Sheetala Mata Ki Aarti: हिंदू धर्म में शीतला अष्टमी का पर्व मां शीतला को समर्पित माना जाता है। इस दिन भक्त श्रद्धा और भक्ति के साथ मां शीतला की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शीतला माता को रोगों से रक्षा करने वाली देवी माना जाता है। इसलिए इस दिन उनकी पूजा करने और आरती करने का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन श्री शीतला माता की आरती करने से घर-परिवार पर देवी की कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। भक्त इस दिन मां शीतला को ठंडे भोग जैसे बासी भोजन, मीठे पकवान और दही आदि अर्पित करते हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से मां शीतला की आरती करने और उनका स्मरण करने से रोग-दोष दूर हो सकते हैं और परिवार के सदस्यों को अच्छे स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है।
शीतला माता की आरती (Sheetala Mata Ki Aarti lyrics in hindi)
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता।
आदि ज्योति महारानी सब फल की दाता।।
रतन सिंहासन शोभित, श्वेत छत्र भ्राता।
ऋद्धि-सिद्धि चंवर ढुलावें, जगमग छवि छाता।।
विष्णु सेवत ठाढ़े, सेवें शिव धाता।
वेद पुराण बरणत पार नहीं पाता।।
इन्द्र मृदंग बजावत चन्द्र वीणा हाथा।
सूरज ताल बजाते नारद मुनि गाता।।
घंटा शंख शहनाई बाजै मन भाता।
करै भक्त जन आरति लखि लखि हरहाता।।
ब्रह्म रूप वरदानी तुही तीन काल ज्ञाता।
भक्तन को सुख देनौ मातु पिता भ्राता।।
जो भी ध्यान लगावें प्रेम भक्ति लाता।
सकल मनोरथ पावे भवनिधि तर जाता।।
रोगन से जो पीड़ित कोई शरण तेरी आता।
कोढ़ी पावे निर्मल काया अन्ध नेत्र पाता।।
बांझ पुत्र को पावे दारिद कट जाता।
ताको भजै जो नाहीं सिर धुनि पछिताता।।
शीतल करती जननी तू ही है जग त्राता।
उत्पत्ति व्याधि विनाशत तू सब की घाता।।
दास विचित्र कर जोड़े सुन मेरी माता।
भक्ति आपनी दीजे और न कुछ भाता।।
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता…
जय शीतला माता, मैया जय शीतला माता…
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