दिव्य धाम की सीरीज में आज हम बात करने जा रहे हैं शनि शिंगणापुर धाम के बारे में, हिंदू धर्म में इस मंदिर का विशेष महत्व है। यह मंदिर महाराष्ट्र राज्य के अहमदनगर जिले में स्थित है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से पूजा करने पर व्यक्ति के जीवन से शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट कम हो जाते हैं। इस मंदिर की सबसे खास बात यह है कि पूरे गांव में किसी भी घर या दुकान में दरवाजे नहीं होते। लोगों का विश्वास है कि स्वयं शनि देव उनकी रक्षा करते हैं, इसलिए यहां चोरी जैसी घटनाएं नहीं होतीं। यहां भक्त विशेष रूप से शनिवार के दिन तेल चढ़ाकर पूजा करते हैं और अपने जीवन की बाधाओं को दूर करने की कामना करते हैं। यह 400 साल पुराना मंदिर एक खुले चबूतरे पर स्थित है, जहाँ भगवान शनि एक काली शिला के रूप में विराजमान हैं।
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जानिए मंदिर का इतिहास और महत्व
कहा जाता है कि कई वर्षों पहले एक काले पत्थर के रूप में शनि देव की मूर्ति पनसनाला नदी में बहकर आ गई। जब ग्रामीणों ने उस पत्थर को हटाने की कोशिश की, तो उससे खून निकलने लगा। उसी रात शनि देव ने गांव के एक व्यक्ति को स्वप्न में दर्शन देकर कहा कि इस मूर्ति को खुले स्थान पर ही स्थापित किया जाए और इसके ऊपर कोई छत न बनाई जाए। इसके बाद शनि देव को स्थापित किया गया। तब से यह मूर्ति खुले आसमान के नीचे विराजमान है और आज भी इसी परंपरा का पालन किया जाता है।
यही कारण है कि यह मंदिर अन्य शनि मंदिरों से बिल्कुल अलग है। यहां जाने वाले आस्थावान लोग केसरी रंग के वस्त्र पहनकर ही जाते हैं। कहते हैं मंदिर में कथित तौर पर कोई पुजारी नहीं है, भक्त प्रवेश करके शनि देव जी के दर्शन करके सीधा मंदिर से बाहर निकल जाते हैं।
कैसे पहुंचे शनि शिंगणापुर मंदिर
शनि शिंगणापुर अहमद नगर से लगभग 35 किमी और शिरडी से करीब 70 किमी दूर है। यहां तक बस, टैक्सी और निजी वाहन से आसानी से पहुंचा जा सकता है। वहीं निकटतम रेलवे स्टेशन भी अहमद नगर हैं, जहां से मंदिर तक टैक्सी या बस मिल जाती है। साथ ही सबसे नजदीकी एयरपोर्ट औरंगाबाद है, जो लगभग 90 किमी दूर स्थित है। यहां से सड़क मार्ग द्वारा मंदिर पहुंचा जा सकता है।
डिसक्लेमर- इस लेख को विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या फिर धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इसके किसी भी तरह के उपयोग करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
