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Shani Dev ke Upay: शनि की महादशा में भूलकर भी न करें यह काम, कर्मफलदाता को खुश करने के लिए करें ये उपाय

शनि की महादशा के समय व्यक्ति को उसके किये गये कर्मों का ही फल मिलता है। यानि अच्छे कर्मों का अच्छा फल तो बुरे कर्मों का बुरा फल।

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ढाई साल तक शनि देव रहेंगे कुंभ राशि में विराजमान- (जनसत्ता)

Shani Mahadasha: शनि की महादशा सबसे कष्टदायी मानी जाती है। कहते हैं कि जिसकी कुंडली में शनि कमजोर स्थिति में विराजमान होते हैं उन्हें जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। कार्यों के बिगड़ने के ज्यादा आसार रहते हैं। शनि देव को ज्योतिष शास्त्र में विशेष स्थान प्रदान किया गया है।

भगवान शिव ने शनि देव को वरदान दिया हुआ है कि उनकी दृष्टि से कोई नहीं बच सकता है। देवता भी शनि की दृष्टि से नहीं बच सकते हैं। इसीलिए शनि देव अपनी दृष्टि को हमेशा नीचे करके रखते हैं। मान्यताओं अनुसार शनि महादशा के समय कुछ कार्य नहीं करने चाहिए इससे शांडि देव रुष्ट हो जाते हैं। लेकिन खास उपायों को करने से शनि पीड़ा से मुक्ति मिल सकती है। जानिए वो क्या उपाय हैं…

ऐसे पहचाने शनि की महादशा: शनि के कमजोर होने पर माथे की चमक गायब हो जाती है और माथे पर कालापन सा नजर आने लगता है। इसके अलावा शनि की दशा के समय आंखों के नीचे कालापन, गालों पर कालापन, नाखून कमजोर होकर टूटने लगते हैं। घर-परिवार में आपका लगातार क्लेश हो रहा है खासकर शनिवार के दिन या आपको अत्याधिक गुस्सा आना शुरू हो गया है तो हो सकता है आप पर शनि की दशा चल रही हो। ऐसे में अपनी कुंडली दिखाकर उपाय कर लें। शनि के विपरीत होने पर हर किसी से विवाद होता है।

इन कार्यों को करें से बचें: जानकारों के मुताबिक जिसके ऊपर शनि की दशाएं चल रही हों उसे कभी किसी गरीब, रोगी या मेहनत करने का वालों का अपमान नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दौरान किसी दूसरे के कमाएं हुए धन पर निगाह नहीं डालनी चाहिए, लालच करने से बचना चाहिए। किसी भी पशु पक्षी और पर्यावरण को हानि पहुंचाने से बचना चाहिए।

शनि ग्रह के उपाय: ध्यान रखें कि शनिदेव की आराधना सूर्यास्त के बाद करना अधिक फलदायी माना जाता है। शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ की जल में अर्पित करें। इसके बाद शनिदेव का ध्यान करते हुए सरसों के तेल का दीपक जलाएं। संभव हो तो शनिदेव के मंत्रों का भी जाप करें। इसके अलावा एक कटोरी सरसों का तेल लें। इस तेल में अपने छवि देखें। फिर इस तेल को किसी गरीब या जरुरतमंद को दान कर दें।

कोशिश करें कि शनिवार का दिन ढलने के बाद कुष्ठ रोगियों को काले रंग का पेय पदार्थ पिलाएं। संभव हो तो शनिवार के दिन सात प्रकार का अनाज लें और इस अनाज को अपने सिर से सात बार घुमाएं। फिर चौराहे पर रहने वाले पक्षियों के लिए यह अनाज दान कर दें।

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