अक्टूबर तक का समय इन 5 राशियों के लिए है भारी, वक्री शनि की इन पर है टेढ़ी नजर

वैसे तो शनि की इस उल्टी चाल का सभी राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव पड़ता है। लेकिन इससे खासतौर से शनि साढ़े साती (Shani Sade Sati) और शनि ढैय्या (Shani Dhaiya) से पीड़ित राशि वाले जातक परेशान होते हैं।

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मकर: इस राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है।

शनि 23 मई से वक्री चल रहे हैं और 11 अक्टूबर तक इसी अवस्था में रहेंगे। आमतौर पर शनि की वक्री चाल के दौरान कार्य देरी से पूरे होते हैं। किसी न किसी से विवाद होने की संभावना रहती है। वैसे तो शनि की इस उल्टी चाल का सभी राशियों पर कुछ न कुछ प्रभाव पड़ता है। लेकिन इससे खासतौर से शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से पीड़ित राशि वाले परेशान होते हैं। जानिए कौन सी 5 राशियां हैं जिन्हें 11 अक्टूबर तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत पड़ेगी।

मिथुन: इस राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या चल रही है। इसलिए शनि की वक्री चाल का आपके ऊपर सबसे अधिक प्रभाव है। अक्टूबर तक का समय आपके लिए काफी परेशानी वाला साबित हो सकता है। इसलिए आपको इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी। किसी भी तरह के वाद-विवाद से बचें। कार्य देरी से पूरे हो सकते हैं इसलिए संयम बनाए रखें।

तुला: इस राशि के जातकों पर भी शनि की ढैय्या चल रही है। ये शनि की उच्च राशि भी है। अक्टूबर तक का समय आपके लिए मुश्किल रहने के आसार हैं। इसलिए इस दौरान बेहद ही सावधानी से काम लेने की जरूरत होगी। निवेश करते समय भी सतर्क रहें। वाहन सावधानी से चलाने की सलाह है।

धनु: इस राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती का आखिरी चरण चल रहा है। वक्री शनि के कारण आपके कार्यों में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए कोई भी काम बेहद ही सावधानी से और सोच समझकर ही करें। किसी सगे संबंधी से संबंध खराब होने के आसार रहेंगे। वाणी में कटुता आएगी। यह भी पढ़ें- सबसे ज्यादा अमीर बनते हैं इन 4 राशि के लोग, इनकी किस्मत मानी जाती है काफी तेज

मकर: इस राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती का दूसरा चरण चल रहा है। 11 अक्टूबर तक का समय आपके लिए भी काफी कष्टकारी साबित हो सकता है। इसलिए सर्तक रहें। वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के आसार हैं। इसलिए सावधानी बरतें। खर्चे बढ़ सकते हैं।

कुंभ: इस राशि के जातकों पर शनि साढ़े साती का पहला चरण चल रहा है। शनि की वक्री दृष्टि आपके कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकती है। इस अवधि में किसी भी काम में सफलता पाने के लिए कठिन परिश्रम करने की जरूरत पड़ेगी।

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