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आज दिखाई दिया साल 2020 का सबसे बड़ा चांद, देखें खूबसूरत तस्वीरें

जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम रह जाती है और चंद्रमा की चमक बढ़ जाती है उस स्थिति में धरती पर सुपरमून का नजारा देखने को मिलता है।

जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम रह जाती है और चंद्रमा की चमक बढ़ जाती है उस स्थिति में धरती पर सुपरमून का नजारा देखने को मिलता है।

8 अप्रैल को आकाश में सुपर मून दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा अपने सामान्य आकार से थोड़ा बड़ा और चमकीला दिखाई देगा। क्योंकि इस दिन चांद पृथ्वी के बेहद ही नजदीक होगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि लॉकडाउन के नियमों का पालन जरूर करें। इसलिए चांद का दीदार करने के लिए घर के बाहर इकट्ठा न हों बल्कि अपने घर की छत या बालकनी से ही इसका दीदार करें।

क्या होता है सुपरमून? जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम रह जाती है और चंद्रमा की चमक बढ़ जाती है उस स्थिति में धरती पर सुपरमून का नजारा देखने को मिलता है। इस दौरान चांद रोजाना की तुलना में 14 फीसद ज्यादा बड़ा और 30 फीसद तक ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।

पिंक सुपरमून क्या है? ऐसा नहीं है कि इस दिन चांद पिंक रंग का दिखाई देगा और ना ही इसके पीछे कोई वैज्ञानिक कारण है। दरअसल अमेरिका और कनाडा में इस मौसम में उगने वाले फ्लॉक्स सुबुलाता फूल की वजह से इसे पिंक सुपरमून कहा जाता है। यह फूल गुलाबी रंग का होता है इसे मॉस पिंक भी कहते हैं।

सुपरमून भारत में कब दिखाई देगा? ये सुपरमून मध्य रात्रि में 2:35 बजे पर दिखेगा। लेकिन भारतीय समयानुसार 07 अप्रैल की शाम से ये भारत में दिखाई देना शुरू हो जायेगा पर ये पूरी तरह से सुबह 8 बजे के आस पास दिखाई देगा। भारत में इस समय रोशनी रहने के कारण इसका नजारा देखने को नहीं मिल सकेगा। लेकिन आप लाइव स्ट्रीमिंग के जरिए इस चंद्रमा को देख पायेंगे।
Slooh इस सुपरमून घटना को अपने YouTube चैनल पर लाइव स्ट्रीम करेगा।

Live Blog

Highlights

    09:15 (IST)08 Apr 2020
    क्यों कहा जाता है इसे पिंक सुपर मून...

    दरअसल पिंक सुपरमून कहलाने के पीछे ना तो धार्मिक वजह है ना कोई वैज्ञानिक। इस नाम के पीछे एक खास फूल है जो इन दिनों अमेरिका और कनाडा में खिलता है जिसे फ्लॉक्स सुबुलता (Phlox Subulata) और मॉस पिंक के नाम से जाना जाता है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन जब सुपर मून नजर आता है उन दिनों ये फूल भी खिले होते हैं जिससे इन फूलों से चांद का नाता जोड़कर लोग इसे पिंक सुपरमून कहने लगे।

    08:54 (IST)08 Apr 2020
    Super Moon 2020: सुपर मून 2020

    ज्योतिषशास्त्र में चांद को मन का कारक कहा गया है। चांद के पृथ्वी के बेहद करीब आने से लोगों के मन मस्तिष्क पर इसका काफी प्रभाव होगा। लोगों को संयमित रहना होगा और अतिउत्साहित होने से बचना होगा। बीमार लोगों को सेहत का अधिक ध्यान रखना होगा।

    08:38 (IST)08 Apr 2020
    Pink Super Moon: घर बैठे देखें पिंक सुपर मून का नजारा...

    दरसअल पिंक मून नाम अप्रैल महीने में ही उत्तरी अमेरिका में खिलने वाले गुलाबी फूलों की वजह से अप्रैल के चंद्रमा को दिया गया है। इसी समय चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में आए थे, जिसे ‘सिजजी’ कहा जाता है।

    08:16 (IST)08 Apr 2020
    How To See Pink Super Moon: भारत में कैसे देखें सुपरमून?

