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सावन के तीसरे सोमवार को ऐसे करें भगवान शिव की पूजा, भक्तों पर सदैव रहती है भोलेनाथ की दया-दृष्टि

सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहरे तक किया जाता है। व्रत में दिन में एक बार भोजन किया जाता है। शिव पूजा के बाद व्रत की कथा सुननी जरूरी है।

sawan somvar, sawan somvar 2020, sawan somvar vrat vidhi, sawan somvar vrat katha, sawan somvar vrat niyam,मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से शिव भगवान और माता पार्वती की विशेष कृपा बनती है। जीवन धन धान्य से भर जाता है।

20 जुलाई को सावन का तीसरा सोमवार है। खास बात ये है कि इस दिन हरियाली अमावस्या भी मनाई जाएगी। सावन में आने वाले सभी सोमवार को भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। शिव के भक्त व्रत रखते हैं। शिव मंदिरों और शिवालयों में इस दिन शिव का जलाभिषेक किया जाता है। मान्यता है कि सावन सोमवार के दिन व्रत रख शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। जानिए पूजा विधि, मुहूर्त और कथा…

पूजा विधि: सावन सोमवार व्रत सूर्योदय से प्रारंभ कर तीसरे पहरे तक किया जाता है। व्रत में दिन में एक बार भोजन किया जाता है। शिव पूजा के बाद व्रत की कथा सुननी जरूरी है। व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए। घर की सफाई कर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं। गंगाजल या पवित्र जल पूरे घर में छिड़कें। पूजा के लिए घर के किसी पवित्र स्थान पर शिव की मूर्ति या चित्र स्थापित कर लें। पूजन तैयारी के बाद व्रत करने का संकल्प लें। इसके बाद शिव और माता पार्वती का षोडशोपचार पूजन करें। पूजन के बाद व्रत कथा सुनें। शिव की आरती कर प्रसाद वितरण करें। इसके बाद भोजन या फलाहार ग्रहण करें।

Hariyali Amavasya 2020: आज है हरियाली अमावस्या, जानिए पूजा की विधि, महत्व, मुहूर्त और व्रत कथा

व्रत का महत्व: मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से शिव भगवान और माता पार्वती की विशेष कृपा बनती है। जीवन धन धान्य से भर जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि देवी पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने सावन के पूरे महीने उपवास किया। पार्वती की इतनी भक्तिभावना देखकर भोले भंडारी प्रसन्न हो गए और शिव ने उनकी इच्छा पूरी की। इसी प्रचलित कथा को मानते हुए सावन में कुंवारी कन्याओं के सोमवार का व्रत रखने का प्रावधान चला। मान्यता है कि सावन के सोमवार या सोलह सोमवार करने से कुवांरी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

शिव के मंत्र (Lord Shiva Mantra): 

1. ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥
2 . ॐ शिवाय नम:
3. ॐ सर्वात्मने नम:
4. ॐ त्रिनेत्राय नम:
5. ॐ हराय नम:

Somvati Amavasya 2020: सोमवती अमावस्या की पूजा विधि, महत्व, कथा, मुहूर्त और सभी जानकारी यहां देखें

Live Blog

Highlights

    21:46 (IST)20 Jul 2020
    हरियाली अमावस्या से जुड़ी ये भी एक परंपरा

    सोमवती अमावस्या के दिन कई जगह उपवास भी रखा जाता है। जरूरतमंद लोगों को दान-दक्षिणा दें। पीपल के वृक्ष की पूजा करें। हो सके तो इस दिन पीपल, बरगद, केला, नींबू या तुलसी के पेड़ का वृक्षारोपण जरूर करें। हरियाली अमावस्या के दिन नदी या तालाब में जाकर मछली को आटे की गोलियां खिलाने की भी परंपरा है।

    21:05 (IST)20 Jul 2020
    अमावस्या पर पितर देवताओं की पूजा और श्राद्ध करने की भी परंपरा है

    सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव, पार्वती, गणेशजी और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। इस दिन जलाभिषेक करना भी विशेष रूप से फलदायी बताया गया है। कई लोग इस दिन व्रत भी रखते हैं। अमावस्या को महिलाएं तुलसी या पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा भी करती हैं। कई जगह अमावस्या पर पितर देवताओं की पूजा और श्राद्ध करने की भी परंपरा है।

    20:06 (IST)20 Jul 2020
    इस साल श्रावण मास में कई विशेष संयोंग बन रहे हैं

    आज सावन का तीसरा सोमवार है इसके सात ही आज अमावस्या भी है। सावन के महीने में सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। इस साल श्रावण मास में कई विशेष संयोंग बन रहे हैं। मालूम हो कि सावन की शुरुआत सोमवार से ही हुई है और सावन का आखिरी दिन भी सोमवार को ही पड़ रहा है। 

    19:29 (IST)20 Jul 2020
    शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय मंत्रों का जाप है जरूरी

    सावन में सोमवार को व्रत रखने वालीं व्रती सुबह जल्दी उठें। स्नान करने के बाद शिव पूजन में प्रयोग की जानी वाली सामग्री को एकत्र करें और घर में या घर के पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा करें। सभी पूजन सामग्री को भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करने के बाद शिवजी को प्रणाम करें। ध्यान रहे इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शिव के मंत्रों का लगातार जाप करते रहें।

    18:40 (IST)20 Jul 2020
    पीपल की पूजा से मिलता है ये फल

    पीपल के मूल भाग में जल, दूध चढ़ाने से पितृ तृप्त होते हैं तथा शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव शांत होते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर विधि विधान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए।

    17:56 (IST)20 Jul 2020
    ये है शिव पूजन विधि...

    जल में गंगाजल मिलाकर भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक करें। अब उनको गाय का दूध, सफेद फूल, अक्षत्, पंचामृत, सुपारी भांग, धतूरा, बेल पत्र, सफेद चंदन आदि सादर पूवर्क चढ़ाएं। राम नाम लिखे 12 बेल पत्र भोलेनाथ को चढ़ाना कल्याणकारी माना जाता है। पंचाक्षर मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित कर दें। इसके पश्चात माता पार्वती को फल, फूल, सिंदूर, अक्षत् एवं सुहाग की सामग्री अर्पित करें। दोनों की पूजा के बाद भगवान कार्तिकेय और गणेश जी की पूजा करें। इसके बाद शिव परिवार को दीपक अर्पित करें। शिव चालीसा का पाठ करने के बाद शिव जी की आरती करें।

    17:33 (IST)20 Jul 2020
    अशुभ ग्रहों की दृष्टि से भक्त रहते हैं दूर

    सावन मास में सोमवार के दिन शिवजी की पूजा का विशेष लाभ मिलता है। इस दिन पूजा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों को आर्शीवाद प्रदान करते हैं। वहीं जिन लोगों की राशि पर अशुभ ग्रह की छाया या दृष्टि होती है उसे भी दूर करने में मदद मिलती है।

    17:05 (IST)20 Jul 2020
    रुद्राभिषेक का महत्व...

    रूद्र का अभिषेक करने से सभी देवों का भी अभिषेक करने का फल उसी क्षण मिल जाता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है। इनमें दूध से पुत्र प्राप्ति, गन्ने के रस से यश उत्तम पति/पत्नी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश एवं जल से रोग मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    16:32 (IST)20 Jul 2020
    Sawan Somvar: भोलेनाथ को कैसे करें प्रसन्न

    भोलेनाथ एक लोटा जल और एक पत्ती को अर्पित करने मात्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं। इस दिन व्रती सुबह जल्दी उठें। इसके बाद शिव पूजन में प्रयोग की जानी वाली सामग्री को एकत्र कर घर के पास के शिव मंदिर में जाकर पूजा करें। सभी पूजन सामग्री को भगवान शिव और माता पार्वती को अर्पित करने के बाद शिवजी को प्रणाम करें। ध्यान रहे इस दौरान शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय शिव के मंत्रों का लगातार जाप करते रहें।

