Shani Mahadasha: वैदिक ज्योतिष अनुसार हर व्यक्ति के ऊपर नवग्रह की महादशा आती है, जिसका प्रभाव उसके जीवन जीवन और करियर- कारोबार पर पड़ता है। यहां हम बात करने जा रहे हैं शनि देव की महादशा के बारे में, जिसका प्रभाव 19 साल तक रहता है। वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह को आयु, दुख, रोग, पीड़ा, विज्ञान, तकनीकी, लोहा, खनिज तेल, कर्मचारी, सेवक, जेल आदि का कारक माना जाता है। यह मकर और कुंभ राशि का स्वामी होते हैं।साथ ही तुला राशि शनि की उच्च राशि है जबकि मेष इसकी नीच राशि मानी जाती है। ऐसे में जब किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की महादशा शुरू होती है, तो उसका प्रभाव लंबे समय जैसा कि आपको बताया है कि 19 वर्षों तक बना रहता है। यह अवधि व्यक्ति के जीवन में बड़े बदलाव, चुनौतियां और सीख लेकर आ सकती है। साथ ही इस दौरान शनि देव व्यक्ति को मेहनत का पूजा फल प्रदान करते हैं।
वहीं आपको बता दें कि अगर व्यक्ति की जन्मकुंडली में शनि देव अशुभ स्थित हैं तो व्यक्ति को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है है। साथ ही शनि नकारात्मक हो तो साढ़ेसाती या ढैय्या में घोर दरिद्रता देते हैं। वहीं अगर शनि देव कुंडली में शुभ स्थित हैं तो वह व्यक्ति को अपार धन प्रदान कर सकते हैं। साथ ही व्यक्ति को सभी भौतिक सुख प्राप्त हो सकते हैं। साथ ही आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। आइए जानते हैं शनि की महादशा का जीवन में प्रभाव और लाभ- हानि…
शनि की महादशा में इन राशियों को मिल सकता है शुभ फल
ज्योतिष शास्त्र अनुसार मकर और कुंभ राशि के स्वामी खुद शनि देव होते हैं, तो इन लोगों को शनि की महादशा में करियर में उन्नति, जीवन में स्थायित्व और आर्थिक स्थिति अच्छी होती है। लेकिन इस समय शनि देव व्यक्ति को अनुशासित और मेहनती भी बनाते हैं। वहीं वहीं तुला राशि में शनि उच्च का होता है, इसलिए इस राशि के जातकों को इस दौरान सफलता, सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा मिल सकती है।
अगर शनि देव कुंडली में उच्च या मित्र राशि में स्थित हों, तो शनि की महादशा में व्यक्ति को आकस्मिक धनलाभ हो सकता है। साथ ही व्यक्ति की डिसीजन मेकिंग अच्छी होती है। साथ ही व्यक्ति को मान- सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। वहीं व्यक्ति लोकप्रिय होता है। साथ ही मेहनत के साथ- साथ उसको भाग्य का भी साथ मिलता है। अगर आपका काम शनि ग्रह से जुड़ा हुआ है जैसे- लोहा, पेट्रोल, खनिज, शराब से जुड़ा है तो विशेष लाभ के योग बनते हैं। वकील, जज, और प्राइवेट कंपनी से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है।
शनि की महादशा में इन राशियों को मिल सकता है अशुभ फल
वैदिक ज्योतिष मुताबिक मेष, कर्क और सिंह राशि के जातकों के लिए शनि की महादशा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। क्योंकि इन राशियों के स्वामी के साथ शनि देव का शत्रुता का भाव है। इसलिए इस दौरान मानसिक तनाव, कार्यों में देरी, आर्थिक उतार-चढ़ाव और रिश्तों में तनाव जैसी स्थितियां बन सकती हैं।
हालांकि, अगर व्यक्ति संयम और धैर्य के साथ कार्य करे, तो कठिनाइयों से बाहर निकलने के अवसर भी मिलते हैं। वहीं अगर शनि देव कुंडली में निगेटिव (नीच) विराजमान हैं तो व्यक्ति को शनि की दशा में मानसिक और धन को लेकर परेशानी झेलनी पड़ती है। साथ ही व्यक्ति पर झूठे आरोप लगते हैं।
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डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय गणनाओं और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। जनसत्ता इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी तरह के निर्णय पर पहुंचने से पहले संबंधित विषय के विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें। एक राशि के नाम के करोड़ों जातक होते हैं। ऐसे में किसी भी तरह के परिणाम में पहुंचने से पहले अपनी कुंडली की जांच किसी शास्त्र के ज्ञाता, ज्योतिषी, पंडित को अवश्य दिखाएं।
