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Surya Grahan Time 2018: जानें दिल्ली, यूपी, कलकत्ता, चेन्नई और अन्य राज्य में किस समय शुरु होगा सूतक

Surya Grahan Time 2018: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बालक, वृद्ध और रोगियों के लिए सूतक काल नहीं माना जाता है। सूतक काल के समय विशेष रुप से भगवान की मूर्ति का स्पर्श, भोजन और पवित्र नदी में स्नान करना वर्जित माना जाता है।

Surya Grahan 2018 Today Time: सूतक काल के दौरान कोई नया काम शुरु नहीं किया जाता है।

Surya Grahan 2018 Time: 15 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण होने जा रहा है। इस ग्रहण को आंशिक ग्रहण माना जा रहा है। भारत इस ग्रहण का साक्षी नहीं बन पाएगा क्योंकि जिस समय सूर्य, पृथ्वी और चांद सीधी रेखा में आ रहे होंगे तब भारत में रात का समय होगा। ज्योतिष विद्वानों के अनुसार ग्रहण शुभ नहीं माना जाता है, इसमें कुछ विशेष कार्यों को करने की मनाही होती है। ग्रहण से 12 घंटे पहले ही सूतक काल की शुरुआत हो जाएगी। भारत के समयानुसार 15 फरवरी की रात को 12 बजकर 25 मिनट पर ग्रहण शुरु होगा और सुबह के 4 बजे समाप्त होगा। इस अनुसार 15 फरवरी को दोपहर 1 बजे से सूतक काल की शुरुआत हो जाएगी।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बालक, वृद्ध और रोगियों के लिए सूतक काल नहीं माना जाता है। सूतक काल के समय विशेष रुप से भगवान की मूर्ति का स्पर्श, भोजन और पवित्र नदी में स्नान करना वर्जित माना जाता है। इस दौरान मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है। सूर्य ग्रहण के समय ऊं नमः शिवाय का पाठ करना लाभदायक होगा। सूतक काल के समय किसी भी शुभ काम की शुरुआत नहीं करनी चाहिए। भोजन पकाने और सेवन करने से दूर रहना चाहिए। ग्रहण समाप्त हो जाने के बाद घर का शुद्धिकरण करना चाहिए। सूतक के दौरान प्रेग्नेंट महिला को घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। ग्रहण खत्म हो जाने के बाद पहने हुए कपड़ो सहित स्नान करने के बाद भोजन ग्रहण कर सकते हैं।

Surya Grahan 2018 Time in Delhi – दोपहर 1 बजे
Surya Grahan 2018 Time in Dehradun– दोपहर 1 बजकर 3 मिनट
Surya Grahan 2018 Time in Bangalore– दोपहर 1 बजकर 25 मिनट
Surya Grahan 2018 Time in Chennai– दोपहर 1 बजकर 14 मिनट
Surya Grahan 2018 Time in Kolkata– 12 बजकर 45 मिनट
Surya Grahan 2018 Time in Gujarat– 1 बजकर 18 मिनट

यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत महासागर, चिली, ब्राजील और अंटार्कटिका और एशिया के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को तुलसी का पत्ता जीभ पर रख मंत्रों का जाप करना चाहिए और हनुमान चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के दिन विशेष सावधानी बरतनी चाहिए और इस दौरान सोना नहीं चाहिए।

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