    16:03 (IST)20 Jul 2020
    तांबे के पात्र का करें इस्तेमाल

    इस दिन सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान करें। स्नान के बाद पूजा आरंभ करें। इस दिन तांबे का पात्र लेकर उसमें कुछ चावल, दूध, शहद, दही, फूल, बेल पत्री, गंगाजल आदि मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं। अभिषेक के दौरान शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए। इस दिन दान आदि भी कर सकते हैं।

    15:32 (IST)20 Jul 2020
    Sawan Somvar: आज ही पड़ रहा सोमवती अमावस्या

    अमावस्या को पितरों की पूजा की जाती है। इस दिन पितरों की शांति के लिए दान आदि का कार्य शुभ माना गया है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृदोष पाया जाता है उन्हें इस दिन पूजा करने से पितृ दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन हरियाली अमावस्या भी है। इस दिन का संबंध प्रकृति और मानसून से है। इस दिन प्रकृति की पूजा जाती है। इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

    15:02 (IST)20 Jul 2020
    कोरोना काल में सावन...

    सावन सोमवार पर सोमवती अमावस्या भी है जिस कारण से इस सावन सोमवार का महत्व और भी बढ़ गया है। सावन सोमवार के दिन शिव मंदिरों में बढ़ी भीड़ रहती है लेकिन इस वर्ष कोरोना संकटकाल के कारण ज्यादातर मंदिरों में बहुत ही कम लोग जलाभिषेक करेंगे।हालांकि इस दौरान लोग अपने-अपने घरों में रहकर विधिवत रूप से सावन सोमवार पर भोलेनाथ की पूजा-आराधना जरूर करते हैं।

    14:32 (IST)20 Jul 2020
    ग्रह-दशा में आता है सुधार

    भगवान शिव की पूजा से ग्रहों की अशुभता दूर होती है। शिवजी की पूजा करने से अशुभ ग्रह भी शुभ फल प्रदान करने लगते हैं। इस समय मिथुन राशि में राहु और मकर राशि राशि में शनि चल रहे हैं।

    14:01 (IST)20 Jul 2020
    Sawan Somvar 2020: इन मंत्रों के जाप से होगा फायदा...

    1. ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥

    2 . ॐ शिवाय नम:

    3. ॐ सर्वात्मने नम:

    4. ॐ त्रिनेत्राय नम:

    5. ॐ हराय नम:

    13:30 (IST)20 Jul 2020
    भगवान शिव को चढ़ाएं दूध, धतूरा और बेलपत्र...

    मान्यता है कि सावन के महीने में भगवान शंकर का ध्यान लगाकर जो भक्त उनकी आराधना करता है, उनके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और संकटों का सामना नहीं करना पड़ता है. आज शिवालयों में दूध, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाएं.

    13:00 (IST)20 Jul 2020
    घर पर ही कर सकते हैं शिवजी का अभिषेक...

    जो लोग शिवालय नहीं जा सकते हैं, वे अपने घर में ही शिवलिंग का अभिषेक और पूजन कर सकते हैं. जिसके घर पर शिवलिंग न हो, वह आंगन में लगे किसी पौधे को शिवलिंग मानकर या मिट्टी का शिवलिंग बनाकर उसका पूजन कर सकते हैं. मिट्टी से शिवलिंग बनाकर पूजन करने को ही पार्थिव शिवपूजन कहा जाता है. ये पूजा शुभ फल देने वाली मानी जाती है.

    12:15 (IST)20 Jul 2020
    शिव पूजा सामग्री...

