Surya Grahan 2026 Time in India Updates: साल का पहला सूर्य ग्रहण समाप्त हो चुका है। सूर्य ग्रहण एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, लेकिन इसका ज्योतिष में भी विशेष महत्व है। आज साल का पहला सूर्य ग्रहण हुआ था, जो भारत में नहीं दिखाई दिया। यह एक वलयाकार टार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बॉब्वे में आदि जगहों में नजर आया। सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। जानकारी के अनुसार, साल का दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त 2026 में होगा, लेकिन यह भी भारत में दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने वाला है, जो भारत में दृश्यमान होगा। आइए जानते हैं सूर्य ग्रहण से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण जानकारी ….
सूर्य ग्रहण 2026: मुख्य जानकारी (Solar Eclipse 2026)
तारीख: 17 फरवरी 2026
प्रकार: वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse – ‘रिंग ऑफ फायर’)
समय (IST): भारतीय समयानुसार दोपहर 03:26 बजे से रात 07:57 बजे तक।
सूतक काल: भारत में सूतक काल मान्य नहीं होगा, क्योंकि ग्रहण नहीं होगा।
दृश्यता: दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका के कुछ हिस्सों, अटलांटिक महासागर, जिम्बाब्वे, दक्षिण अफ्रीका, जाम्बिया, मोजम्बीक, मॉरीशस, अंटार्कटिका सहित तन्जानिया और दक्षिण अमेरिकी देशों
सूर्य ग्रहण का राशियों पर असर। सूर्य ग्रहण का समय। ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या नहीं
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूर्य ग्रहण की जानकारी खगोलीय गणनाओं और ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए धार्मिक दृष्टि से सूतक काल और अन्य नियम यहां अनिवार्य नहीं हैं। किसी भी ज्योतिषीय उपाय या व्यक्तिगत निर्णय के लिए विशेषज्ञ ज्योतिषी से सलाह लें। यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से साझा की गई है।
कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse August 2026)
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण अगस्त माह में लगेगा, जो वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा जिसमें दूरी के कारण चंद्रमा छोटा दिखाई देता है और सूर्य के चारों ओर आग का एक घेरा (रिंग ऑफ फायर) बनाता है। 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा। हालांकि, इसे अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अर्जेंटीना और अटलांटिक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
कब लगेगा साल का दूसरा सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse August 2026)
साल का दूसरा भी वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) होगा जिसमें दूरी के कारण चंद्रमा छोटा दिखाई देता है और सूर्य के चारों ओर आग का एक घेरा (रिंग ऑफ फायर) बनाता है। 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। यह भारत में दिखाई नहीं देगा। हालांकि, इसे अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अर्जेंटीना और अटलांटिक क्षेत्र के कुछ हिस्सों में देखा जा सकेगा।
सूर्य ग्रहण के बाद दान का महत्व (Surya Grahan 2026 Live)
सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद सबसे पहले स्नान करें और फिर अपनी सामर्थ्यानुसार अन्न, वस्त्र, धन या अन्य किसी रूप में दान करें। खासकर आज भौमवती अमावस्या होने के कारण दान का महत्व और भी बढ़ जाता है। इस दिन दान करने से कई गुना अधिक पुण्य और फल की प्राप्ति हो सकती है।
सूर्य ग्रहण समाप्ति के बाद ये काम करें ( Solar Eclipse 206 Live)
सूर्य ग्रहण समाप्त होने के बाद पूरे घर में गंगाजल छिड़कना चाहिए, क्योंकि इससे घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ग्रहण का दोष भी समाप्त हो जाता है। हालांकि, चूंकि इस बार भारत में ग्रहण नहीं दिखाई दिया है, इसलिए यह काम करना जरूरी नहीं है।
भौमवती अमावस्या पर सूर्य ग्रहण
