ताज़ा खबर
 

सूर्य ग्रहण 2019: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण कैसा होगा? जानिए ग्रहण के समय किन बातों का रखना होगा ध्यान

Solar Eclipse December 2019: ये खडंग्रास सूर्य ग्रहण होगा जिसे वैज्ञानिक भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। दक्षिण भारत के कुछ स्थानों पर कंकणाकृति सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।

सूर्य ग्रहण 2019, solar eclipse 2019, surya grahan 2019 time, surya graha pregnant lady precaution, solar eclipse precaution during pregnancy,सूर्य ग्रहण दिसंबर 2019: गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखना चाहिए।

साल 2019 का आखिरी महीना चल रहा है। इस साल का अंत होने से पहले 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। ये खडंग्रास सूर्य ग्रहण होगा जिसे वैज्ञानिक भाषा में वलयाकार सूर्य ग्रहण कहा जाता है। दक्षिण भारत के कुछ स्थानों पर कंकणाकृति सूर्य ग्रहण दिखाई देगा। भारत के अलावा इस ग्रहण को एशिया के कुछ देश, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में भी देखा जा सकेगा। भारत में ग्रहण काल 2 घंटे 40 मिनट तक रहेगा।

2019 का आखिरी ग्रहण पौष के महीने में लग रहा है। ग्रहण के समय सूर्य, बुध, गुरु, शनि, चंद्र और केतु धनु राशि में एक साथ रहेंगे। केतु के स्वामित्व वाले नक्षत्र मूल में ग्रहण लगने से प्रकृति को नुकसान की संभावना नहीं है। जानिए ग्रहण के समय किन बातों का विशेष ध्यान रखना होगा…

– ग्रहण के समय पूजा पाठ करना मना होता है लेकिन इस दौरान मन ही मन अपने ईष्ट देव की अराधना करें।

– ध्यान रखें कि ग्रहण के समय भोजन न करें। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति ग्रहण के समय जितने अन्न के दाने खाता है उतने ही वर्षों तक नरक में रहता है। विज्ञान अनुसार ग्रहण से निकली किरणें भोजन को नुकसान पहुंचाती हैं।

– ग्रहण से तीन प्रहर पूर्व यानी 9 घंटे पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए। लेकिन बूढ़े, बच्चे और रोगी डेढ़ प्रहर पूर्व यानी 4.30 घंटे पहले तक खा सकते हैं।

– ग्रहण से पहले पके हुए भोजन में कुश या तुलसी डाल देनी चाहिए इससे खाने के पदार्थ दूषित नहीं होते हैं। ग्रहण के बाद नया भोजन बनाना चाहिए।

– ग्रहण के शुरू होते ही स्नान, मध्य में होम, देवपूजन और श्राद्ध करना चाहिए और अंत में वस्त्र सहित स्नान करना चाहिए।

– ग्रहण के समय गाय को घास, पक्षियों को अन्न और जरूरतमंदों को जरूरी चीजों का दान करना चाहिए।

– ग्रहण के समय सोना, मलमूत्र त्याग करना, शारीरिक संबंध बनाना और भोजन करना आदि कार्य वर्जित होते हैं।

– गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के समय विशेष ध्यान रखना चाहिए। घर से बाहर न निकलें और नुकीली चीजों का भी इस्तेमाल न करें।

– ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़े जाते और किसी भी शुभ काम की शुरुआत नहीं की जाती है।

Numerology: मूलांक से जानिए प्यार को लेकर क्या है आपके पार्टनर की सोच

– भगवान वेदव्यासजी ने कहा है कि सामान्य दिन से चंद्रग्रहण में किया गया पुण्य कर्म (जप, ध्यान, दान आदि) 1 लाख गुना और सूर्यग्रहण में किया गया 10 लाख गुना फलदायी होता है।

– गुरु मंत्र का जाप, किसी मंत्र की सिद्धी, रामायण, सुंदर कांड का पाठ, तंत्र सिद्धि ग्रहण काल में कर सकते हैं।

सूर्य ग्रहण का समय (Surya Grahan Time):

ग्रहण प्रारम्भ काल – 08:17 ए एम
परमग्रास – 09:31 ए एम
ग्रहण समाप्ति काल – 10:57 ए एम
खण्डग्रास की अवधि – 02 घण्टे 40 मिनट्स 06 सेकण्ड्स

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Numerology: मूलांक से जानिए प्यार को लेकर क्या है आपके पार्टनर की सोच
2 Jupiter Transit 2020: गुरु की बदलेगी चाल, मेष वालों को तरक्की तो मकर वालों के खर्चों में बढ़ोतरी के आसार
3 Finance Horoscope, December 13, 2019: कर्क राशि वालों की दैनिक आय में वृद्धि की संभावना, जानिए बाकियों का हाल
यह पढ़ा क्या?
X