ताज़ा खबर
 

Shani Sade Sati/Dhaiya Upay: साढ़ेसाती और शनि दोष करना है दूर तो अपनाएं ये उपाय…

Shani Sade Sati And Dhaiya Upay: यदि आप शनि साढ़ेसाती या फिर ढैय्या से परेशान हैं तो शनिवार के दिन बगैर किसी को बताए अपने काले रंग का चमड़े का जूता या चप्पल मंदिर में छोड़ आएं और उसके बाद पीछे पलट कर न देखें। मंदिर में जूते चप्पल खोलना शुभ संकेत है और खासकर शनिवार के दिन चोरी होना विशेष तौर पर लाभकारी माना गया है।

प्रतिदिन पूजा करते समय महामृत्युंजय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

Shani Upay: शनिदेव का नाम जहन में आते ही घबराहट महसूस होने लगती है। खासकर तब जब व्यक्ति शनि की साढ़े साती या फिर ढैय्या से परेशान हो। शनि महाराज दंड के स्वामी माने जाते हैं। जो सभी को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि 11 मई को वक्री (Shani Vakri 2020) हो जायेंगे जिससे शनि के प्रभाव में आई राशियों के कष्ट बढ़ जायेंगे। लेकिन इससे घबराएं नहीं बल्कि कर लें ये कुछ उपाय, जिससे शनिदेव की बुरी दृष्टि से बचा जा सके…

– शनि देव की कृपा पाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है अपने कर्मों में सुधार करना। किसी का बुरा न करें। गलत कार्यों से बचें। मांस मदिरा का प्रयोग बिल्कुल भी न करें।

– यदि आपके ऊपर शनि की साढ़े साती या फिर ढैय्या चल रही है तो आप शमी के वृक्ष की जड़ को काले कपड़े में पिरोकर शनिवार के दिन शाम को दाहिने हाथ में बांधे फिर ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम: मंत्र की तीन बार माला जपें।

– शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए उनके सिद्ध मंत्रों का जाप करें। आपको इन मंत्र का जाप शनिवार को विशेष रूप से और यदि संभव हो तो प्रतिदिन १०८ मनकों की माला से एक माला का जाप करना चाहिए।

सूर्य पुत्रो दीर्घ देहो विशालाक्ष: शिव प्रिय:।
मंदाचाराह प्रसन्नात्मा पीड़ां दहतु में शनि:।।

ॐ शं शनैश्चराय नमः।

ॐ प्रां प्रीं प्रौ सं शनैश्चराय नमः।

ॐ नमो भगवते शनैश्चराय सूर्यपुत्राय नमः।

– कहा जाता है कि शनि भगवान शिव जी की उपासना से भी प्रसन्न होते हैं। इसलिए शिव सहस्त्रनाम या शिव के पंचाक्षरी मंत्र का पाठ करें। भगवान शिव का पंचाक्षर मन्त्र ‘नमः शिवाय’ है। इसी मन्त्र के ॐ लगा देने पर यह षडक्षर मन्त्र ‘ॐ नम: शिवाय’ हो जाता है।

– शनि भगवान हनुमान की उपासना करने से भी प्रसन्न होते हैं। शनि दोष से मुक्ति के लिए शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ करें और हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें अपनी क्षमता अनुसार मीठा प्रसाद चढ़ाएं।

– प्रतिदिन पूजा करते समय महामृत्युंजय मंत्र ॐ नमः शिवाय का जाप करें।

– शनिवार को ही अपने हाथ के नाप का 29 हाथ लंबा काला धागा लेकर उसको मांझकर(बंटकर) माला कि तरह गले में पहन लें।

– घर के किसी अंधेरे भाग में लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर और उसमें तांबे का सिक्का डालकर रखें।

– यदि आप शनि साढ़ेसाती या फिर ढैय्या से परेशान हैं तो शनिवार के दिन बगैर किसी को बताए अपने काले रंग का चमड़े का जूता या चप्पल मंदिर में छोड़ आएं और उसके बाद पीछे पलट कर न देखें। मंदिर में जूते चप्पल खोलना शुभ संकेत है और खासकर शनिवार के दिन चोरी होना विशेष तौर पर लाभकारी माना गया है।

– शनिवार के दिन जल में गुड़ या चीनी मिलाकर पीपल को जल देने और सरसों के तेल का दीपक जलाने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App। जनसत्‍ता टेलीग्राम पर भी है, जुड़ने के ल‍िए क्‍ल‍िक करें।

Next Stories
1 Ganga Saptami 2020: आज है गंगा सप्तमी, जानिए मां गंगा के पुनर्जन्म की कहानी, घर बैठे ऐसे मनाएं ये त्योहार
2 मासिक राशिफल, मई 2020: मई में ग्रहों के राशि परिवर्तन से 5 राशि के जातकों को मिलेगा लाभ, जानिए किन्हें होगी हानि
3 कई शुभ योगों से भरा है आज का दिन, जानिए राहुकाल का समय