    भगवान शिवजी की पूजा में गंगाजल का उपयोग जरूर करें. शिवजी की पूजा के समय शिवलिंग, माता पार्वती, कार्तिकेयजी, गणेशजी और उनके वाहन नन्दी की संयुक्त रूप से पूजा की जानी चाहिए. शिवजी की पूजा में लगने वाली सामग्री में जल, दूध, दही, चीनी, घी, शहद, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, जनेऊ, चन्दन, रोली, चावल, फूल, बिल्वपत्र, दूर्वा, फल, विजिया, आक, धूतूरा, कमल−गट्टा, पान, सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, भांग, धूप, दीप का इस्तेमाल करें.

    11:25 (IST)20 Jul 2020
    शिवलिंग पर इन चीजों प्रयोग है वर्जित...

    शिव पूजन करते समय कभी भी तुलसी के पत्तों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. तुलसी के पत्ते भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण को प्रिय है. नारियल का प्रयोग कभी भी शिव जी का पूजन करते समय इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. दरअसल नारियल का संबंध देवी लक्ष्मी से होता है और देवी लक्ष्मी भगवान विष्णु की पत्नी है. शिवलिंग की पूजा में कभी भी कुमकुम का प्रयोग नहीं करना चाहिए। कुमकुम सुहाग की निशानी है.

    10:55 (IST)20 Jul 2020
    Shiv Puja Method: शिव पूजा विधि...

    शास्त्री कोसलेन्द्रदास के अनुसार श्रावण मास संवत्सर का हृदय है। लोकभाषा में यही सावन मास महादेव को सर्वाधिक प्रिय है। वैसे तो भगवान शंकर के पूजन में किसी विशेष विधि-विधान की आवश्यकता नहीं है फिर भी कर्मकांड के अनेक ग्रंथों में शिव पूजन विधि का विस्तार से वर्णन है। जानिए शिव पूजा की पूरी विधि विस्तार से यहां...

    10:30 (IST)20 Jul 2020
    आज का पंचांग...

    Panchang Today 20 July 2020: जब अमावस्या सोमवार के दिन पड़ती है तो उसे सोमवती अमावस्या (Somvati Amavasya) के नाम से भी जाना जाता है। पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति के लिए अमावस्या के खास उपाय किए जाते हैं। आज नक्षत्र पुनर्वसु, योग हर्षण, सूर्य राशि कर्क और चंद्र राशि मिथुन रहेगी। आज का पूरा पंचांग यहां देखें

    09:58 (IST)20 Jul 2020
    शिव मंत्र...

    ॐ नमः शिवाय॥नम: शिवाय॥ॐ ह्रीं ह्रौं नम: शिवाय॥ॐ पार्वतीपतये नम:॥ॐ पशुपतये नम:॥ॐ नम: शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नम: ॐ ॥

    09:28 (IST)20 Jul 2020
    रुद्राभिषेक की विधि:

    रूद्र का अभिषेक करने से सभी देवों का भी अभिषेक करने का फल उसी क्षण मिल जाता है। रुद्राभिषेक में सृष्टि की समस्त मनोकामनायें पूर्ण करने की शक्ति है अतः अपनी आवश्यकता अनुसार अलग-अलग पदार्थों से अभिषेक करके प्राणी इच्छित फल प्राप्त कर सकता है। इनमें दूध से पुत्र प्राप्ति, गन्ने के रस से यश उत्तम पति/पत्नी की प्राप्ति, शहद से कर्ज मुक्ति, कुश एवं जल से रोग मुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी तथा तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    09:12 (IST)20 Jul 2020
    शिव पूजा विधि (Shiv Puja Vidhi):

    जल में गंगाजल मिलाकर भगवान शिव शंकर का जलाभिषेक करें। अब उनको गाय का दूध, सफेद फूल, अक्षत्, पंचामृत, सुपारी भांग, धतूरा, बेल पत्र, सफेद चंदन आदि सादर पूवर्क चढ़ाएं। राम नाम लिखे 12 बेल पत्र भोलेनाथ को चढ़ाना कल्याणकारी माना जाता है। पंचाक्षर मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव को बेल पत्र अर्पित कर दें। इसके पश्चात माता पार्वती को फल, फूल, सिंदूर, अक्षत् एवं सुहाग की सामग्री अर्पित करें। दोनों की पूजा के बाद भगवान कार्तिकेय और गणेश जी की पूजा करें। इसके बाद शिव परिवार को दीपक अर्पित करें। शिव चालीसा का पाठ करने के बाद शिव जी की आरती करें।

    08:50 (IST)20 Jul 2020
    Shiv Aarti: शिव आरती...

