Shani Gohar 2026: ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे ज्यादा शक्तिशाली ग्रहों में से एक माना जाता है, क्योंकि वह जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। इसी के कारण उन्हें न्याय का देवता से लेकर कर्मफल दाता कहा जाता है। शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। वह एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। ऐसे में इसका असर 12 राशियों पर लंबे समय तक बना रहता है। शनि एक निश्चित अवधि के बाद राशि और नक्षत्र परिवर्तन भी करते हैं। वर्तमान में शनि मीन राशि के उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में हैं। इसके साथ ही कर्म के ग्रह शनि 17 मई 2026 से अपने जन्म नक्षत्र रेवती में गोचर करेंगे। शनि के बुध के नक्षत्र में आने से 12 राशियों के साथ देश-दुनिया में असर देखने को मिलने वाला है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें इन राशियों के बारे में…

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि 17 मई को दोपहर 3 बजकर 39 मिनट पर रेवती नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे और 9 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इसके बाद पुन: उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश कर जाएंगे।

आकाश मंडल के 27 नक्षत्रों में से अंतिम और अत्यंत शुभ, सौम्य तथा समृद्धि देने वाला नक्षत्र रेवती माना जाता है। इसका स्वामी बुध है। जो शनि के मित्र माने जाते हैं। ऐसे में शनि के इस नक्षत्र में आने से जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। सुख-समृद्धि, विदेश, अध्यात्म से लेकर धन-वैभव की प्राप्ति हो सकती हैं। समाज में मान-सम्मान की भी वृद्धि हो सकती है। हालांकि रेवती एक गंडमूल नक्षत्र भी है, इसलिए शनि का इसमें गोचर जीवन में रुकावट, धीमापन, आत्मचिंतन और बदलाव ला सकता है। लेकिन बुध के प्रभाव के कारण परिणाम उसकी स्थिति पर भी निर्भर करेंगे।

वृषभ राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Taurus Zodiac)

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता है। शनि योगकारक ग्रह हैं और बुध धन और संतान भाव के स्वामी हैं। शनि इस राशि की गोचर कुंडली के 11वें भाव में विराजमान है। ऐसे में इस राशि के जातकों के आय में बढ़ोतरी हो सकती हैं। आपकी कई इच्छाएं पूरी हो सकती है। सरकारी काम, पब्लिक सेक्टर और बड़े प्रोजेक्ट्स में लाभ मिलेगा। इससे आपके व्यापार में अच्छा खासा लाभ मिल सकता है। इसके अलावा विदेश से अवसर मिल सकते हैं। ऐसे में करियर में आप एक अच्छी उछाल पा सकते हैं। हालांकि मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए इसे संतुलन में रखने की कोशिश करें।

मिथुन राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Gemini Zodiac)

मिथुन राशि के लिए शनि दशम भाव से गुजर रहे हैं। ऐसे में बुध के नक्षत्र रेवती में आने से इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। आपके करियर में तेजी से बदलाव आ सकता है। नौकरी में काफी लाभ मिलने के योग नजर आ रहे हैं। कई नए अवसर मिल सकते हैं। आपके काम की सराहना हो सकती है। विदेश से जुड़े कामों में अवसर मिल सकते हैं। हालांकि वैवाहिक जीवन में थोड़ी परेशानी हो सकती है। इसलिए थोड़ा धैर्य और शांति से अपने पार्टनर से बात करने की कोशिश करें।

कन्या राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र पर जाने का असर (Taurus Zodiac)

कन्या राशि के जातकों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता है। इस राशि की गोचर कुंडली के सप्तम भाव से शनि गुजरेंगे। ऐसे में इस राशि के जातकों के जीवन में कई क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं। व्यापार के क्षेत्र में भी काफी लाभ मिल सकता है। व्यापार में आपके द्वारा बनाई गई रणनीति कारगर साबित हो सकती है। पार्टनरशिप के बिजनेस में भी काफी लाभ मिल सकता है। करियर के क्षेत्र में आपको काफी लाभ मिल सकता है। आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं।

ग्रहों की स्थिति के हिसाब से ये राशिफल निकाला जाता है, जो सामान्य होता है। इसलिए जरूरी नहीं है कि ये हर व्यक्ति पर 100% एक जैसा लागू हो। हर व्यक्ति की जिंदगी अलग होती है क्योंकि जन्म कुंडली (Birth Chart) में दशा–अंतर्दशा, लग्न, ग्रह स्थिति हर एक चीज अलग-अलग होते हैं।

मेष वार्षिक राशिफल 2026वृषभ वार्षिक राशिफल 2026
मिथुन वार्षिक राशिफल 2026कर्क वार्षिक राशिफल 2026
सिंह वार्षिक राशिफल 2026कन्या वार्षिक राशिफल 2026
तुला वार्षिक राशिफलवृश्चिक वार्षिक राशिफल 2026
धनु वार्षिक राशिफल 2026मकर वार्षिक राशिफल 2026
कुंभ वार्षिक राशिफल 2026मीन वार्षिक राशिफल 2026

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।