Chanakya Niti: ‘आस्तीन के सांप’ से कम नहीं होते ऐसे दोस्त, पीठ पीछे करते हैं वार

सच्चा मित्र वही है, जो हमेशा आपको सही रास्ता दिखाए। लेकिन जो व्यक्ति समय पड़ने पर भी आपको सही रास्ता नहीं दिखाता वह दुश्मन से कम नहीं होता।

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जो सही रास्ता ना दिखाए वो दोस्त दुश्मन से भी खतरनाक माना जाता है

Chanakya Niti: महापंडित आचार्य चाणक्य ने एक नीति शास्त्र की रचना की है, जिसमें कुल सत्रह अध्याय हैं। ‘नीति शास्त्र’ चाणक्य जी की नीतियों का अद्भुत संग्रह माना जाता है। कौटिल्य के नाम से मशहूर आचार्य चाणक्य ने अपने नीति शास्त्र में समाज के लगभग हर विषयों से जुड़ी कुछ नीतियां बताई हैं, जो समाज का मार्गदर्शन करती हैं और लोगों को सुखी जीवन जीने के लिए प्रेरित करती हैं। करीब 2 हजार चार सौ साल पहले लिखा गया यह ग्रंथ आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना पहले हुआ करता है।

इसलिए माना जाता है कि जो भी व्यक्ति चाणक्य जी की नीतियों का अनुसरण करता है, उसे जिंदगी में कभी असफलता का मुंह नहीं देखना पड़ता और ऐसे लोग सुख से अपना जीवन व्यतीत करते हैं। चाणक्य जी ने अपने नीति शास्त्र में बताया है कि किस तरह का दोस्त, दुश्मन की तरह ही खतरनाक साबित होता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार, “जो सही रास्ता ना दिखाए वो दोस्ती दुश्मन से भी खतरनाक होती है।”

चाणक्य जी ने इस कथन के माध्यम से कहा है कि अक्सर लोग अपने दोस्तों पर खुद से भी ज्यादा विश्वास कर लेते हैं। परिवार के लाख समझाने पर भी वह अपने दोस्तों का साथ नहीं छोड़ते। लेकिन अगर आपका दोस्त आपको सही रास्ता नहीं दिखा रहा तो वह आपके लिए किसी दुश्मन की तरह ही खतरनाक है। क्योंकि अगर गलत करने पर भी दोस्त आपको रोक नहीं रहा तो वह किसी आस्तीन के सांप से कम नहीं होता, जो मौका मिलते ही आपकी पीठ पर वार भी कर सकता है।

चाणक्य जी का मानना है कि सच्चा मित्र वही है, जो हमेशा सही रास्ता दिखाए। अगर आपने कुछ गलत किया तो वह आपको उसका अहसास कराता है। ऐसे लोगों का जीवन में बहुत महत्व होता है। इसलिए तो अक्सर लोग किसी पर भी आंख मूंदकर भरोसा कर बैठते हैं।

लेकिन अक्सर यही लोग विश्वासघाती साबित होते हैं, जो समय पड़ने पर सबसे पहले आपका साथ छोड़कर भाग जाते हैं। यही कारण है कि आचार्य चाणक्य ऐसे लोगों से अधिक सावधान रहने की सलाह देते हैं। साथ ही चाणक्य जी का कहना है कि मनुष्य को कोई भी फैसला अपने विवेक से करना चाहिए।

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