Kendra Tirkon Rajyog: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों के राजकुमार और बुद्धि के दाता बुध एक निश्चित अवधि के बाद राशि परिवर्तन करते है जिसका असर हर राशियों के साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलता है। इस समय बुध मेष राशि में सूर्य के साथ विराजमान है। वहीं 15 मई को राशि परिवर्तन करके शुक्र की राशि वृषभ में प्रवेश कर जाएंगे। बुध के इस राशि में आते ही वह सूर्य के साथ एक बार फिर युति करके बुधादित्य राजयोग का निर्माण करेंगे। इसके साथ ही वह कुछ भावों में केंद्र त्रिकोण राजयोग का भी निर्माण करेंगे। इस राजयोग का निर्माण करने से 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से प्रभाव देखने को मिलने वाला है। लेकिन इन तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में…
द्रिक पंचांग के अनुसार, व्यापार के दाता बुध 15 मई 2026, शुक्रवार को 12:34 ए एम बजे वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 29 मई तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश कर जाएंगे।
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, केंद्र त्रिकोण राजयोग तब बनता है जब जन्म कुंडली के केंद्र भावों (1, 4, 7, 10) और त्रिकोण भावों (1, 5, 9) के स्वामियों के बीच संबंध यानी युति, दृष्टि या स्थान परिवर्तन होता है। इस राजयोग के बनने से जातकों को सुख-समृद्धि, करियर में उन्नति से लेकर बिजनेस में खूब लाभ मिल सकता है।
वृषभ राशि पर केंद्र त्रिकोण राजयोग का असर (Taurus Zodiac)
इसके बाद बुध और सूर्य के साथ बुधादित्य योग तथा केंद्र-त्रिकोण राजयोग भी बनेगा। इस राशि के लग्न भाव में बुध विराजमान रहेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। इस राशि के जातकों के लंबे समय से रुके काम पूरे होने के साथ-साथ धन-धान्य की बढ़ोतरी हो सकती है। आपकी आर्थिक स्थिति काफी अच्छी रहने वाली है। व्यापार के क्षेत्र में काफी मुनाफा मिलने के योग बन रहे हैं। सुख-सुविधाओं की तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पार्टनरशिप में किए जा रहे व्यापार में काफी लाभ मिल सकता है। संतान की ओर से भी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नई नौकरी ढूंढ रहे जातकों को भी लाभ मिल सकता है। भविष्य को लेकर कोई निर्णय ले सकते हैं। इससे आपके जीवन में सकारात्मक असर देखने को मिलने वाला है।
कुंभ राशि पर केंद्र त्रिकोण राजयोग का असर (Aquarius Zodiac)
इस राशि के चौथे भाव में बुध विराजमान रहेंगे। इसके साथ ही राहु लग्न में, शनि धन भाव में स्थित हैं। इसके साथ ही सूर्य के भी चौथे भाव में होने से पुन: केंद्र त्रिकोण राजयोग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों को भी काफी लाभ मिल सकता है। कुंडली में कई सकारात्मक योग एक साथ बन रहे हैं। ग्रहों की मजबूत स्थिति होने के कारण आपके द्वारा किए जा रहे प्रयासों से आपको काफी सफलता हासिल हो सकती है। राहु के कारण जातकों के अंदर नए और अनोखे विचार उत्पन्न होंगे। इन्हें अपनाकर आप नए तरीके से काम कर सकते हैं। इससे आपके व्यापार और करियर में उन्नति संभव है। इसके अलावा घर, वाहन आदि खरीदने का सपना पूरी हो सकती है सुख-सुविधाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
शनि के कारण विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ के संकेत मिल सकते हैं। छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा है, क्योंकि शिक्षा और बुद्धि से जुड़े भाव सक्रिय हैं।
वृश्चिक राशि पर केंद्र त्रिकोण राजयोग का असर (Scropio Zodiac)
इस राशि की गोचर कुंडली के सातवें भाव में बुध के साथ सूर्य भी विराजमान रहेंगे। ऐसे में जीवन में सकारात्मक परिवर्तन के संकेत मिलते हैं। इसके अलावा शनि पंचम भाव में, राहु चतुर्थ भाव में स्थित हैं। ऐसे में आपकी जन्म कुंडली की स्थिति, ग्रहों की दशा और दृष्टि पर निर्भर करेगा। मई में केंद्र और त्रिकोण का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस राशि के जातकों के आत्मविश्वास, साहस में वृद्धि देखने को मिल सकती है। कार्यस्थल में लंबे समय से चली आ रही बाधाएं दूर हो सकती है। तकनीकी, मेडिकल, खेल या फिर इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।
बुध और सूर्य के कारण आपको काफी अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं। आय में तेजी से वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही धन संचय के योग बन रहे हैं। राहु के कारण प्रॉपर्टी या भूमि से जुड़े अचानक लाभ के संकेत भी मिलते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