    जय शिव ओंकारा ॐ जय शिव ओंकारा ।ब्रह्मा विष्णु सदा शिव अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ जय शिव...॥

    एकानन चतुरानन पंचानन राजे ।हंसानन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ जय शिव...॥

    दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे।त्रिगुण रूपनिरखता त्रिभुवन जन मोहे ॥ ॐ जय शिव...॥

    अक्षमाला बनमाला रुण्डमाला धारी ।चंदन मृगमद सोहै भाले शशिधारी ॥ ॐ जय शिव...॥

    श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे ।सनकादिक गरुणादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ जय शिव...॥

    कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता ।जगकर्ता जगभर्ता जगसंहारकर्ता ॥ ॐ जय शिव...॥

    ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।प्रणवाक्षर मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ जय शिव...॥

    काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दी ब्रह्मचारी ।नित उठि भोग लगावत महिमा अति भारी ॥ ॐ जय शिव...॥

    त्रिगुण शिवजीकी आरती जो कोई नर गावे ।कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ जय शिव...॥

    08:25 (IST)20 Jul 2020
    Sawan Somvar: सोमवार को ये करें...

    इस दिन तांबे का पात्र लेकर उसमें कुछ चावल, दूध, शहद, दही, फूल, बेल पत्री, गंगाजल आदि मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. अभिषेक के दौरान शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दिन दान आदि भी कर सकते हैं.

    08:01 (IST)20 Jul 2020
    रुद्राभिषेक से शिव होते है प्रसन्न (Rudrabhishesk)

    महादेव के लिए अभिषेक जलधाराप्रिय: शिव: इस शास्त्र वाक्य के अनुसार भगवान शंकर को निर्मल जल की धारा सबसे प्रिय है। वायुपुराण में स्पष्ट लिखा है कि जो व्यक्ति किसी भी पदार्थ का दान करे या वह सारे धन-धान्य, स्वर्ण और औषधियों से भले युक्त हो पर इन सबके साथ ही यदि वह महादेव को जल चढ़ाता है और सावन मास में श्रद्धायुक्त होकर रुद्राभिषेक करता है तो वह उसी शरीर से भगवान शिव को प्राप्त कर लेता है। इसलिए हरेक व्यक्ति को पूरे सावन मास में प्रतिदिन रुद्राभिषेक करना चाहिए।

    07:46 (IST)20 Jul 2020
    सावन सोमवार के शुभ मुहूर्त:

    अभिजित मुहूर्त: 12:00 PM से 12:55 PMअमृत काल: 06:59 PM से 08:34 PMसर्वार्थ सिद्धि योग: 09:21 PM से 05:36 AM, 21 जुलाईविजय मुहूर्त: 02:45 PM से 03:39 PMगोधूलि मुहूर्त: 07:05 PM से 07:29 PMसायाह्न सन्ध्या: 07:19 PM से 08:21 PM

    06:30 (IST)20 Jul 2020
    पितरों को तृप्त करने और शनि भगवान को शांत करने के लिए आज यह काम करें

    पीपल के मूल भाग में जल, दूध चढ़ाने से पितृ तृप्त होते हैं तथा शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनिदेव शांत होते हैं। इस दिन सुबह जल्दी उठकर विधि विधान भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करनी चाहिए। 

    05:59 (IST)20 Jul 2020
    पीपल और तुलसी के पेड़ की पूजा करने से परिवार में आनंद का माहौल बनता है

    हरियाली अमावस्या के दिन पीपल और तुलसी के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। साथ ही पीपल के वृक्ष की परिक्रमा भी करनी चाहिए तथा मालपुआ का भोग लगाने की परंपरा है। इससे परिवार में आनंद का माहौल बनता है।

