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Sawan Purnima 2019: श्रावण पूर्णिमा की हुई शुरुआत, जानें इस दिन का महत्व और पूजा विधि

Sawan Purnima Time: वैसे तो पूर्णिमा का व्रत हर माह में रखा जाता है। लेकिन श्रावण पूर्णिमा व्रत का काफी अधिक महत्व बताया गया है। इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा करने का विधान है।

Author नई दिल्ली | August 14, 2019 5:37 PM
Shravan Purnima: जानें पूजा विधि और महत्व।

Shravan Purnima Puja Vidhi: श्रावण का महीना 15 अगस्त को खत्म हो जायेगा। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन का त्यौहार श्रावण पूर्णिमा के दिन मनाने की परंपरा है। इस बार श्रावण पूर्णिमा दो दिन यानी 14-15 अगस्त को पड़ रही है। सावन महीने की पूर्णिमा का दिन शुभ व पवित्र माना जाता है। इस दिन किए गए तप और दान का काफी महत्व होता है। सावन में हर दिन भगवान शिव की विशेष पूजा करने का विधान है। लेकिन सावन माह की अंतिम तिथि यानी पूर्णिमा के दिन शिव पूजा और जलाभिषेक से विशेष पुण्य प्राप्त होता होता है।

श्रावण पूर्णिमा का महत्व (Shravan Purnima Significance) : मान्यता है कि श्रावण पूर्णिमा के दिन पूजा उपासना करने से चंद्रदोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन दान, पुण्य के कार्य करने का भी खास महत्व है। श्रावण पूर्णिमा के दिन कई लोग जनेऊ पहनने और नये जनेऊ को धारण करने का कार्य भी करते हैं। पड़ोसी देश नेपाल में भी ये परंपरा प्रचलित है। इस दिन भगवान शिव के साथ-साथ, भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा का भी विधान है। श्रावण की पूर्णिमा तिथि को दक्षिण में नारियली पूर्णिमा और अवनी अवित्तम के रूप में तो मध्य भारत में इसे कजरी पूनम और गुजरात में पवित्रोपना के रूप में मनाया जाता है।

श्रावण पूर्णिमा का व्रत व पूजा विधि (Shravan Purnima Vrat Vidhi)- वैसे तो पूर्णिमा का व्रत हर माह में रखा जाता है। लेकिन श्रावण पूर्णिमा व्रत का काफी अधिक महत्व बताया गया है। इस दिन सप्त ऋषियों की पूजा करने का विधान है। यह व्रत वैदिक कार्यों को पूर्ण करने वाला माना जाता है। नारद पुराण के अनुसार श्रावण मास को पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन देवताओं , ऋषियों तथा पितरों का तर्पण करना चाहिए। इस दिन लाल कपड़े में सरसों और चावल रखकर उसे लाल धागे से बांधकर और पानी से सींचकर तांबे के बर्तन में रखना चाहिए। इसके बाद भगवान विष्णु, शिव जी सहित अन्य देवी-देवताओं, कुलदेवताओं की पूजा करनी चाहिए। फिर किसी ब्राह्मण से अपने हाथ पर पोटली का रक्षासूत्र बंधवाना चाहिये। इस कार्य को करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन करवाकर दान-दक्षिणा देकर उन्हें संतुष्ट करना चाहिये।

श्रावणी पूर्णिमा समय (Shravan Purnima Time):
पूर्णिमा तिथि आरंभ – 15:45 बजे (14 अगस्त 2019)
पूर्णिमा तिथि समाप्त – 17:59बजे (15 अगस्त 2019)

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