ताज़ा खबर
 

सूर्य ग्रहण 2018: गर्भवती महिलाएं रहें सतर्क, जानें ग्रहण की किरणें कैसे करती हैं प्रभावित

Surya Grahan 2018: गर्भवती महिला सूर्य ग्रहण देख लेती है तो शिशु बदसूरत लाल चिन्हों के साथ पैदा होता है और शिशु की आंखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

surya grahan, surya grahan 2018, grahan, grahan in 2018, surya grahan in 2018, solar eclipse, solar eclipse 2018, solar eclipse pregnancy precautions, solar eclipse precautions for pregnant ladies, solar eclipse 2018 in india, surya grahan precautionsSurya Grahan 2018: ग्रहण के प्रभाव को कम करने के लिए तुलसी का पत्ता रखकर भजन करना चाहिए।

Surya Grahan 2018/Solar Eclipse 2018: अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 15 फरवरी को आंशिक सूर्य ग्रहण है। आंशिक ग्रहण वो होता है जिसमें सूर्य, चंद्रमा और धरती सीधी एक रेखा में नहीं आ पाते हैं और चंद्रमा सूर्य को पूर्ण रुप से ढक नहीं पाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार आंशिक या पूर्ण कियी भी ग्रहण को शुभ नहीं माना जाता है। ग्रहण को विशेषकर गर्भवती महिलाओं के लिए शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता के अनुसार किसी भी ग्रहण का प्रभाव 108 दिनों तक रहता है जिससे गर्भवती महिला और शिशु को हानि हो सकती है। गर्भवती महिला को इस दिन घर में रहकर ऊं क्षीरपुत्राय विह्ममहे अमृत तत्वाय धीमहि तन्नो चंद्र प्रचोदयात् मंत्र का जाप करना चाहिए। इस ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव महिला और शिशु पर नहीं पड़ता है या इसका प्रभाव कम हो जाता है।

गर्भवती महिलाओं के ग्रहण नहीं देखने के लिए माना जाता है कि इससे शिशु मानसिक या शारीरिक रुप से कमजोर हो सकता है। यदि कोई गर्भवती महिला सूर्य ग्रहण देख लेती है तो शिशु बदसूरत लाल चिन्हों के साथ पैदा होता है। इसी के साथ मान्यता है कि यदि कोई महिला ग्रहण के समय चाकू आदि नुकीली चीज का इस्तेमाल फल या सब्जियां काटने के लिए करती है तो इससे शिशु के अंगों को हानि हो सकती है। ग्रहण के समय कैंची का प्रयोग करने की मनाही होती है, मान्यता है कि इससे शिशु के होठ कट जाते हैं। कई स्थानों पर मान्यता है कि ग्रहण के समय गर्भवती महिला का सोना अशुभ होता है, बैठकर अन्य काम किए जा सकते हैं।

ग्रहण के समय सुई का प्रयोग करने के लिए मना किया जाता है, मान्यता के अनुसार इससे बच्चे के ह्रदय में छेद हो सकता है। ग्रहण के दौरान पानी पीने से गर्भ में पल रहे शिशु की त्वचा सूख जाती है। गर्भवती स्त्री को ग्रहण काल के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए, अन्यथा शिशु को त्वचा की बीमारी लग सकती है। यदि महिला ग्रहण को देख लेती है तो शिशु की आंखों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ग्रहण के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को तुलसी का पत्ता जीभ पर रख मंत्रों का जाप करना चाहिए और हनुमान चालीसा या दुर्गा स्तुति का पाठ करना चाहिए।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 सूर्य ग्रहण 2018: जानें कैसे लगता है सूरज पर ग्रहण, क्या है आंशिक ग्रहण
2 Surya Grahan 2018: जानें आपकी राशि पर क्या पड़ेगा आज के ग्रहण का प्रभाव, 15 दिन के अंदर हुआ दूसरा
3 Solar Eclipse 2018: आज सूतक काल के बाद घर को करें साफ, दूर होगा ग्रहण का नकारात्मक प्रभाव
यह पढ़ा क्या?
X