Somvati Amavasya 2026: हिंदू धर्म में सोमवती अमावस्या का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। जब अमावस्या तिथि सोमवार के दिन पड़ती है, तब उसे सोमवती अमावस्या कहा जाता है। यह दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान, दान-पुण्य, व्रत और पीपल वृक्ष की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। साथ ही विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-शांति के लिए इस व्रत का पालन करती हैं। वहीं इस साल सोमवती अमावस्या 15 को पड़ रही है। आइए जानते हैं तिथि और दान-स्नान का शुभ मुहूर्त…
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सोमवती अमावस्या 2026 कब है
फ्यूचर पंचांग के अनुसार, इस बार सोमवती अमावस्या अधिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ रही है। अमावस्या तिथि का आरंभ 14 जून, रविवार को दिन में 12 बजकर 21 मिनट पर होगा और अगले दिन 15 जून, सोमवार को सुबह 8 बजकर 25 मिनट तक अमावस्या तिथि व्याप्त रहेगी। ऐसे में उदया तिथि के आधार पर 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या का व्रत रखा जाएगा।
सोमवती अमावस्या दान- स्नान का शुभ मुहूर्त
स्नान-दान का शुभ समय: ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 04 मिनट से सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक है।
सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व
सोमवती अमावस्या के दिन पितरों का तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलने की मान्यता है। साथ ही भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख, सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। साथ ही सोमवती अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है। इसलिए पीपल की पूजा, जल अर्पित करना और उसकी परिक्रमा करना बेहद शुभ माना गया है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन किए गए दान-पुण्य से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
