शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या से पीड़ित इन राशियों के लिए सावन खास, इन उपायों से शनि पीड़ा से मुक्ति मिलने की है मान्यता

Shani Sade Sati And Shani Dhaiya Upay In Sawan 2021: पुराणों के अनुसार, शनि देव भी भगवान शिव की पूजा करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि भोलेनाथ की पूजा से शनि देव की कुदृष्टि नहीं पड़ती।

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सावन में प्रत्येक शनिवार शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।

Shani Sade Sati And Shani Dhaiya Upay In Sawan 2021: कहते हैं कि भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। मान्यता है कि सावन में शिव की पूजा से सभी ग्रहों के साथ शनि ग्रह भी मजबूत होता है। मान्यता है कि भगवान शिव ने ही शनि देव को न्याय और कर्मफल देवता बनाया था। पुराणों के अनुसार, शनि देव भी भगवान शिव की पूजा करते हैं। इसलिए कहा जाता है कि भोलेनाथ की पूजा से शनि देव की कुदृष्टि नहीं पड़ती। यहां आप जानेंगे सावन में शनि दोष से कैसे बचा जा सकता है।

इन राशियों पर है शनि साढ़े साती और शनि ढैय्या: शनि वर्तमान में मकर राशि में गोचर हैं। मिथुन और तुला जातकों पर शनि ढैय्या चल रही है। वहीं धनु, मकर और कुंभ वालों पर शनि की साढ़े साती चल रही है। शनि मकर राशि में वक्री अवस्था में हैं।

सावन में शनि को मजबूत करने के उपाय:
-अगर आर शनि साढ़े साती या फिर शनि ढैय्या से पीड़ित हैं तो सावन के महीने में इससे मुक्ति के लिए रोजाना शिवलिंग पर जल अर्पित करना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से भगवान शंकर की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जल अर्पित करने के बाद तुलीसदास द्वारा रचित श्री रुद्राष्टकम स्तोत्र का पाठ भी अवश्य करें। मान्यता है कि इसका पाठ करने से तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं।

-सावन में प्रत्येक शनिवार शिवलिंग पर कच्चे चावल अर्पित करने चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति मजबूत होती है। मान्यता है कि सावन के महीने में शिव का तांबे के लोटे में जल और काले तिल डालकर जलाभिषेक करने से भी शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है। ज्योतिष अनुसार सावन में भगवान शिव को जल के अलावा शहद से स्नान करवाने से भी शनि के प्रकोप से मुक्ति मिलती है। ये उपाय खासतौर से शनिवार के दिन जरूर कर लेना चाहिए। क्योंकि शनिवार शनि का दिन माना जाता है।

-सावन के प्रत्येक शनिवार को चीटियों को गुड़ जरूर डालना चाहिए। मान्यता है ऐसा करने से शनि देव प्रसन्न हो जाते हैं। इसके अलावा पीपल के पेड़ में पर भी जल चढ़ाना चाहिए। सावन में शनिवार के दिन काले तिल, काले कपड़े, ताला और काले छाते दान करने से शनि के प्रकोप से बचा जा सकता है। (यह भी पढ़ें- ज्योतिष अनुसार सावन में इन 3 राशियों पर मेहरबान रहेंगे महादेव, अच्छी नौकरी के आ सकते हैं ऑफर)

-सावन के हर शनिवार शनिदेव से संबंधित वस्तुओं का जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। ये वस्तुए हैं- काला कपड़ा, काला तिल, काला छाता, चप्पल, काला जूता आदि।

-सावन में प्रत्येक शनिवार शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएं साथ ही तिल के तेल का दीपक भी उनके समक्ष जलाएं और रूद्राक्ष की माला से शनि देव के मंत्रों का जाप करें। साथ ही शनिवार के दिन भगवान शिव के पंचाक्षरी मंत्र का भी जाप करने से शनि पीड़ा से मुक्ति मिल सकती है। शनिवार के दिन एक पान के पत्ते में काले तिल, लोहे की कील, एक रूपए का सिक्का डालकर शनिदेव को जरूर अर्पित करें।

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