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Varanasi: बाबा काशी विश्वनाथ पर नहीं चढ़ेगा पैकेट वाला दूध, मंदिर न्यास परिषद ने बताया ‘अपवित्र’

शिवलिंग पर केवल कच्चा दूध चढ़ाने का शास्त्रीय विधान है। पैकेट वाला दूध पाश्चुराइज्ड होता है। उसे उबालकर ठंडा किया जाता है। ऐसे में वह शिवलिंग पर चढ़ाने योग्य नहीं है। श्री काशी विश्वनाथ न्याय परिषद कच्चा दूध उपलब्ध कराएगी।

Author वाराणसी | Published on: October 23, 2019 9:51 AM
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स -इंडियन एक्सप्रेस)

वाराणसी में बाबा विश्वनाथ भगवान का अभिषेक या पूजा में अब पैकेट वाला दूध नहीं चढ़ेगा। मंगलवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक में इसका निर्णय लिया गया। साथ ही यह भी तय हुआ कि मंदिर परिसर में पैकेट वाला दूध बेचा भी नहीं जा सकेगा। भगवान को सिर्फ कच्चा दूध ही चढ़ाया जा सकता है। इसकी वजह से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में खुले अमूल दूध के काउंटर को बंद कराने का आदेश दिया गया है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाने की परंपरा शुरू से रही है। सुविधा के लिए लोग पैकेट वाला दूध खरीदकर उसे ही चढ़ा दिया करते हैं। न्यास परिषद ने पैकेट वाले दूध को अपवित्र बताया है।

शास्त्रीय विधान सिर्फ कच्चे दूध का ही है श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद की बैठक परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने बताया कि शास्त्रीय विधान के अनुसार शिवलिंग पर सिर्फ कच्चा दूध ही चढ़ाया जा सकता है। पैकेट वाला दूध पाश्चुराइज्ड होता है। उसको अधिक तापमान पर गर्म करके फिर ठंडा किया जाता है और पैकेट में पैक होता है। इसलिए यह चढ़ाने योग्य नहीं है। ऐसे में यह निर्णय लिया गया है कि इस तरह के दूध अब न चढ़ेगा और न ही परिसर के अंदर बेचा जाएगा।

Hindi News Today, 23 October 2019 LIVE Updates

मंडी का कच्चा दूध उपलब्ध कराया जाएगा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में मंडी का कच्चा दूध उपलब्ध कराया जाएगा। इस बैठक में यह भी तय हुआ कि मंदिर के नियमित और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन की विसंगित को दूर किया जाए। इसके लिए वित्त निदेशक की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। यह समिति दीपावली तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। उसके बाद इस पर नए सिरे से विचार किया जाएगा।

मंदिर के रास्ते साफ रखे जाएंगे इसके अलावा बैठक में तय किया गया कि गंगातट पर स्थित मेहता अस्पताल का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। बैठक में इसको खरीदने को मंजूरी नहीं मिल सकी। साथ ही यह भी तय हुआ कि मंदिर आने-जाने वाले रास्ते को साफ-सुथरा रखा जाए। वहां पर दो बार सफाई करवाया जाएगा। काशी विश्वनाथ बाबा का दर्शन करने के लिए देश-विदेश से हजारों लोग प्रतिदिन आया करते हैं। इससे मंदिर में भीड़ बहुत रहती है। परिसर में खुले दुकानों के मालिकों को भी कहा गया है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

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