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इस बात को लेकर सीता और लक्ष्मण जी में हुई थी लड़ाई, पढ़ें यह दिलचस्प प्रसंग

रामायण का यह प्रसंग भगवान राम और मां सीता के विवाह के समय का है। कहते हैं कि जब राम जी सीता को ब्याहकर अयोध्या लाए थे तो पहली रात ही सीता और लक्ष्मण में लड़ाई हो गई थी।

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रामायण से जुड़े हुए तमाम प्रसंग बड़े ही प्रसिध्द हैं। इन प्रसंगों को आए दिन भक्तों के बीच में साझा किया जाता रहता है। एक तरफ जहां इन्हें सुनकर आनंद मिलता है, वहीं दूसरी तरफ इनसे काफी सीख भी मिलती है। आज हम ऐसे ही एक दिलचस्प प्रसंग के बारे में आपको बताएंगे। यह प्रसंग भगवान राम की पत्नी सीता और उनके छोटे भाई लक्ष्मण जी से जुड़ा है। इस प्रंसग में उस घटनाक्रम का जिक्र किया गया है, जब एक बात को लेकर सीता और लक्ष्मण में लड़ाई हुई थी। जी हां, ऐसा कहा जाता है कि भगवान राम की चरणों की सेवा करने को लेकर सीता और लक्ष्मण में एक बार लड़ाई हो गई थी। चलिए विस्तार से जानते हैं रामायण से जुड़े इस रोचक प्रसंग के बारे में।

रामायण का यह प्रसंग भगवान राम और मां सीता के विवाह के समय का है। कहते हैं कि जब राम जी सीता को ब्याहकर अयोध्या लाए थे तो पहली रात ही सीता और लक्ष्मण में लड़ाई हो गई थी। प्रसंग के मुताबिक, लक्ष्मण जी राम के शयन कक्ष में जाते हैं और प्रत्येक दिन की तरह उनके चरण दबाने लगते हैं। कहा जाता है कि लक्ष्मण जी को राम के चरणों की सेवा किए बिना रात में नींद ही नहीं आती थी। यह देखकर सीता जी लक्ष्मण से नाराज हो जाती हैं। सीता लक्ष्मण से कहती हैं कि मैं प्रभु श्री राम की पत्नी हूं और उनके चरणों की सेवा करने का अधिकार मुझे है। लेकिन लक्ष्मण जी उनका आग्रह स्वीकार नहीं करते जिससे सीता और उनमें लड़ाई शुरू हो जाती है।

इस पर प्रभु श्री राम अपनी पत्नी और भाई के बीच की लड़ाई समाप्त करने का प्रयास करते हैं। राम उन दोनों को अपनी समस्या लेकर गुरु वशिष्ठ के पास भेज देते हैं। वशिष्ठ जी सीता और लक्ष्मण की समस्या सुनकर बड़े ही प्रसन्न होते हैं। दरअसल उन्हें यह देखकर अच्छा लगता है कि राम की सेवा के लिए उनकी पत्नी और छोटे भाई में लड़ाई हो रही है। इसके बाद वशिष्ठ समाधान देते हैं कि सीता जी राम के बाएं और लक्ष्मण दाएं चरण की सेवा करेंगे। इस तरह से सीता और लक्ष्मण की यह लड़ाई समाप्त हो जाती है।

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