Surya In Kundli: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में नवग्रह में से ग्रहों का राजा सूर्य को कहा जाता है। सूर्य पिता, ब्रह्म और आत्मज्ञान का कारक ग्रह है। ऐसे में कुंडली में सूर्य की स्थिति जातक के जीवन में काफी अधिक प्रभाव डालती है। हमारी कुंडली में जिस घर या जिस राशि में होता है, उसके गुणों को जातक के जीवन में असर डालता है। सूर्य को ज्ञान का भंडार माना जाता है। आइए अपनी जन्म कुंडली के आधार पर जानते हैं कि सूर्य की स्थिति कैसी है। ये कैसे आपके करियर, बिजनेस, आर्थिक स्थिति से लेकर स्वास्थ्य पर असर डालता है। इसके साथ ही कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत करने के लिए कौन से उपाय करना होगा लाभकारी…
सूर्य के मित्र और शत्रु ग्रह
मित्र ग्रह- चंद्रमा, मंगल और गुरु
शत्रु ग्रह- शुक्र, शनि, राहु और केतु
सम ग्रह- बुध
कुंडली में मजबूत सूर्य के दिखते हैं ये संकेत
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य कुंडली के पहले, नौवें और दसवें घर का कारक ग्रह है। दसवें भाव में सूर्य को दिगबली माना जाता है, क्योंकि ये बाव कर्म का होता है। ऐसे में अगर कुंडली के इस भाव में सूर्य शुभ स्थिति में बैठा है, तो जातक कर्म में चमक और खूब सफलता दिलाता है। उसके अंदर नेतृत्व करने की क्षमता कूट कर भरी होती है। वह राजा के समान होता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी जातक का जन्म रविवार या फिर दिन के समय हुआ होता है, तो उसकी कुंडली में सूर्य बलवान स्थिति में होता है।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पहले, पांचवें, छठे, नौवें, दसवें और ग्यारहवें घर में सूर्य मजबूत माना जाता है।
अगर सूर्य किसी ग्रह के साथ युति, दृष्टि या फिर किस नक्षत्र में बैठा है। ऐसी स्थिति में सूर्य मजबूत होता है।
कुंडली में बन रहे हैं ये राजयोग
अगर आपकी कुंडली में इन राजयोगों का निर्माण हो रहा है, तो सूर्य की स्थिति मजबूत हो सकती है।
वेशी योग: सूर्य शुक्र या गुरु के साथ हो या फिर दृष्टि पड़ रही है, तो सूर्य की स्थिति मजबूत होती है। अगर आपकी कुंडली में ये योग बनता है, तो आपको लाभ मिल सकता है।
वाशी योग: सूर्य से 12वें घर में ग्रह होने पर बनता है। इस योग के बनने से जातकों के व्यक्तित्व में काफी निखार आता है। इसके साथ ही धन, सुख- समृद्धि के साथ समाज में लोकप्रियता बढ़ती है। आपके व्यक्तित्व में निखार आता है।
उभयचरी योग: सूर्य से पिछले और अगले घर में बारहवें और दूसरे घर में अगर चंद्रमा के अलावा कोई भी ग्रह बैठे तो उभयचरी योग बनता है। इस योग के बनने से जातक सुंदर, आत्मविश्वास, पराक्रमी से लेकर समृद्ध होता है। वह राजा के समान, बुद्धिमान, क्षमाशील होता है। इसके साथ ही व्यापार, प्रसिद्धि, धन से लेकर उच्च पद मिलता है।

हस्तरेखा से भी जानें सूर्य की स्थिति मजबूत है कि नहीं
सूर्य पर्वत- जातक की हथेली में सूर्य पर्वत होता है। अगर यह उठा हुआ यानी आपकी स्किन ऊपर उठी हुई है, तो सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
सूर्य रेखा- अगर हथेली में मौजूद ये रेखा लंबी और गहरी हो, तो सूर्य मजबूत होता है।
शुभ चिन्ह- अगर सूर्य पर्वत और सूर्य रेखा पर शुभ चिन्ह हों जैसे त्रिशूल, त्रिकोण, वर्ग, त्रिकोण, चकोर होतो सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।
हस्त शास्त्र के अनुसार आपकी हथेली में सूर्य रेखा जितनी लंबी होगी उतना ही ज्यादा आपको हर क्षेत्र में सफलता के साथ-साथ यश की प्राप्ति हो सकती है।
सूर्य का प्रभाव
- अगर आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत है, तो जातक के करियर, बिजनेस, आर्थिक स्थिति से लेकर स्वास्थ्य पर असर देखने को मिलता है।
- अगर जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो वह मेहनती होने के साथ-साथ काफी फेमस होता है।
- नौकरीपेशा जातकों की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो वह वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर उच्च अधिकारियों का प्रिय होता है।
- सूर्य मजबूत होने पर इन जातकों को सरकार से लेकर हाई प्रोफाइल लोगों का साथ मिलता है।
- अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो न्याय, धर्म, खेल, सरकार, प्रशासन और चिकित्सा के क्षेत्र में नाम कमाते हैं।
- ऊर्जावान, गतिशील और प्रभावशाली होता है। इसी के कारण ये काफी फेमस होते हैं।
- अगर कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो करियर में पदोन्नति और आर्थिक लाभ आता है। नेतृत्व क्षमता होने से बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
सूर्य मजबूत होने पर ऐसा होता व्यक्तित्व
- अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो वह काफी ऊर्जावान और एक्टिव होते हैं। शरीर हल्का होने के साथ बाल भी हल्के होते हैं। इनकी आंखें शहद की तरह होती हा।
- जब ये जातक किसी सभा, मीटिंग आदि में जाते हैं, तो उसका प्रभाव सबको आकर्षित करता है।
- सूर्य मजबूत होने पर मन शांति रहने के साथ आत्मविश्वास से भरपूर होते हैं।
- इनकी प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है।
सूर्य को मजबूत करने के लिए करें ये खास उपाय
- रविवार के दिन नारंगी या फिर केसरिया रंग के कपड़े धारण करें।
- लाल पेन से पीले कागज पर रोजाना कम से कम 101 बार “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र लिखें। इ
- रोजाना सूर्य को अर्घ्य दें। अर्घ्य देते समय लोटे में जल, सिंदूर, अक्षत और लाल फूल डाल लें।
- शिव उपासना करने से भी सूर्य प्रसन्न होते हैं।
- सूर्य का 12 मुखी रुद्राक्ष धारण करना भी शुभ माना जाता है।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