    भारतीय समयानुसार 8 अप्रैल को सुपरमून सुबह 8.05 पर दिखाई देना था, ऐसे में भारत में लोगों को ये घटना आसमान में दिखाई नहीं देगी, क्योंकि यहां दिन का उजाला होगा। इसलिए ऑनलाइन वेबसाइटों पर जाकर आप सुपरमून को लाइव देख सकते हैं।

    07:58 (IST)08 Apr 2020
    क्यों कहा जाता है सुपर पिंक मून...

    दरअसल पिंक सुपरमून कहलाने के पीछे ना तो धार्मिक वजह है ना कोई वैज्ञानिक। इस नाम के पीछे एक खास फूल है जो इन दिनों अमेरिका और कनाडा में खिलता है जिसे फ्लॉक्स सुबुलता और मॉस पिंक के नाम से जाना जाता है। चैत्र शुक्ल पूर्णिमा के दिन जब सुपर मून नजर आता है उन दिनों ये फूल भी खिले होते हैं जिससे इन फूलों से चांद का नाता जोड़कर लोग इसे पिंक सुपरमून कहने लगे।

    07:38 (IST)08 Apr 2020
    Super Moon 2020: उदय के बाद बढ़ती ही गई आभा

    मंगलवार शाम 5:58 बजे चंद्रमा का उदय हुआ। शुरू में यह लालिमा लिए हुए था। बुधवार सुबह 8:05 बजे चांद धरती के सबसे करीब होगा, तब धरती से इसकी दूरी 3,57,085 किमी रह जाएगी। इसके बाद चांद हमसे दूर होता चला जाएगा। अगला पिंक मून 26 अप्रैल 2021 में नजर आएगा।

    07:23 (IST)08 Apr 2020
    Super Pink Moon: भारत में मंगलवार की शाम से पिंक सुपर मून का दिखा नजारा

    बुधवार सुबह 8:05 बजे यह धरती के सबसे नजदीक होगा। मंगलवार शाम जब पश्चिम में सूर्य अस्त हो रहा था, तब पूरब में हल्की लालिमा बिखेरते हुए चांद का उदय हो रहा था। अन्य दिनों की अपेक्षा यह चांद आकार में बड़ा ही नहीं, बल्कि बेहद चमकदार भी था। इसकी चांदनी से मानो धरती भी नहा उठी। धरती के काफी करीब होने के कारण इसकी चमक 15 प्रतिशत ज्यादा और आकार भी यह करीब सात प्रतिशत बड़ा था।  

     

     
    07:02 (IST)08 Apr 2020
    सुपर पिंक मून की तस्वीरें आईं सामने, सुबह 8 बजे के करीब ये अपने पूरे आकार में होगा

    सुपरमून 8 अप्रैल को दोपहर 2:35 बजे जीएमटी ( भारतीय समयानुसार सुबह 8:05 बजे) पर दिखाई देगा। दुर्भाग्य से भारत में लोग इस घटना को नहीं देख पाएंगे, क्योंकि उस समय यहां सुबह के 8 बज रहे होंगे और रोशनी ज्यादा होगी। हालांकि, देश में सुपरमून देखने के इच्छुक लोग इस इवेंट को ऑनलाइन लाइव देख सकते हैं।

    06:58 (IST)08 Apr 2020
    चंद्रमा की शीतलता के लिए सुपर मून की घटना महत्वपूर्ण

    चंद्रमा की शीतलता और सूर्य की उष्णता से जगत के सभी चराचर प्रकाशमान और शीतल रहते हैं। सुपर मून की घटना का इस दृष्टि से भी बड़ा महत्व है।

    06:33 (IST)08 Apr 2020
    सुपर मून के अध्ययन से प्रकृति के नए रहस्यों की मिलेगी जानकारी

    सुपर मून को देखने और इसके बारे में अध्ययन करने से कई तरह खगोलीय क्रियाकलापों और विश्व के मौसम, पर्यावरण और प्राकृतिक विकास के बारे में नई खोजें हो सकती हैं। इसीलिए अंतरिक्ष विज्ञानी और नक्षत्रविज्ञानी इसको जानने और देखने के लिए विशेष रूप से तैयारी किए हैं। 