साल का पहला सूर्य ग्रहण पर काफी शुभ योग बन रहा है। आज फाल्गुन मास की अमावस्या भी पड़ रही है। इसके साथ ही आज सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ सूर्य कुंभ राशि में पंचग्रही योग का भी निर्माण हो रहा है।
सूर्य ग्रहण के दौरान करें राहु स्त्रोत का पाठ (Surya Grahan 2026 Live)
राहुर्दानव मन्त्री च सिंहिकाचित्तनन्दनः ।
अर्धकायः सदाक्रोधी चन्द्रादित्यविमर्दनः ॥॥
रौद्रो रुद्रप्रियो दैत्यः स्वर्भानुर्भानुमीतिदः ।
ग्रहराजः सुधापायी राकातिथ्यभिलाषुकः ॥ ॥
कालदृष्टिः कालरुपः श्रीकष्ठह्रदयाश्रयः ।
विधुंतुदः सैंहिकेयो घोररुपो महाबलः ॥ ॥
ग्रहपीडाकरो द्रंष्टी रक्तनेत्रो महोदरः ।
पञ्चविंशति नामानि स्मृत्वा राहुं सदा नरः ॥ ॥
यः पठेन्महती पीडा तस्य नश्यति केवलम् ।
विरोग्यं पुत्रमतुलां श्रियं धान्यं पशूंस्तथा ॥ ॥
ददाति राहुस्तस्मै यः पठते स्तोत्रमुत्तमम् ।
सततं पठते यस्तु जीवेद्वर्षशतं नरः ॥ ॥
॥ इति श्रीस्कन्दपुराणे राहुस्तोत्रं संपूर्णम् ॥
सूर्य ग्रहण के समय करें राहु-केतु के मंत्र का जाप (Surya Grahan 2026 Mantra )
सूर्य ग्रहण के दौरान राहु-केतु का प्रभाव काफी अधिक होता है। इनके दुष्प्रभावों को कम करने के लिए इन मंत्रों का जाप करते रहें
‘ॐ रां राहवे नमः’
‘ॐ कें केतवे नमः’.
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।।
अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
ऊषाकाल में जब तुम, उदयाचल आते। सब तब दर्शन पाते।।
फैलाते उजियारा, जागता तब जग सारा। करे सब तब गुणगान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
संध्या में भुवनेश्वर अस्ताचल जाते। गोधन तब घर आते।।
गोधूलि बेला में, हर घर हर आंगन में। हो तव महिमा गान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
देव-दनुज नर-नारी, ऋषि-मुनिवर भजते। आदित्य हृदय जपते।।
स्तोत्र ये मंगलकारी, इसकी है रचना न्यारी। दे नव जीवनदान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
तुम हो त्रिकाल रचयिता, तुम जग के आधार। महिमा तब अपरम्पार।।
प्राणों का सिंचन करके भक्तों को अपने देते। बल, बुद्धि और ज्ञान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
भूचर जलचर खेचर, सबके हों प्राण तुम्हीं। सब जीवों के प्राण तुम्हीं।।
वेद-पुराण बखाने, धर्म सभी तुम्हें माने। तुम ही सर्वशक्तिमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
पूजन करतीं दिशाएं, पूजे दश दिक्पाल। तुम भुवनों के प्रतिपाल।।
ऋतुएं तुम्हारी दासी, तुम शाश्वत अविनाशी। शुभकारी अंशुमान।।
।।ॐ जय सूर्य भगवान…।।
ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान।
जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा।स्वरूपा।।
धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।।
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कब लगेगा अगला ग्रहण (Grahan March 2026)
साल का अगला ग्रहण चंद्र ग्रहण है, जो 3 मार्च को होलिका दहन के दिन लगने वाला है। ये ग्रहण 2 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर शाम 5 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
सूर्य ग्रहण पर राशि अनुसार अपनाएं ये उपाय (Solar eclipse 2026 Remedies)
तुला राशि – गरीबों या जरूरतमंदों को मीठा भोजन वितरित करें।
वृश्चिक राशि – भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाएं या स्वयं करें।
धनु राशि – विष्णु सहस्रनाम का नियमित जाप करें।
मकर राशि – शनि देव के मंत्रों का जप करें।
कुंभ राशि – अपनी सामर्थ्य अनुसार दान-पुण्य करें।
मीन राशि – शिवलिंग पर जल चढ़ाकर भगवान शिव का स्मरण करें।
सूर्य ग्रहण पर राशि अनुसार अपनाएं ये उपाय (Surya Grahan 2026 Upay)
मेष राशि – हनुमान जी की कृपा के लिए हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करें।
वृषभ राशि – मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें और सफेद वस्त्र या चावल का दान करें।
मिथुन राशि – तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और उसकी परिक्रमा करें।
कर्क राशि – दूध में केसर मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करें।
