ताज़ा खबर
 

Bhai Dooj 2018: जानिए क्यों मनाया जाता है भाई दूज और क्या है इसका इतिहास

Bhai Dooj 2018: भाई दूज के दिन भाई बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं, जबकि बहन भाई के लंबे जीवन और कल्याण की कामना करती हैं।

bhai dooj, bhai dooj 2018, bhai dooj puja vidhi, bhai dooj puja muhurat, bhai dooj puja time, bhai dooj tikka, bhai dooj tikka time, bhai dooj tikka muhurat, Bhaiya Dooj, Bhaiya Dooj 2018, Bhaiya Dooj Puja Vidhi, Bhaiya Dooj Puja Muhurat, bhai dooj puja shubh muhurat, bhai dooj pooja time, bhai dooj latest newsBhai Dooj 2018: भाई दूज, भाई और बहन के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है।

Bhai Dooj 2018: धनतेरस पर शुरु होने वाला 5 दिन का त्योहार खत्म होने की कगार पर है और हर बार की तरह इस बार भी आखिरी दिन भाई दूज का त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन भाई और बहन के बीच के बंधन को खुशियों से मनाते हैं। यह त्यौहार रक्षा बंधन के समान ही है, लेकिन इस दिन हम राखी की तरह भाई के हाथों पर कोई धागा नहीं बांधते हैं। इस दिन भी भाई बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं, जबकि बहन भाई के लंबे जीवन और कल्याण की कामना करती हैं। इस त्योहार के मनाए जाने के पीछे शास्त्रों में एक कथा प्रचलति है। आइए जानते हैं क्यों मनाया जाता है भाई दूज का त्योहार।

हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार सूर्य की संज्ञा से दो संतानें थी एक पुत्र यमराज और दूसरी पुत्री यमुना। संज्ञा सूर्य का तेज सहन न कर सकी और छायामूर्ति का निर्माण करके अपने पुत्र और पुत्री को सौंपकर वहां से चली गईं। छाया को यम और यमुना से किसी प्रकार का लगाव न था, लेकिन यमराज और यमुना में बहुत प्रेम था। यमराज अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे, लेकिन ज्यादा काम होने की वजह से अपनी बहन से मिल नहीं पाते थे। एक दिन यम अपनी बहन की नाराजगी को दूर करने के लिए उनसे मिलने पहुंचे। भाई को आया देख यमुना बहुत खुश हुईं। भाई के लिए खाना बनाया और आदर सत्कार किया। बहन का प्यार देखकर यम इतने खुश हुए कि उन्होंने यमुना को खूब सारे भेंट दिए। यम जब बहन से मिलने के बाद विदा लेने लगे तो बहन यमुना से कोई भी अपनी इच्छा का वरदान मांगने के लिए कहा। यमुना ने उनके इस आग्रह को सुन कहा कि अगर आप मुझे वर देना ही चाहते हैं तो यही वर दीजिए कि आज के दिन हर साल आप मेरे यहां आएं और मेरा आतिथ्य स्वीकार करेंगे। कहा जाता है इसी दिन के बाद हर साल भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है।

इसके अलावा, भगवान श्रीकृष्ण और उनकी बहन सुभद्रा को लेकर भी भाई दूज की एक कथा प्रचलित है। कहा जाता है कि नराकासुर को मारने के बाद जब भगवान श्रीकृष्ण अपनी बहन सुभद्रा से मिलने पहुंचे थे। उनकी बहन ने उनका फूलों और आरती से स्वागत किया था और उनके माथे पर टीका किया था। जिसके बाद से इस त्योहार को मनाया जाने लगा और इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं।

भाई दूज, भाई और बहन के लिए एक महत्वपूर्ण त्योहार है। यह त्योहार समूचे भारत में उल्लास से मनाया जाता है। इस त्योहार की अपनी मान्यताएं हैं। भाई दूज के दिन बहनें रोली और चावल से अपने भाई के माथे पर तिलक करती हैं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करती है। वहीं भाई, बहनों को उपहार देकर उनकी खुशियों को दोगुना कर देता है। यह दीपोत्सव का समापन दिवस भी है।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Bhai Dooj 2018 Puja Vidhi, Vrat Katha: भाई दूज पर इस विधि के साथ करेंगे पूजा तो बढ़ेगा भाई-बहन के बीच प्यार, यहां पढ़ें व्रत कथा
2 Bhai Dooj 2018 Puja Muhurat, Mantra, Vidhi: भाई दूज पूजन पर करें इस मंत्र जाप, थाली में जरूर रखें ये चीज
3 Happy Bhai Dooj 2020 Wishes Images, Quotes, Status: भाई दूज पर इन शानदार फोटोज, स्टेट्स और वॉलपेपर्स से अपने भाई-बहन को दें बधाई!
कृषि कानून
X