    05:32 (IST)20 Jul 2020
    हरियाली अमावस्या को पेड़ अवश्य लगाना चाहिए

    आज सोमवती और हरियाली अमावस्या है। आज के दिन सभी को पौधरोपण करना चाहिए। इससे घर में सुख-शांति और संपन्नता आएगी। शास्त्रों के अनुसार अगर आज संभव न हुआ तो आठ दिन के दिन अंदर जरूर लगा दें। 

    05:14 (IST)20 Jul 2020
    सोमवती अमावस्या को पितरों की पूजा करने से पितृदोष कम होता है

    सोमवती अमावस्या को पितरों की पूजा की जाती है। इस दिन पितरों की शांति के लिए दान आदि का कार्य शुभ माना गया है। जिन लोगों की जन्म कुंडली में पितृदोष पाया जाता है, उन्हें इस दिन पूजा करने से पितृ दोष कम होता है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। इस दिन हरियाली अमावस्या भी है. इस दिन का संबंध प्रकृति और मानसून से है. इस दिन प्रकृति की पूजा जाती है. इस दिन पीपल के वृक्ष की पूजा करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है.

    04:46 (IST)20 Jul 2020
    सोमवती अमावस्या और हरियाली अमावस्या एक साथ, पूजा का विशेष पुण्य

    इस बार सावन के तीसरे सोमवार को सोमवती अमावस्या और हरियाली अमावस्या का पर्व भी पड़ रहा है. यह एक शुभ संयोग है। इस दिन की पूजा का विशेष पुण्य प्राप्त होता है।

    04:33 (IST)20 Jul 2020
    तांबे के पात्र में जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाएं

    इस दिन सुबह सूर्य उदय से पहले उठकर स्नान करें. स्नान के बाद पूजा आरंभ करें. इस दिन तांबे का पात्र लेकर उसमें कुछ चावल, दूध, शहद, दही, फूल, बेल पत्री, गंगाजल आदि मिलाकर शिवलिंग पर चढ़ाएं. अभिषेक के दौरान शिव मंत्रों का जाप करना चाहिए. इस दिन दान आदि भी कर सकते हैं.

    04:09 (IST)20 Jul 2020
    अखंड सुहाग की कामना कर महिलाएं करें शिव-पार्वती का पूजन

    सोमवती अमावस्या पर महिलाएं अखंड सुहाग की कामना कर शिव-पार्वती का पूजन-अर्चन करें। पूजन के लिए फूल-अक्षत और दान के लिए शृंगार सामग्री चढ़ाएं। आज का दिन बहुत फलदायी है।

    22:44 (IST)19 Jul 2020
    सोमवार को व्रत रखने, जलाभिषेक और आराधना करने से खुशियां और संपन्नता आती हैं  

    सावन का पूरा महीना पवित्र और फलदायी महीना होता है। इस महीने में भगवान शिव की आराधना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। इस बार सावन का पहला और अंतिम दिन दोनों सोमवार को हैं। सोमवार को व्रत रखने, शिव भगवान को जलाभिषेक करने और शिव आराधना करने से सभी पाप नष्ट हो जाते हैं, घर में खुशियां होती हैं और धन-धान्य संपन्नता आती हैं।  

    21:37 (IST)19 Jul 2020
    Sawan Somvar 2020: व्रत में कैसा हो भोजन...