सिंह राशि – जरूरतमंदों को गेहूं का दान करें।
कन्या राशि – श्रद्धा के साथ दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
आज सूर्य ग्रहण किस राशि और नक्षत्र में लगा? (Surya Grahan 2026 LIVE)
साल का पहला सूर्य ग्रहण के समय सूर्य कुंभ राशि में स्थित रहेंगे और धनिष्ठानक्षत्र होगा। खास बात यह है कि कुंभ राशि में सूर्य के साथ-साथ चंद्रमा, शुक्र, राहु और बुध भी विराजमान है।
कब लगता है सूर्य ग्रहण? (Surya Grahan 2026)
खगोल विज्ञान के अनुसार सूर्य ग्रहण तब होता है, जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर ऐसी स्थिति बना लेता है कि सूर्य की रोशनी आंशिक या पूर्ण रूप से ढक जाती है। इस दौरान चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है। पृथ्वी के जिन क्षेत्रों पर यह छाया पड़ती है, वहां सूर्य या तो पूरी तरह दिखाई देना बंद हो जाता है या फिर आंशिक अथवा वलयाकार रूप में नजर आता है। इसी खगोलीय घटना को सूर्य ग्रहण कहा जाता है।
बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर सूर्य ग्रहण का प्रभाव (Surya Grahan 2026 LIVE)
आज का सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं दिखाई दे रहा है। इसलिए इसका सूतक काल लागू नहीं होगा। ऐसे में इस दिन बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर कोई विशेष नियम या रोक नहीं होगी। आप अपने दैनिक कामकाज जैसे पूजा-पाठ, भोजन और अन्य सामान्य गतिविधियाँ सामान्य रूप से कर सकते हैं, क्योंकि इस ग्रहण का इन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के समय न करें ये काम
इस समय कोई नया कार्य या शुभ शुरुआत न करें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण काल में भोजन न करें।
गर्भवती महिलाएं सुई या नुकीली वस्तुओं से जुड़े काम न करें।
बिना सुरक्षा के आकाश की ओर न देखें।
घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखने की परंपरा है।
ग्रहण के दौरान सोने से परहेज करें।
पूजा-पाठ या मूर्तियों का स्पर्श न करें।
किसी भी प्रकार का मांगलिक कार्य इस अवधि में न करें।
Surya Grahan 2026 Do’s: ग्रहण काल में करें ये काम
ग्रहण के दौरान भगवान का नाम स्मरण और मंत्र जप करें।
ग्रहण समाप्त होने के बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें।
मानसिक शांति के लिए ध्यान या भजन-कीर्तन करें।
सूर्य ग्रहण की पौराणिक कथा (Surya Grahan 2026 Katha)
पुराणों में राहु और केतु को असुर स्वरूप माना गया है। कथा के अनुसार जब देवताओं और दानवों ने मिलकर समुद्र मंथन किया, तब अमृत कलश प्रकट हुआ। अमरत्व प्राप्त करने के लिए दोनों पक्षों में विवाद की स्थिति बन गई। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया और युक्ति से देवताओं को अमृत पिलाना शुरू किया, जबकि दानवों को अमृत नहीं दिया गया।
उसी समय राहु ने चालाकी से देवता का वेश धारण किया और देवताओं के बीच बैठकर अमृत पीने लगा। सूर्य और चंद्रमा ने उसे पहचान लिया और इसकी सूचना भगवान विष्णु को दी। तत्पश्चात भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से राहु का सिर उसके धड़ से अलग कर दिया। लेकिन अमृत का स्पर्श हो जाने के कारण उसका सिर अमर हो गया और आकाश में स्थापित हो गया।
मान्यता है कि वही राहु समय-समय पर सूर्य और चंद्रमा को निगलने का प्रयास करता है, जिसे हम सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण के रूप में देखते हैं।
सूर्य ग्रहण में राहुकाल कब से कब तक
पंचांग के अनुसार, साल के पहले सूर्य ग्रहण पर राहुकाल दोपहर 3:30 पी एम से 4:55 पी एम तक है।
सूर्य ग्रहण पर बन रहा खास संयोग (Surya Grahan 2026 LIVE)
आज लगभग 64 साल बाद एक अत्यंत दुर्लभ और विशिष्ट ज्योतिषीय घटना घटित हुई है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार इस दिन कुंभ राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, राहु और चंद्रमा एक साथ स्थित होकर पंचग्रही योग का निर्माण करेंगे। यह संयोग ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।
सूर्य ग्रहण का पीक टाइम क्या है?
