scorecardresearch

145 दिनों तक मकर राशि में विराजमान रहेंगे शनि देव, इन 3 राशि वालों की खुल सकती है किस्मत

शनि को किसी एक राशि में दोबारा आने में करीब 30 साल का समय लगता है। शनि सभी 12 राशियों का एक चक्कर पूरा करने में 30 साल का समय लेते हैं।

145 दिनों तक मकर राशि में विराजमान रहेंगे शनि देव, इन 3 राशि वालों की खुल सकती है किस्मत
शनि देव हो जा रहे हैं मार्गी- (जनसत्ता)

शनि को सभी ग्रहों में सबसे धीमी गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है, जिसके कारण जातकों पर इसका प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। शास्त्रों में शनि देव को कर्म फलदाता माना गया है। शनि अच्छे कर्म करने वालों को शुभ फल देता है और बुरे कर्म करने वालों को अशुभ फल देता है।

वर्ष 2022 में शनि ने मकर राशि की यात्रा रोककर 29 अप्रैल को कुंभ राशि में प्रवेश किए थे, फिर जून में वक्री और अब वक्री शनि ने 12 जुलाई को मकर राशि में प्रवेश किया है। इस प्रकार शनि देव 145 दिनों तक मकर राशि में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 23 अक्टूबर 2022 तक शनि पीछे की ओर गोचर करेगा। 12 जुलाई को सुबह शनि देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, जहां वह करीब 6 महीने तक रहेंगे। इसके बाद 7 जनवरी 2023 को वह कुंभ राशि में अपनी यात्रा शुरू करेंगे।

आपको बता दें कि जुलाई के महीने में शनि देव ने मकर राशि में गोचर किया है, वह भी वक्री अवस्था में और वह अक्टूबर तक मकर राशि में वक्री अवस्था में रहेंगे। यानी करीब 3 महीने तक शनि वक्री अवस्था में गोचर करेगा। जिसका असर सभी राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन 3 राशियां ऐसी हैं, जिन पर शनि का गोचर फायदेमंद साबित हो सकता है। आइए जानते हैं कौन सी हैं ये 3 राशियां-

मेष (Aries) : ज्योतिष के अनुसार शनि का मकर राशि में वक्री होना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। क्योंकि शनि ग्रह आपकी गोचर कुंडली के दशम भाव में वक्री है, जो व्यापार और नौकरी का भाव माना जाता है। इसलिए इस दौरान आपके मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। साथ ही इस दौरान आपको नौकरी का कोई नया ऑफर मिल सकता है या आपका प्रमोशन भी हो सकता है। इस अवधि में आप व्यापार में अच्छा लाभ कमा सकते हैं। इसके साथ ही इस समय आपकी कार्यशैली में भी सुधार होगा। जिससे कार्यक्षेत्र में आपकी तारीफ हो सकती है। आपका बॉस खुश हो सकता है। साथ ही आपको वरिष्ठों और वरिष्ठों का सहयोग मिल सकता है।

मीन राशि (Pisces) : शनि के मकर राशि में गोचर करते ही आप लोगों के लिए अच्छे दिन शुरू हो सकते हैं। क्योंकि शनि देव आपकी राशि से 11वें भाव में वक्री हो चुके हैं। जिसे ज्योतिष में आय और लाभ का कारक माना गया है। इसलिए इस अवधि में आपकी आमदनी में अच्छी वृद्धि हो सकती है। साथ ही, आप आय के नए स्रोतों से धन कमा सकते हैं। वहीं इस दौरान नए व्यापारिक संबंध बन सकते हैं।

साथ ही आप व्यापार में नए सौदों को अंतिम रूप दे सकते हैं। जिससे आपको भविष्य में अच्छा पैसा मिल सकता है। साथ ही व्यापार में भी इस समय लाभ अच्छा रहेगा। वहीं यदि आपका व्यवसाय या करियर शनि ग्रह और गुरु देव से जुड़ा है तो इस समय आपको अपेक्षित सफलता मिल सकती है। इस समय आप वाहन और संपत्ति खरीदने के बारे में भी सोच सकते हैं। जो आपके लिए अच्छी डील साबित हो सकती है।

धनु (Sagittarius) : शनि देव के वक्री होने के कारण आपको भाग्य का साथ मिल सकता है। क्योंकि शनि देव आपकी गोचर राशि से दूसरे भाव में वक्री हो चुके हैं। जिसे ज्योतिष में धन और वाणी का घर माना जाता है। इसलिए इस समय आप शेयर बाजार और सट्टा-लॉटरी में अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। साथ ही इस दौरान आपको अटका हुआ पैसा भी मिल सकता है। व्यापार में अच्छे लाभ के संकेत हैं। जबकि जिनका कार्यक्षेत्र वाणी से संबंधित है। उन लोगों के लिए समय फायदेमंद रहेगा। वहीं यह समय वाहन और जमीन, संपत्ति की खरीद-बिक्री के लिए भी अनुकूल है। आप लोग पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं। जो आपके लिए लकी स्टोन साबित हो सकता है। हालांकि धनु राशि में शनि का अर्धशतक चल रहा है। इसलिए आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है।

पढें Religion (Religion News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट