Surya Gochar 2026 (सूर्य के मेष राशि में जाने का प्रभाव): वैदिक ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को पिता का कारक ही नहीं माना जाता है बल्कि आत्मा, तेज, सत्ता, मर्यादा, पिता, शासन, अनुशासन आदि का भी कारक माना जाता है। ऐसे में सूर्य की स्थिति में बदलाव का असर 12 राशियों के साथ-साथ वैश्विक स्तर में देखने को मिलता है। बता दें कि इस समय सूर्य गुरु की राशि मीन में विराजमान है। लेकिन 14 अप्रैल को सूर्य राशि परिवर्तन करके मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य का ये गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि मेष में सूर्य उच्च के होते हैं। ऐसे में सूर्य अपनी पूर्ण पावर में होते हैं। ऐसे में जातकों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं। सूर्य के मेष राशि में जाने से इन तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं इन लकी राशियों के बारे में…
द्रिक पंचांग के अनुसार, सूर्य 14 अप्रैल 2026, मंगलवार को 09:38 ए एम बजे मेष राशि में प्रवेश कर जाएंगे और 15 मई 2026, शुक्रवार को 06:28 ए एम बजे तक रहेंगे। इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश कर जाएंगे। सूर्य के इस गोचर से जहां एक ओर सूर्य सकारात्मक प्रभाव डालते हैं, तो वहीं दूसरी ओर मेष राशि में आने से अहंकार, जल्दबाजी में निर्णय लेने की प्रवृत्ति और व्यवस्थाओं से टकराव भी बढ़ सकता है। इस गोचर से जातकों के मन, पिता से संबंध, सरकारी आदि क्षेत्रों में आत्मविश्वास के साथ निर्णय क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं दूसरी ओर हठ, अहंकार की भी बढ़ोतरी हो सकती है।
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वैदिक ज्योतिष में सूर्य का उच्च होना क्यों है महत्वपूर्ण
सूर्य का मेष राशि में जाना ज्योतिष में काफी प्रभावशाली माना जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, सूर्य के उच्च में जाने से वह पूरी शक्ति के साथ अच्छे परिणाम दे सकते हैं। यानी जिन राशि के जातकों की कुंडली में सूर्य की स्थिति अच्छी है, तो उन्हें शुभ परिणाम मिल सकते हैं। वहीं जिनकी राशि में सूर्य की स्थिति कमजोर है, तो उन्हें थोड़ा कम परिणाम दे सकते हैं। राशि चक्र की पहली राशि मेष के स्वामी मंगल है। ऐसे में मंगल के प्रभाव भी बना रहेगा। मेष की बुद्धिमत्ता और इच्छाएं काफी अधिक प्रभावित हो सकती है।
मेष राशि (Aries Zodiac)
इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर अत्यंत प्रभावशाली रहेगा। इस राशि की गोचर कुंडली के सूर्य पांचवें भाव के स्वामी होकर लग्न भाव में प्रवेश कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि लाभकारी हो सकती है। कार्यस्थल में आपको एक अलग पहचान मिलने के योग बन रहे हैं। लेकिन किसी भी प्रकार का निर्णय ,सोच-समझकर लें, क्योंकि जल्दबाजी में आपक गलत फैसला ले सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में भी लाभ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। मान-सम्मान की तेजी से वृद्धि हो सकती है। व्यापार में भी आपके द्वारा बनाई गई रणनीति के माध्यम से आप सफल हो सकते हैं।
वृषभ राशि (Taurus Zoidac)
इस राशि के जातकों को भी विशेष लाभ मिल सकता है। इस राशि के चतुर्थ भाव के स्वामी होकर सूर्य द्वादश भाव में जाएंगे। ऐसे में इस राशि के जातक लंबी यात्राएं कर सकते हैं। इससे आपको लाभ मिलने के साथ आपके उद्देश्य पूरे हो सकते हैं। सुख-संपदा की प्राप्ति होने के साथ सुख-सुविधाओं में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। इस अवधि में ससुराल पक्ष से आपके संबंध अच्छे हो सकते हैं। विदेश यात्रा के भी योग बन रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य के लेकर थोड़ा सतर्क रहें।
मकर राशि (Capricorn Zoidac)
इस राशि की गोचर कुंडली के अष्टम भाव के स्वामी होकर सूर्य चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों के सुख-सुविधाओं में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। ससुराल पक्ष से आपके संबंध अच्छे हो सकते हैं। आपके अंदर नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। नौकरी के कारण स्थान परिवर्तन करना पड़ सकता है। अचल संपत्ति, वाहन सुख मिल सकता है। इसके अलावा करियर के क्षेत्र में भी लाभ मिल सकता है। आपको उच्च पद की प्राप्ति हो सकती है। हालांकि मां के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
