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Surya Grahan 2019: ग्रहण को लेकर ज्योतिषी भविष्यवाणी, इस साल भी जुलाई में ग्रहण के दौरान आ सकता है भूकंप

Surya Grahan 2019, July Dates and Time in India: वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी की सतह में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने से भूकंप आता है। जबकि ज्योतिष ये मानते हैं कि ग्रहण के प्रभाव से ही पृथ्वी की सतह में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं और भूकंप आता है।

Author नई दिल्ली | July 2, 2019 8:25 AM
Surya Grahan 2019, Solar Eclipse 2019 Dates and Time: पिछले साल 2018 में 27-28 जुलाई को चंद्रग्रहण पड़ा था और इसी दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में दो बार भूकंत के झटके महसूस किए गए थे। ( PTI file Photo)

Surya Grahan 2019, Solar Eclipse July Date and Time in India: साल 2019 के जुलाई महीने में दो ग्रहण एक साथ पड़ रहे हैं, पहला सूर्यग्रहण है जो 2 जुलाई को होगा। जबकि दूसरा ग्रहण, चंद्रग्रहण है जोकि 16-17 जुलाई को पड़ेगा। हालांकि 2 जुलाई को पड़ने वाला ग्रहण भारत में रात होने की वजह से दिखाई नहीं देगा। यह चिली में सैंटियागो, ब्राजील में साओ पाउलो, अर्जेंटीना में ब्यूनस आयर्स, पेरू में लीमा, उरुग्वे में मोंटेवीडियो और पैराग्वे के कुछ शहरों में इस ग्रहण को देखा जा सकेगा। भारत के समय के मुताबिक, 2 जुलाई रात 10 बजकर 25 मिनट पर सूर्यग्रहण होगा और रात 03  बजकर 31 मिनट तक रहेगा। इसके बाद 3 बजकर 21 मिनट पर संपूर्ण ग्रहण मोक्ष हो जाएगा। नासा मुताबिक, यह सूर्य ग्रहण 4 घंटे 33 सेकेंड तक चलेगा। खगोल शास्त्रियों के साथ-साथ ज्योतिष शास्त्रियों के लिए भी ग्रहण में काफी दिलचस्पी होती है। लेकिन ग्रहण के साथ-साथ पृथ्वी पर कुछ खतरे भी मंडराने लगते हैं। 16-17 जुलाई 2019 को खंडग्रास चंद्रग्रहण पड़ेगा। ज्योतिषों के मुताबिक चंद्रग्रहण के दौरान भूकंप आने का खतरा है। आइए जानते हैं क्या है इसका कारण।

दरअसल, वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी के सतहों में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने से भूकंप आता है। जबकि ज्योतिष ये मानते हैं कि ग्रहण की वजह से भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा होता है। क्योंकि ग्रहण के प्रभाव से ही पृथ्वी के सतहों में मौजूद टेक्टोनिक प्लेटें टकराती हैं और भूकंप आता है। ग्रहण और भूकंप को लेकर ऐसी मान्याताएं है कि चंद्रग्रहण के दौरान समुद्र सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, जिस वजह से भूकंप के अलावा जल से जुड़ी आपदाएं जैसे बाढ़, सुनामी, चक्रवात आदि आने का खतरा ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि ग्रहण के दौरान पृथ्वी और चंद्रमा एक दूसरे के करीब आ जाते हैं और भूगर्भीय हलचल बढ़ जाती है। 16-17 जुलाई को पड़ने वाले खंडग्रास चंद्रग्रहण मध्यरात्रि 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होगा और 4 बजकर 30 मिनट पर होगा यानी करीब 3 घंटे रहेगा। ग्रहण का पर्वकाल 2 घंटा 58 मिनट का रहेगा। चंद्र ग्रहण को भारत में आराम से देखा जा सकेगा।

बता दें कि पिछले साल 2018 में 27-28 जुलाई को चंद्रग्रहण पड़ा था और इसी दौरान हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में दो बार भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्कैल पर 3.8 मापी गई थी। पहला भूकंप 25 जुलाई को आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई थी। मौसम विभाग ने बताया था कि भूकंप का केंद्र 10 किमी गहराई में था। भूकंप के झटके पूरे कांगड़ा जिले में महसूस किए गए थे। इससे पहले कांगड़ा में ही 25 जुलाई यानी बुधवार को शाम में कम तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 मापी गई थी. मौसम विभाग ने बताया था कि भूकंप का केंद्र 10 किमी गहराई में था। भूकंप के झटके पूरे कांगड़ा जिले में महसूस किए गए थे।

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