    व्रत रखने के सबके अपने नियम और परंपरा है, कुछ लोग मीठा खाना पसंद करते हैं तो कुछ लोग नमकीन। इस बात का ध्यान रखें कि खाना पूरी तरह सात्विक हो और उसे बनाने में सेंधा नमक का इस्तेमाल किया गया हो।

    21:10 (IST)19 Jul 2020
    इस दिशा में चेहरा करके करें पूजा

    श‍िव पुराण के अनुसार शिवलिंग की पूजा करते समय मुख सदैव उत्तर की ओर रखना चाहिए क्‍योंक‍ि पूर्व दिशा की ओर खडे़ होकर या बैठकर शिवलिंग की पूजा करने से शिव के सामने का भाग बाधित होता है जो शुभफलदायी नहीं होता है। कहा जाता है क‍ि उत्तर की ओर बैठकर या खडे़ होकर पूजा करने से देवी पार्वती का अपमान होता है क्योंकि यह शिव का बायां भाग पड़ता है जहां देवी पार्वती का स्थान है। इसलिए दक्षिण दिशा में बैठकर सामने की ओर यानी उत्तर की ओर मुख करके शिवलिंग की पूजन करनी चाह‍िए. ऐसा करने से भक्त को माता पार्वती और भोलेनाथ की कृपा म‍िलती है।

    20:42 (IST)19 Jul 2020
    ये है पौराणिक मान्यता...

    धार्मिक कथाओं और प्रचलित था के अनुसार माना जाता है कि देवी पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने सावन के पूरे महीने उपवास किया। कहते हैं कि पार्वती की इतनी भक्ति भावना देखकर भोले भंडारी प्रसन्न हो गए थे और उनकी शिव ने उनकी इच्छा पूरी की। इसी प्रचलित कथा को मानते हुए सावन में कुंवारी कन्याओं के सोमवार का व्रत रखने का प्रावधान चला। मान्यता है कि सावन के सोमवार या सोलह सोमवार करने से कुवांरी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

    20:10 (IST)19 Jul 2020
    इन मंत्रों से मिल सकता है लाभ

    1. ऊँ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्‌।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्‌॥2 . ॐ शिवाय नम:3. ॐ सर्वात्मने नम:4. ॐ त्रिनेत्राय नम:5. ॐ हराय नम:

    19:40 (IST)19 Jul 2020
    क्या है इस दिन व्रत रखने का महत्व

    मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से शिव भगवान और माता पार्वती की विशेष कृपा बनती है। जीवन धन धान्य से भर जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि देवी पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने सावन के पूरे महीने उपवास किया। पार्वती की इतनी भक्तिभावना देखकर भोले भंडारी प्रसन्न हो गए और शिव ने उनकी इच्छा पूरी की। इसी प्रचलित कथा को मानते हुए सावन में कुंवारी कन्याओं के सोमवार का व्रत रखने का प्रावधान चला। मान्यता है कि सावन के सोमवार या सोलह सोमवार करने से कुवांरी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

    19:10 (IST)19 Jul 2020
    कैसे दूध से करें भोलेनाथ का अभिषेक

    उबले हुए दूध से शिवलिंग का अभिषेक ना करें। शिवलिंग का अभिषेक सदैव ठंडे जल और कच्चे दूध से करना चाहिए।

    18:40 (IST)19 Jul 2020
    Sawan Somvar: भगवान शिव को नहीं चढ़ाने चाहिए ऐसे बेलपत्र

    जो बेलपत्र भोलेनाथ को चढ़ाया जाता है उसमें छेद नहीं होने चाहिए। शिवलिंग पर तीन पत्ते वाले बेलपत्र चढ़ाने चाहिए जो कोमल और अखण्ड हों। बेलपत्र पर किसी भी तरह का वज्र या चक्र का निशान नहीं होना चाहिए। बता दें कि पत्ते में सफेद दाग चक्र और डंठल में गांठ वज्र कहलाता है। हमेशा शिवलिंग पर बेलपत्र को उल्टा ही चढ़ाना चाहिए।

    18:10 (IST)19 Jul 2020
    इस तरह पूजा करने से ध्यान लगाने में होती है मुश्किल...

