Shaniwar Upay: शनि की कुदृष्टि से बचने के लिए शनिवार के दिन अपनाएं ये खास उपाय, जानिये क्या है मान्यता

Shaniwar Ke Upay: शनिवार के दिन काली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। आप चाहें तो काले कुत्ते को रोटी भी खिला सकते हैं।

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शनिवार के दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं

Shaniwar Ke Upay: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शरीर का संचालन सभी नौ ग्रहों द्वारा किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में कुल 12 राशियों और 9 ग्रहों का अध्ययन किया जाता है। हालांकि इन सभी ग्रहों में शनि ग्रह की दृष्टि को सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है। माना जाता है कि कुंडली में अगर शनि ग्रह कमजोर स्थिति में हैं तो जीवन में कई तरह की समस्याएं आने लगती हैं। परिवार के बीच मन-मुटाव, आर्थिक और शारिरिक समस्याओं से भी व्यक्ति को जूझना पड़ता है। लेकिन अगर आपकी कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत हो जाए तो सारी परेशानियां दूर हो जाती हैं।

कर्म फलदाता शनिदेव मनुष्य को उसके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। अच्छे कर्म करने वाले लोगों को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति पर शनिदेव की कुदृष्टि पड़ जाए तो उसकी जिंदगी नर्क के समान हो जाती है। जिन लोगों की जिंदगी में शनि कमजोर स्थिति में होते हैं, वह शनि के प्रकोप से बचने के लिए लोग तरह-तरह के उपाय अपनाते हैं। शनिवार के दिन ये कुछ उपाय करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और मनुष्य को उनकी कुदृष्टि का सामना नहीं करना पड़ता है।

शनिवार के दिन अपनाएं ये उपाय:

-शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार के दिन शाम के समय पीपल के पेड़ या फिर बरगद के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना चाहिए। इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं, साथ ही कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति भी मजबूत होती है।

-शनिवार के दिन शमी का पेड़ घर में लगाने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और जातक की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

-शनिवार के दिन काली वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है। आप चाहें तो काले कुत्ते को रोटी भी खिला सकते हैं। इससे भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

-इस दिन किसी भी शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाने से और शनिदेव की स्तुति करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।

-रविवार को छोड़कर लगातार 43 दिनों तक शनिदेव की मूर्ति पर सरसों का तेल अर्पित करने से रुके हुए काम भी बनने लगते हैं।

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