    06:03 (IST)08 Apr 2020
    अलौकिक घटना का साक्षात्कार है सूपर मून

    सुपरमून वर्षों बाद दिखाई पड़ेगा। इससे इसको देखना एक अलौकिक घटना का साक्षात्कार होना है। इसके होने के पीछे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक कारण है। चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर लगाता है और पृथ्वी सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करता है। सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा का यह गति धरती पर मानव जाति, पशु-पक्षियों और वनस्पतियों पर प्रभाव डालता है।

    05:49 (IST)08 Apr 2020
    यूट्यूब पर भी लाइव देख सकते हैं सुपर मून

    सुपर मून को देखने के लिए नक्षत्र शालाओं पर नहीं पहुंच पा रहे हैं तो कोई बात नहीं। इसको यूट्यूब पर भी लाइव देखा जा सकता है। बाद में इसकी रिकॉर्डिंग भी यूट्यूब पर देख सकते हैं।

    05:39 (IST)08 Apr 2020
    नक्षत्रशालाओं में देखें सुपर मून का अलौकिक दृश्य

    चंद्रमा को पृथ्वी के निकट आने पर सुपर मून के अलौकिक दृश्य को देखना रोमांचक होगा, लेकिन भारत में दिन का समय होने से साफ नहीं दिखाई पड़ेगा। अंतरिक्ष केंद्रों और नक्षत्रशालाओं में विशेषज्ञों की मदद से ऐसा देखा जा सकता है। 

    04:10 (IST)08 Apr 2020
    सुपर मून का प्रभाव राशियों पर भी पड़ेगा

    चंद्रमा का प्रभाव ग्रह दशाओं पर काफी अधिक होता है। ज्योतिषीय गणनाओं से सभी राशियों पर चंद्रमा की गति और पृथ्वी के चक्कर लगाने का प्रभाव पड़ता है। ऐसे में चंद्रमा का पृथ्वी के निकट आना एक खगोलीय घटना ही नहीं है, बल्कि ज्योतिषीय प्रभाव भी है। इसका सभी राशियों पर अलग-अलग लाभ-हानि होगा।

    02:35 (IST)08 Apr 2020
    चंद्रमा पृथ्वी के निकट पहुंचा, बड़ा हुआ आकार

    मंगलवार की देर रात आकाश में अद्भुत खगोलीय नजारा दिखा। चंद्रमा पृथ्वी के काफी निकट पहुंचने लगा। इसे पिंक सुपर मून कहा गया। पृथ्वी के काफी निकट होने से चंद्रमा का आकार भी काफी बड़ा दिख रहा था। हालांकि पूरी तरह से सुपर मून सुबह 8 बजकर 5 मिनट पर दिखेगा। लेकिन भारत में उस समय दिन होने और काफी प्रकाश होने से सामान्य रूप से देख सकना संभव नहीं होगा।  

    01:06 (IST)08 Apr 2020
    चंद्रमा की शीतलता से बेहतर होता है जीवन

    चंद्रमा की प्रकृति शीतल है। वह पृथ्वी से जितना निकट होगा, धरती पर रहने वालों को उतना ही लाभ होगा। चंद्रमा की शीतलता से वातावरण साफ होता है। पर्यावरण शुद्ध होने से संपूर्ण मानव जाति और पशु-पक्षियों का जीवन बेहतर होता है।

    22:40 (IST)07 Apr 2020
    धरती के लिए अच्छी घटना है सुपर मून

    चंद्रमा पृथ्वी के निकट पहुंचने के साथ ही अपनी चमक भी अधिक विखेरेगा। चंद्रमा की दूरी जैसे-जैसे कम होगी, उसकी चमक उतनी ही अधिक और आकार भी विशाल होगा। इससे वनस्पति और पेड़-पौधों को ऊर्जा मिलेगी। पर्यावरण में भी स्वच्छता आएगी। सुपर मून धरती के लिए अच्छी घटना है।