भारतीय समयानुसार, सूर्य ग्रहण का पीक टाइम शाम 5 बजकर 13 मिनट से शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच होगा। इस वक्त सूर्य ग्रहण का प्रभाव सबसे अधिक होगा।
Surya Grahan Time: कितने घंटे का होगा सूर्यग्रहण
बता दें कि सूर्य ग्रहण दोपहर 3 बजकर 26 मिनट पर शुरू हुआ था, जो शाम 7 बजकर 57 मिनट पर समाप्त होदा। ऐसे में सूर्य ग्रहण की कुल अवधि लगभग 4 घंटे 31 मिनट तक की है।
Surya Grahan 2026: कहां-कहां नजर आ रहा सूर्य ग्रहण
बता दें कि साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा। इसके अलावा अन्य देशों अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी (स्वाजीलैंड), फ्रांसीसी दक्षिणी क्षेत्र, लेसोथो, मेडागास्कर, मलावी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया, जाम्बिया आदि में देखा जा सकता है।
आग के छल्ले की तरह दिखेगा सूर्य (Surya Grahan 2026 LIVE)
वलयाकार सूर्य ग्रहण को रिंग ऑफ फायर भी कहा जाता है। यह अद्भुत दृश्य तब बनता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आकर सूर्य के मध्य भाग को ढक लेता है। हालांकि उस समय चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होता है, इसलिए वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। परिणामस्वरूप सूर्य का बाहरी किनारा चमकता हुआ दिखाई देता है और आकाश में आग के छल्ले या चमकती अंगूठी जैसा दृश्य बनता है। इसके विपरीत, पूर्ण सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, जिससे कुछ समय के लिए दिन में भी अंधेरा छा जाता है।
ग्रहण के समय करें श्री सूर्य चालीसा का पाठ (Surya Dev Chalisa)
दोहा
कनक बदन कुंडल मकर, मुक्ता माला अंग।
पद्मासन स्थित ध्याइए, शंख चक्र के संग।।
चौपाई
जय सविता जय जयति दिवाकर, सहस्रांशु सप्ताश्व तिमिरहर।
भानु, पतंग, मरीची, भास्कर, सविता, हंस, सुनूर, विभाकर।
विवस्वान, आदित्य, विकर्तन, मार्तण्ड, हरिरूप, विरोचन।
अम्बरमणि, खग, रवि कहलाते, वेद हिरण्यगर्भ कह गाते।
सहस्रांशु, प्रद्योतन, कहि कहि, मुनिगन होत प्रसन्न मोदलहि।
अरुण सदृश सारथी मनोहर, हांकत हय साता चढ़ि रथ पर।
मंडल की महिमा अति न्यारी, तेज रूप केरी बलिहारी।
उच्चैश्रवा सदृश हय जोते, देखि पुरन्दर लज्जित होते।
मित्र, मरीचि, भानु, अरुण, भास्कर, सविता,
सूर्य, अर्क, खग, कलिहर, पूषा, रवि,
आदित्य, नाम लै, हिरण्यगर्भाय नमः कहिकै।
द्वादस नाम प्रेम सो गावैं, मस्तक बारह बार नवावै।
चार पदारथ सो जन पावै, दुख दारिद्र अघ पुंज नसावै।
नमस्कार को चमत्कार यह, विधि हरिहर कौ कृपासार यह।
सेवै भानु तुमहिं मन लाई, अष्टसिद्धि नवनिधि तेहिं पाई।
बारह नाम उच्चारन करते, सहस जनम के पातक टरते।
उपाख्यान जो करते तवजन, रिपु सों जमलहते सोतेहि छन।
छन सुत जुत परिवार बढ़तु है, प्रबलमोह को फंद कटतु है।
अर्क शीश को रक्षा करते, रवि ललाट पर नित्य बिहरते।
सूर्य नेत्र पर नित्य विराजत, कर्ण देश पर दिनकर छाजत।
भानु नासिका वास करहु नित, भास्कर करत सदा मुख कौ हित।
ओठ रहैं पर्जन्य हमारे, रसना बीच तीक्ष्ण बस प्यारे।
कंठ सुवर्ण रेत की शोभा, तिग्मतेजसः कांधे लोभा।
पूषा बाहु मित्र पीठहिं पर, त्वष्टा-वरुण रहम सुउष्णकर।
युगल हाथ पर रक्षा कारन, भानुमान उरसर्मं सुउदरचन।
बसत नाभि आदित्य मनोहर, कटि मंह हंस, रहत मन मुदभर।