    हल्दी का संबंध भगवान व‌िष्‍णु और सौभाग्य से है, इसल‌िए यह भगवान श‌िव को नहीं चढ़ता है। अगर ऐसा आप करती हैं तो इससे आपका चंद्रमा कमजोर होने लगता है और चंद्रमा कमजोर होने से आपका मन चंचल हो जाएगा आप किसी एक चीज में मन लगाकर काम नहीं कर पाएंगे।

    17:39 (IST)19 Jul 2020
    Sawn Somvar 2020: बेलपत्र तोड़ने को लेकर ये है नियम

    चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रान्ति और सोमवार को बेलपत्र नहीं तोड़ने चाहिए। शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए आप एक दिन पहले बेलपत्र तोड़कर रख सकते हैं।

    17:09 (IST)19 Jul 2020
    भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए तांबे व पीतल के लोटे का करें इस्तेमाल

    भगवान शिव को जल चढ़ाते वक्त खास बर्तन का इस्तेमाल किया जाता है। हमेशा याद रखें कि शिवलिंग पर जल तांबे के लोटे से चढ़ाया जाता है, जबकि पीतल के लोटे से दूध चढ़ाया जाता है।

    16:36 (IST)19 Jul 2020
    Sawan Somvar: सावन में पीपल के पेड़ की पूजा

    पीपल के वृक्ष की पूजा करें। क्योंकि पीपल के वृक्ष में भगवान शिव का वास माना जाता है। मान्यता है कि वृक्ष के ऊपरी हिस्से में भगवान शिव का वास होता है। पीपल के वृक्ष में ही शनि देव भी विराजते हैं इसलिए पीपल की पूजा करने से शनि की अशुभता कम होती है।

    15:59 (IST)19 Jul 2020
    हर मनोकामना होती है पूरी...

    हिन्दुओं के लिए सावन के महीने का विशेष महत्व हैं और इन दिनों मंदिरों में भक्तों की काफी भीड़ देखने को मिल रही है। सावन महीने के हर सोमवार को व्रत रखने का प्रावधान है। माना जाता है कि इस दौरान महादेव की पूजा करने से हर मनोकामना पूरी होती है।

    15:29 (IST)19 Jul 2020
    कैसे करें शिवलिंग की पहचान

    श‍िवल‍िंग के पहले प्रकार को उत्तम शिवलिंग कहते हैं। उत्‍तम श‍िवलिंग उसे कहते हैं जिसके नीचे वेदी बना हो और वह वेदी से चार अंगुल ऊंचा हो। इसे ही सबसे अच्छा यानी क‍ि उत्‍तम शिवलिंग माना गया है। दूसरे प्रकार के श‍िवल‍िंग को मध्यम और तीसरे प्रकार के श‍िवल‍िंग को अधम श्रेणी का श‍िवलिंग कहा गया है। जो शिवलिंग वेदी से चार अंगुल से कम होता है वह मध्यम माना गया है। वहीं जो इससे भी कम हो वह अधम श्रेणी का माना गया है।

    14:58 (IST)19 Jul 2020
    Sawan Somwar 2020: इतने प्रकार के होते हैं शिवलिंग...

    भोलेनाथ को खुश करने के लिए भक्त उनके लिंग रूप की पूजा करते हैं. शिव पुराण में शिवलिंग तीन प्रकार के बताए गए हैं. इन्‍हें उत्तम, मध्यम और अधम कहा गया है

    14:28 (IST)19 Jul 2020
    सावन सोमवार पर व्रत का महत्व

    मान्यता है कि सावन सोमवार व्रत रखने से शिव भगवान और माता पार्वती की विशेष कृपा बनती है। जीवन धन धान्य से भर जाता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार माना जाता है कि देवी पार्वती भगवान शिव से विवाह करना चाहती थीं और इसके लिए उन्होंने सावन के पूरे महीने उपवास किया। पार्वती की इतनी भक्तिभावना देखकर भोले भंडारी प्रसन्न हो गए और शिव ने उनकी इच्छा पूरी की। इसी प्रचलित कथा को मानते हुए सावन में कुंवारी कन्याओं के सोमवार का व्रत रखने का प्रावधान चला। मान्यता है कि सावन के सोमवार या सोलह सोमवार करने से कुवांरी कन्याओं को मनचाहा वर मिलता है।

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