    22:02 (IST)07 Apr 2020
    कोरोना वायरस और पिंक सुपर मून

    8 अप्रैल को आकाश में सुपर मून दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा अपने सामान्य आकार से थोड़ा बड़ा और चमकीला दिखाई देगा। क्योंकि इस दिन चांद पृथ्वी के बेहद ही नजदीक होगा। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि लॉकडाउन के नियमों का पालन जरूर करें। इसलिए चांद का दीदार करने के लिए घर के बाहर इकट्ठा न हों बल्कि अपने घर की छत या बालकनी से ही इसका दीदार करें।

    21:34 (IST)07 Apr 2020
    क्या होता है सुपरमून

    जब चांद और धरती के बीच की दूरी सबसे कम रह जाती है और चंद्रमा की चमक बढ़ जाती है उस स्थिति में धरती पर सुपरमून का नजारा देखने को मिलता है। इस दौरान चांद रोजाना की तुलना में 14 फीसद ज्यादा बड़ा और 30 फीसद तक ज्यादा चमकीला दिखाई देता है।

    20:56 (IST)07 Apr 2020
    सफेद चांद का अर्थ है शीतलता

    चांद की खूबसूरती तो आप सभी ने देखी ही होगी। लेकिन आप सब ने चांद को सफेद रंग में महसूस किया और देखा है। सफेद रंग से शांति का अनुभव होता है। वहीं सफेद चांद से शीतलता का। पर आज बेहद ही खास रात है। इस रात की खासियत कुछ और नहीं बल्कि आज का चांद है। जी हां, आज आप एक ऐसा चांद देखेंगे जो  पूरे साल में एक बार ही आता है।

    20:23 (IST)07 Apr 2020
    ये है सुपर मून का समय...

    सुपरमून 8 अप्रैल को दोपहर 2:35 बजे जीएमटी ( भारतीय समयानुसार सुबह 8:05 बजे) पर दिखाई देगा। दुर्भाग्य से भारत में लोग इस घटना को नहीं देख पाएंगे, क्योंकि उस समय यहां सुबह के 8 बज रहे होंगे और रोशनी ज्यादा होगी। हालांकि, देश में सुपरमून देखने के इच्छुक लोग इस इवेंट को ऑनलाइन लाइव देख सकते हैं।

    19:52 (IST)07 Apr 2020
    इसलिए खास है ये दिन

    ये चांद आम दिनों में नजर आने वाले चंद्रमा से आकार में बड़ा और ज्‍यादा चमकीला होगा। माना जा रहा है क‍ि ये साल का सबसे बड़ा और सबसे अध‍िक चमकीला चांद होगा।इस सुपरमून को सुपर पिंक मून भी कहा जाता है क्योंकि इसका रंग गुलाबी नजर आता है। इधर ज्योतिर्विज्ञान इस सुपर पिंक मून को इसलिए भी खास मान रहा है क्योंकि उसके अध्ययन के मुताबिक इससे पूरी दुनिया में छाए कोरोना वायरस का नाश होगा और इसके प्रकोप में कमी आएगी।

    19:25 (IST)07 Apr 2020
    पहली बार देखा गया सुपरमून

    अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) के अनुसार, आज से करीब 41 साल पहले 1979 में सुपरमून पहली बार देखा गया था। यूं कह सकते हैं कि तभी यह पहली बार अस्तित्व में आया था, लोगों को इसके बारे में पता चला था। तब एस्ट्रोनॉमर्स ने इसे पेरीजीन फुल मून नाम दिया था। बाद में इसका नाम सुपरमून रखा गया।

    19:05 (IST)07 Apr 2020
    आमतौर पर इतनी होती है चांद की दूरी

    गौरतलब है कि सामान्य दिनों में पृथ्वी की चंद्रमा से दूरी करीब 384400 किमी है। वहीं चन्द्रमा जब पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर होता है तो ये दूरी लगभग 405696 किमी हो जाती है। पर 8 अप्रैल को सुपर पिंक मून के समय चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी सबसे कम होगी। इसे पेरिगी की स्थिति कहा जाता है।

    18:42 (IST)07 Apr 2020
    इस दिन होगा साल का दूसरा चंद्रग्रहण

    साल का दूसरा चंद्रग्रहण 5 जून 2020 को लगेगा। चंद्रग्रहण 5 जून की मध्य रात्रि को 11 बजकर 15 मिनट से शुरू होगा और 6 जून को 2 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस ग्रहण की कुल अवधि 3 घंटे 19 मिनट है। चंद्रग्रहण भारत, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और आस्ट्रेलिया में देखा जाएगा।

    18:11 (IST)07 Apr 2020
    रोग होते हैं नष्ट...

