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26 दिसंबर को लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जानिए कहां दिखेगा इसका आंशिक रूप तो कहां वलयाकार

ये ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। लेकिन चंद्रमा इस दौरान पृथ्वी को पूरी तरह से अपनी छाया में नहीं ले पाता और सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशित रह जाता है। इसी घटना को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा गया है।

Surya Grahan 2019 Date: ये ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है।

साल का आखिरी ग्रहण लगने में अब कुछ ही दिन शेष रह गये हैं। ये वलयाकार सूर्य ग्रहण होगा। 26 दिसंबर को लगने जा रहे ग्रहण में सूर्य के बीच के भाग को चंद्रमा पूरी तरह से ढक देगा। जिस कारण सूर्य एक आग की अंगूठी की तरह दिखाई देगा। भारत में वलयाकार सूर्य ग्रहण दक्षिण भाग कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के हिस्सों में दिखाई देगा जबकि देश के बाकी हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण का नजारा दिखा जा सकेगा।

कहां दिखेगा आंशिक सूर्य ग्रहण: आंशिक सूर्य ग्रहण नई दिल्ली, मुम्बई, हैदराबाद, बंगलौर, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, सूरत, पुणे, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, नागपुर, इन्दौर, ठाणे, भोपाल, विशाखापट्टनम, पटना, लुधियाना, आगरा, रियाद, कराची, कुआलालम्पुर में लगेगा।

कहां रहेगा वलयाकार सूर्य ग्रहण: मंगलौर, कोयम्बटूर, ऊटी, शिवगंगा, तिरुवनन्तपुरम, टेलिचेरी, अल होफुफ, सिंगापुर में दिखेगा।

सूर्य ग्रहण की तिथि और समय: भारत में ग्रहण काल का प्रारंभ 26 दिसंबर को सुबह 8 बजकर 17 मिनट पर हो जायेगा। हर शहर के समय में इसका थोड़ा बहुत अंतर हो सकता है। ग्रहण का परमग्रास 9 बजकर 31 ए एम पर होगा जबकि ग्रहण का समाप्ति काल 10 बजकर 57 ए एम पर होगा। इस तरह ग्रहण की कुल अवधि लगभग 2 घंटे 40 मिनट की होगी।

ग्रहण सूतक काल: सूतक काल की बात करें तो इसका प्रारंभ 25 दिसंबर की शाम को 5 बजकर 31 मिनट पर हो जायेगा। जिसकी समाप्ति 26 दिसंबर सुबह 10 बजकर 57 मिनट पर ग्रहण की समाप्ति के साथ होगी। भारत में सूतक काल का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल लगते ही किसी भी तरह के शुभ कार्य नहीं किये जाते और ना ही किसी नये काम की शुरुआत। यहां तक की मंदिरों के कपाट भी सूतक में बंद कर दिये जाते हैं। पूजा पाठ के कार्य भी इस दौरान निषेध माने गये है। लेकिन सूतक में मन ही मन आप अपने ईष्ट देव की अराधना कर सकते हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्ग लोगों को सूतक काल में विशेष ध्यान रखना होता है।

वलयाकार सूर्य ग्रहण कब होता है? ये ग्रहण तब घटित होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच में आ जाता है। लेकिन चंद्रमा इस दौरान पृथ्वी को पूरी तरह से अपनी छाया में नहीं ले पाता और सूर्य का बाहरी हिस्सा प्रकाशित रह जाता है। इसी घटना को वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा गया है। इस ग्रहण के समय सूर्य एक आग की अंगूठी की तरह दिखाई देता है।

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