Shardiya Navratri 2026 Date: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। वर्षभर में कुल चार नवरात्रि आती हैं, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्रि प्रमुख होती हैं, जबकि दो नवरात्रि गुप्त रूप में मनाई जाती हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होती है और दशमी तिथि को पारण के साथ समाप्त हो जाती है। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की श्रद्धापूर्वक आराधना की जाती है। मान्यता है कि इन नौ दिनों में विधिवत पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और व्यक्ति को सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष शारदीय नवरात्रि कब से शुरू हो रही है। तिथि, कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और तिथियां…
कब से कब तक शारदीय नवरात्रि 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि 12 अक्टूबर 2026, सोमवार से शुरू हो रही है, जो 21 अक्टूबर को विजया दशमी के साथ समाप्l होगी। इस बार पूरे नौ दिनों की शारदीय नवरात्रि पड़ने वाली है।
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 10, 2026 को 09:19 पी एम बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त – अक्टूबर 11, 2026 को 09:30 पी एम बजे
शारदीय नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त
शारदीय नवरात्रि की घटस्थापना मुहूर्त – 11 अक्टूबर 06:19 ए एम से 10:12 ए एम
अवधि – 03 घण्टे 52 मिनट्स
घटस्थापना अभिजित मुहूर्त – 11:44 ए एम से 12:31 पी एम
चित्रा नक्षत्र प्रारम्भ – अक्टूबर 10, 2026 को 09:42 पी एम बजे
चित्रा नक्षत्र समाप्त – अक्टूबर 11, 2026 को 10:32 पी एम बजे
वैधृति योग प्रारम्भ – अक्टूबर 10, 2026 को 10:02 पी एम बजे
वैधृति योग समाप्त – अक्टूबर 11, 2026 को 09:05 पी एम बजे
किस पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान मां पृथ्वी पर निवास करती हैं। ऐसे में वह किसी न किसी वाहन में सवार होकर आती है। ये वाहन नवरात्रि आरंभ होने वाले दिन के हिसाब से सुनिश्चित किया जाता है। साल 2026 की बात करें, तो शारदीय नवरात्रि का आरंभ रविवार के दिन से हो रहा है। ऐसे में वह इस साल हाथी में सवार होकर आने वाली है, जो अच्छी बारिश का संकेत माना जा रहा है।
शशिसूर्ये गजारूढा शनिभौमे तुरंगमे।
गुरौ शुक्रे च दोलायां बुधे नौका प्रकीर्त्तिता॥
गजे च जलदा देवी छत्रभंगस्तुरंगमे।
नौकायां सर्वसिद्धिः स्यात् दोलायां मरणं ध्रुवम्॥
रविवार एवं सोमवार को भगवती हाथी पर आती हैं, शनि और मंगलवार को घोड़े पर,बृहस्पति और शुक्रवार को डोला पर, बुधवार को नाव पर आती हैं।दुर्गा हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा होती है, घोड़े पर आगमन से राजाओं में युद्ध होता है। नाव पर आगमन से सब कार्यों में सिद्धि मिलती है और यदि डोले पर आगमन होता है तो उस वर्ष में अनेक कारणों से बहुत लोगों की मृत्यु होती
शारदीय नवरात्रि 2026 कैलेंडर
पहला दिन- 12 अक्टूबर 2026, सोमवार- मां शैलपुत्री, घटस्थापना
दूसरा दिन- 13 अक्टूबर 2026, मंगलवार- मां ब्रह्मचारिणी
तीसरा दिन – 14 अक्टूबर 2026, बुधवार- मां चंद्रघंटा
चौथा दिन-15 अक्टूबर 2026, गुरुवार- मां कूष्मांडा
पांचवां दिन-16 अक्टूबर 2026, शुक्रवार- मां स्कंदमाता
छठा दिन-17 अक्टूबर 2026, शनिवार- मां कात्यायनी
सातवां दिन – 18 अक्टूबर 2026, रविवार- मां कालरात्रि
आठवां दिन- 19 अक्टूबर 2026, सोमवार- मां महागौरी
नौवां दिन- 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार- मां सिद्धिदात्री
डिसक्लेमर- यह लेख पूरी तरह से ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी सत्यता या इससे होने वाले किसी भी लाभ-हानि की पुष्टि नहीं करता है। अधिक जानकारी के लिए पंचांग, शास्त्र या फिर किसी पंडित से अवश्य जानकारी लें।