    शुक्ल पक्ष के शुरू होने के साथ ही चंद्रमा का बल बढ़ता जाता है और पूर्णिमा को चंद्रमा सर्वाधिक प्रभावशाली हो जाता है। ऐसे में Super Pink Moon के दौरान औषधियां अत्याधिक प्रभावशाली और रोगकारक तत्व नष्ट होंगे। ऐसी स्थिति में कोरोना वायरस पर भी चंद्रमा की सुपरमून अवस्था का प्रभाव पड़ेगा।

    17:50 (IST)07 Apr 2020
    इस दिन क्यों बढ़ जाता है चंद्रमा का महत्व

    पृथ्वी पर स्थित समस्त औषधियां चंद्रमा से ऊर्जा प्राप्त करती हैं। इसीलिये चंद्रमा को औषधिपति कहा जाता है। शुक्ल पक्ष के आरम्भ के साथ क्रमश: चंद्रमा का बल बढ़ता जाता है। पूर्णमासी को चंद्रमा सर्वाधिक प्रभावशाली हो जाता है। सुपरमून की स्थिति में चंद्रमा पूर्णमासी से भी अधिक बलशाली होते हैं।

    17:30 (IST)07 Apr 2020
    अप्रैल माह के पूर्णिमा को क्यों कहते हैं पिंक मून

    पिंक मून सुनकर लोगों को लगता है कि इस दिन चांद गुलाबी नजर आता है मगर ऐसा नहीं है। दरअसल बसंत ऋतु के समय में अमेरिका में पिंक फूल 'Phlox Subulata' खिलते हैं और इस कारण ही अप्रैल के महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा को पिंक मून का नाम दिया गया।

    17:10 (IST)07 Apr 2020
    इस समय चंद्रमा होगा धरती के सबसे नजदीक

    इंदिरा गांधी नक्षत्र शाला के वैज्ञानिकों के अनुसार 7 अप्रैल को रात 11.38 पर चंद्रमा पृथ्वी के सबसे ज्यादा करीब होगा। इस समय पर चंद्रमा की पृथ्वी से दूरी मात्र 356900 किलोमीटर रह जाएगी। चांद की यह स्थिति पेरिगी की स्थिति कहलाती है। चंद्रमा के पेरिगी स्थिति में पहुंचने के ठीक 8 घंटे 35 मिनट के बाद चंद्रमा की पूर्णिमा की अवस्था शुरू हो जाएगी। इस तरह 8 अप्रैल Hanuman Jayanti के दिन वर्ष का सबसे बड़ा और चमकीला चंद्रमा नजर आएगा।

    16:50 (IST)07 Apr 2020
    कल दिखेगा साल का सबसे बड़ा चंद्रमा

    चंद्रमा के पेरिगी स्थिति में पहुंचने के ठीक 8 घंटे और 35 मिनट के बाद चंद्रमा की पूर्णिमा की अवस्था आएगी। 8 अप्रैल को वर्ष का सबसे बड़ा और चमकीला चंद्रमा होगा। ये सामान्य से 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार नजर आएगा। सूर्यास्त के तुरंत बाद लोग पूरी रात इसके नजारे देख सकेंगे।

    16:25 (IST)07 Apr 2020
    सुपर मून को इन नामों से भी जाना जाता है...