जंघा गोपति, सविता बासा, गुप्त दिवाकर करत हुलासा।
विवस्वान पद की रखवारी, बाहर बसते नित तम हारी।
सहस्रांशु, सर्वांग सम्हारै, रक्षा कवच विचित्र विचारे।
अस जोजजन अपने न माहीं, भय जग बीज करहुं तेहि नाहीं।
दरिद्र कुष्ट तेहिं कबहुं न व्यापै, जोजन याको मन मंह जापै।
अंधकार जग का जो हरता, नव प्रकाश से आनन्द भरता।
ग्रह गन ग्रसि न मिटावत जाही, कोटि बार मैं प्रनवौं ताही।
मन्द सदृश सुतजग में जाके, धर्मराज सम अद्भुत बांके।
धन्य-धन्य तुम दिनमनि देवा, किया करत सुरमुनि नर सेवा।
भक्ति भावयुत पूर्ण नियम सों, दूर हटत सो भव के भ्रम सों।
परम धन्य सो नर तनधारी, हैं प्रसन्न जेहि पर तम हारी।
अरुण माघ महं सूर्य फाल्गुन, मध वेदांगनाम रवि उदय।
भानु उदय वैसाख गिनावै, ज्येष्ठ इन्द्र आषाढ़ रवि गावै।
यम भादों आश्विन हिमरेता, कातिक होत दिवाकर नेता।
अगहन भिन्न विष्णु हैं पूसहिं, पुरुष नाम रवि हैं मलमासहिं।
दोहा
भानु चालीसा प्रेम युत, गावहिं जे नर नित्य।
सूर्य ग्रहण का पीक टाइम क्या होगा? (Surya Grahan 2026 LIVE)
साल का पहला सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से आरंभ होने वाला है। इसके साथ ही इसका पीक टाइम शाम 5 बजकर 13 मिनट से शाम 6 बजकर 11 मिनट के बीच होगा।
Surya Grahan Upay: सूर्य ग्रहण पर करें इन मंत्रों का जाप
भगवान शिव के महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें-ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
सूर्य मंत्र- ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः"
गायत्री मंत्र का जाप करना भी लाभकारी हो सकता है।
Surya Grahan 2026 Time: सूर्य ग्रहण का समय
भारतीय समयानुसार
ग्रहण शुरू - दोपहर 3.26
ग्रहण का चरम - शाम 5.42
ग्रहण की समाप्ति - रात 7.57
Surya Grahan 2026: रिंग ऑफ फायर बरतें समय सावधानी
सूर्य ग्रहण को नंगी आंखों से कभी भी न देखें। फिल्टर वाले चश्मे अवश्य पहनें।
एक्स-रे फिल्म, धूप का चश्मा या पानी में प्रतिबिंब में देखना सबसे सुरक्षित नहीं माना जाता है।
प्रमाणित सोलर फिल्टर या टेलीस्कोप का इस्तेमाल करें
Surya Grahan 2026 LIVE: किस राशि और नक्षत्र में लगेगा ग्रहण
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल के पहले सूर्य ग्रहण के समय सूर्य कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। ग्रहण के समय कर्क लग्न रहेगा और कई ग्रह अष्टम भाव में एक साथ स्थित होंगे। ऐसे में हर राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव पड़ने के काफी कम योग बन रहे हैं। ऐसे में प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ सकता है।
Surya Grahan 2026: ग्रहण के समय इन बातों का रखें ध्यान
ग्रहण काल के दौरान बाहर जाने से बचें। हालांकि सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आने वाला है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गर्भवती महिलाओं को इस समय सुई, कैंची, चाकू या अन्य धारदार वस्तुओं का उपयोग करने से परहेज करना चाहिए।
मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण आरंभ होने के बाद भोजन नहीं करना चाहिए।
मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” या गायत्री मंत्र का जाप करना लाभकारी माना जाता है।
