Shani Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को कर्मफल दाता और न्याय का देवता कहा जाता है। ऐसे में शनि जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं। शनि सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है। वह एक राशि में करीब ढाई साल तक रहते हैं। ऐसे में शनि की स्थिति के बदलाव का असर 12 राशियों के जीवन में किसी न किसी तरह से अवश्य देखने को मिलता है। शनि जीवन में अनुशासन, धैर्य, और कठिन परिश्रम का पाठ सिखाते हैं। शनि एक निश्चित अवधि के बाद राशि के अलावा नक्षत्र परिवर्तन भी करते है जिसका असर 12 राशियों के साथ वैश्विक स्तर पर देखने को मिलता है। इस समय शनि मीन राशि में रहकर रेवती नक्षत्र में विराजमान है। वहीं जुलाई के आरंभ में शनि नक्षत्र पद परिवर्तन करेंगे। इसका गहरा असर हर राशि में देखने को मिलने वाला है। लेकिन इन तीन राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। ये विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। जानें इन राशियों के बारे में…
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस समय शनि रेवती नक्षत्र में विराजमान है। वहीं 2 जुलाई 2026, गुरुवार को 08:22 ए एम बजे रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में प्रवेश कर जाएंगे और इस पद में 20 अगस्त तक रहेंगे। इसके बाद पुन: पहले पद में आ जाएंगे। बता दें कि शनि इस नक्षत्र में 9 अक्टूबर तक रहने वाले हैं। इसी बीच शनि 27 जुलाई को वक्री हो जाएंगे।
क्या होगा रेवती नक्षत्र का प्रभाव?
आकाश मंडल में मौजूद 27 नक्षत्रों में से रेवती नक्षत्र अंतिम नक्षत्र है। ये नक्षत्र अत्यंत शुभ और समृद्धि दिलाने वाला माना जाता है। ये नक्षत्र नई शुरुआत, आध्यात्मिक विकास और जीवन में गहरे परिवर्तन का संकेत देता है। इस नक्षत्र के स्वामी बुध है, जिन्हें शनि का मित्र माना जाता है। रेवती शनि का जन्म नक्षत्र भी माना जाता है, इसलिए यह नक्षत्र शनि को अत्यंत प्रिय है। ऐसे में शनि का रेवती नक्षत्र में जाना लाभकारी हो सकता है। 2 जून को गुरु कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, तो शनि पर दृष्टि पड़ने वाली है। ऐसे में शनि के और अधिक नकारात्मक प्रभावों में कमी देखने को मिलने वाली है।
कन्या राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र के दूसरे पद पर जाने का असर (Virgo Zodiac)
कन्या राशि के जातकों के लिए शनि का रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में जाना काफी विशेष माना जा रहा है, क्योंकि इस राशि के स्वामी स्वयं बुध है। ऐसे में शनि के बुध के नक्षत्र में जाने से इस राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलने वाले हैं।
इस समय शनि आपकी गोचर कुंडली के सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं और इस भाव में शनि दिग्बली होते हैं। इसके साथ ही शनि की दृष्टि नवम, लग्न और चतुर्थ भाव पर पड़ रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों के विवाह के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति अच्छी हो सकती है। किस्मत का पूरा साथ मिलने के साथ करियर में भी वृद्धि देखने को मिल सकती है।
पार्टनरशिप में व्यापार शुरू करना चाहते हैं, तो आपको एक अच्छा सहयोग मिल सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि लाभकारी हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। नौकरी और करियर में भी अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। सोशल मीडिया, इंटरनेट, कम्युनिकेशन और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को इस समय विशेष लाभ मिल सकता है।
कर्क राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र के दूसरे पद पर जाने का असर (Cancer Zodiac)
कर्क राशि के जातकों के लिए ये समय काफी विशेष हो सकता है। इस राशि के नवम भाव में शनि रहने वाले हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। इस भाव में रहकर शनि की तीसरी दृष्टि लाभ भाव पर, सातवीं दृष्टि पराक्रम भाव पर और दसवीं दृष्टि छठे भाव पर पड़ने वाली है। ऐसे में इस राशि के जातकों के आय के नए स्त्रोत खुल सकते हैं। ऐसे में आर्थिक स्थिति काफी मजबूत हो सकती है।
विदेश व्यापार के कई मौके मिल सकते हैं। आयात-निर्यात के द्वारा काफी लाभ कमा सकते हैं। पहले किए गए निवेश में भी लाभ मिल सकता है। शेयर मार्केट, सट्टेबाजी के द्वारा काफी पैसा कमा सकता है। हालांकि किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले अच्छे से सोच-विचार कर लें।
आपके बुद्धि, निर्णय क्षमता से लेकर आत्मविश्वास में वृद्धि हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को लाभ मिल सकता है। इंटरव्यू और करियर से जुड़े अवसर में भी सफलता मिलने की संभावना है।
अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव आ सकता है। आपका कई अच्छी जगह रिश्ता तय होने के साथ विवाह संपन्न हो सकता है। पार्टनरशिप में व्यापार करना लाभकारी हो सकता है। 22 जुलाई को शनि वक्री हो जाएंगे। ऐसे में आपका रुका हुआ पैसा वापस मिलने के साथ अचानक धन लाभ हो सकता है। इंश्योरेंस, मार्केटिंग, रियल एस्टेट या प्रॉपर्टी के क्षेत्र से जुड़े जातकों को लाङ मिल सकता है। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें।
कुंभ राशि पर शनि के रेवती नक्षत्र के दूसरे पद पर जाने का असर (Aquarius Zodiac)
कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि के रेवती नक्षत्र के दूसरे पद में जाना अत्यंत लाभकारी हो रहा है। इस राशि की गोचर कुंडली के दूसरे भाव में विराजमान रहेंगे। शनि धन भाव में रहकर तीसरी दृष्टि चौथे भाव पर, सातवीं दृष्टि आठवें भाव पर और दसवीं दृष्टि लाभ भाव पर डालेंदे। ऐसे में इस राशि के जातकों को कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। इस अवधि में बुध के साथ शुक्र की स्थिति अच्छी रहने वाली है। ऐसे में वाहन, घर, प्रॉपर्टी आदि खरीदने का सपना पूरा हो सकता है। अध्यात्म की ओर भी आपका झुकाव अधिक हो सकता है।
गुरु बृहस्पति कर्क राशि में उच्च में होकर शनि में दृष्टि डालने वाले हैं। ऐसे में आपको कार्यक्षेत्र में काफी लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। नौकरी के क्षेत्र में भी काफी लाभ मिल सकता है। ऋण मुक्ति और बैंक लोन मिलने के भी योग बन रहे हैं। शनि के प्रभाव के कारण रियल एस्टेट, ऑटोमोबाइल, मेडिकल, कंसलटेंसी और स्वतंत्र व्यवसाय से जुड़े जातकों को लाभ मिल सकता है।
शनि के कारण कोर्ट-कचहरी, प्रॉपर्टी से जुड़े कामों में सफलता हासिल हो सकती है। इस अवधि में आपको कई नए अवसर मिल सकते हैं। जिनका आपको सही तरह से उपयोग करके अच्छे परिणाम पा सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