    सुपरमून' के वक्त चांद पहले से ज्यादा बड़ा और चमकदार और बड़ा दिखाई देता है, बता दें कि 'सुपरमून' उन लोगों के लिए एक शानदार अवसर है, जो चंद्रमा के बारे में जानना और उसका अन्वेषण करना चाहते हैं, 'सुपरमून' के कारण चांद हर दिन के मुकाबले 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी ज्यादा चमकदार दिखाई देता है, पश्चिमी देशों में इसे Snow Moon, Storm Moon या Hunger Moon कहा जाता है।

    15:57 (IST)07 Apr 2020
    दिन के उजाले में नहीं होगा दीदार

    खगोल विज्ञान के अनुसार चंद्रमा की यह स्थिति पेरिगी की स्थिति कहलाती है। इस समय से ही चन्द्रमा हमें काफी बड़ा दिखना शुरू हो जाएगा । मगर सुपर मून देखने के लिए हमें बुधवार का इंतजार करना होगा क्योंकि पूर्णिमा अगले दिन यानी 8 अप्रैल को सुबह आठ बजे होगी । दिन के उजाले में हम सुपरमून के दीदार नहीं कर सकेंगे इसलिए बुधवार को सूर्यास्त के तुरंत बाद सुपर मून के अद्भुद नजारे को पूरी रात अवलोकित कर सकेंगे क्योंकी आठ अप्रैल को चन्द्रमा अस्त नहीं होगा ।

    15:34 (IST)07 Apr 2020
    Super Moon 2020: क्यों दिखता है 'चांद' बड़ा?

    मालूम हो कि पृथ्वी की कक्षा में घूमते हुए चंद्रमा जब धरती के सबसे नजदीक आ जाता है तो उस स्थिति को 'पेरीजी' और कक्षा में जब सबसे दूर होता है तो उस स्थिति को 'अपोजी' कहते हैं, 7 अप्रैल को चांद 'पेरीजी' होगा और इस कारण वो बड़ा दिखाई देगा। विज्ञान के हिसाब से चांद पर पृथ्वी की तुलना में गुरुत्वाकर्षण कम है इसी कारण चंद्रमा पर पहुंचने पर इंसान का वजन कम हो जाता है।

    15:14 (IST)07 Apr 2020
    Super Moon: इससे पहले कब दिखाई दिया था सुपरमून

    9 मार्च से 11 मार्च के बीच सुपरमून दिखाई दिया था। लोकप्रिय रूप से मार्च के सुपरमून को सुपर वॉर्म मून भी कहा गया था।

    14:57 (IST)07 Apr 2020
    Super Pink Moon 2020: ऐसा होगा चंद्रमा का स्वरुप...

    चंद्रमा के पेरिगी स्थिति में पहुंचने के ठीक 8 घंटे 35 मिनट के बाद चंद्रमा की पूर्णिमा की अवस्था शुरू हो जाएगी। इस तरह 8 अप्रैल Hanuman Jayanti के दिन वर्ष का सबसे बड़ा और चमकीला चंद्रमा नजर आएगा। यहां बता दें कि Super Pink Moon सामान्य से 14 फीसदी बड़ा और 30 फीसदी अधिक चमकदार दिखाई देगा। 7 अप्रैल को सूर्यास्त के तुरंत बाद लोग पूरी रात इसके नजारे देख सकेंगे।

    14:42 (IST)07 Apr 2020
    Super Moon: इस कारण पृथ्वी पर दिखाई देता है सुपर मून...

    सामान्य रूप से पृथ्वी की चंद्रमा से दूरी 384400 किमी मानी जाती है। वहीं चन्द्रमा की पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी होने पर ये दूरी लगभग 405696 किमी मानी जाती है जिसे अपयोगी की स्थिति कहते हैं। यदि चंद्रमा की पेरिगी की स्थिति में पूर्णिमा पड़ जाए तो हमें सुपरमून दिखाई देता है। एक साल में न्यूनतम 12 पूर्णिमा पड़ती है लेकिन ऐसा कम होता है कि पेरिगी की स्थिति में पूर्णिमा भी पड़े।

    14:30 (IST)07 Apr 2020
    Super Moon: सुपर मून कैसे देखें?

    ग्रहण को छोड़कर सुपर मून पूर्णिमा के दिन दिखने वाले सामान्‍य चांद की तरह ही होता है. अंतर सिर्फ इतना है कि जब चांद धरती के ज्‍यादा करीब आता है तो वह बड़ा और चमकीला दिखाई देता है. ऐसे में इस सुपरमून के दीदार के लिए आपको किसी खास तरह के लेंस या अन्‍य उपकरणों की जरूरत है. इस चांद को आप अपने घर की बाल्‍कनी या छत से आसानी से देख सकते हैं।

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