करने से भगवान भैरवनाथ खुश होते हैं और कुंडली के सभी बुरे ग्रहों का बुरा असर खत्म होता है।

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रुके हुए कार्यों को पूरा करने के लिए भैरवनाथ को नींबू चढ़ाया जाता है। माना जाता है कि भैरवनाथ को नींबू चढ़ाना शुभ होता है। पांच गुरूवार तक लगातार भैरवनाथ मंदिर में जाकर नींबू चढ़ाना चाहिए। मंदिर में जाकर भगवान भैरवकाल का ध्यान करना चाहिए।

कहा जाता है कि सृष्टि में हनुमान जी के लिए भैरवनाथ ही एकमात्र ऐसे देवता हैं, जिनकी पूजा करने से शनि दोष कम होता है। जिन लोगों पर शनि देव की बुरी दशा चल रही है, उन लोगों को भैरवनाथ की पूजा करनी चाहिए। मान्यताओं के अनुसार भैरव की उत्पत्ति भगवान शिवजी के खून से हुई थी।

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