शनि की ढैय्या से हैं परेशान तो शनिवार को करें ये 4 उपाय, नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति मिलने की है मान्यता

जिन लोगों की राशि में शनि की ढैय्या चलती है उन्हें उसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को सहना पड़ता है। लोग नकारात्मक प्रभावों को शनिदेव का प्रकोप मानते हैं।

Shani Dhaiya Ke Upay, shani dhaiya upay, Shani Dhaiya
शनि ढैय्या के उपायों में इस उपाय को विशेष रूप से कारगर माना गया है।

Shani Dhaiya Ke Upay : शनि की ढैय्या सुनते ही लोग चिंता में पड़ जाते हैं। जिन लोगों की राशि में शनि की ढैय्या चलती है उन्हें उसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों को सहना पड़ता है। लोग नकारात्मक प्रभावों को शनिदेव का प्रकोप मानते हैं। ऐसे में लोग उनके प्रकोपों से बचने के लिए उपायों को तलाशते हैं।

शनि ढैय्या के उपाय (Shani Dhaiya Ke Upay)
शनिवार की शाम को शमी के पौधे की जड़ को काले रंग के कपड़े में बांधें। फिर काला धागा लेकर उसमें वो कपड़ा बांधें। इसे हाथ में लेकर ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम: का 108 बार जाप कर उसे हाथ में या गले में पहनें। ध्यान रखें कि यह धागा अपने गले से उतारना नहीं है। जब तक शनि ढैय्या चलेगी तब तक इसे पहनकर रहें। इस उपाय से बहुत जल्द शनिदेव प्रसन्न हो जाते हैं।

एक मटका लें। उसमें सवा किलो उड़द की दाल रखें। साथ में काले तिल, काला कपड़ा, तांबे का सिक्का, लौहे की कील और सरसों का तेल रखें। शनिवार की शाम को यह मटका किसी विधवा स्त्री को दान करें। यह उपाय बहुत असरदार है। मान्यता है कि इस उपाय को 5 से 6 महीने में दोहराने से शनिदेव के प्रकोप मुक्ति मिलती है। शनि ढैय्या के उपायों में इस उपाय को विशेष रूप से कारगर माना गया है।

शनिवार को दिन ढलने के बाद सात तरह का अनाज लें। शनिदेव का याद करते हुए उनसे प्रार्थना करें कि वो आप पर कृपा करें। साथ ही यह भी कहें कि आप सद्मार्ग पर ही चलेंगे और आपको ढैय्या के नकारात्मक प्रभावों से मुक्ति दें। फिर उस अनाज को अपने सिर से सात बार उतारें। इसके बाद इस अनाज को पक्षियों के लिए दान कर दें। सम्भव हो तो स्वयं पक्षियों को खिलाएं।

नीले या काले रंग के पांच फूल लें। इन्हें काले रंग के कपड़े में रखकर ॐ शं शनैश्चराय नम: का 108 बार जाप करें। फिर इन फूलों को किसी शांत स्थान पर जाकर मिट्टी में दबा दें। ध्यान रहे कि यह उपाय करते समय आपको कोई न देखे। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि यह उपाय बिना टोके करना है इसलिए किसी को इस उपाय के बारे में बताने से भी बचें।

पढें Religion समाचार (Religion News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट